विदेश की खबरें | बकिंघम पैलेस ने सोमवार को होने वाले महारानी के राजकीय अंतिम संस्कार का ब्योरा सार्वजनिक किया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

बकिंघम पैलेस ने सोमवार को होने वाले महारानी के अंतिम संस्कार और विंडसर के सेंट जॉर्ज चैपल में होने वाले एक समारोह का विवरण बृहस्पतिवार को सार्वजनिक किया।

महारानी का आठ सितंबर को उनके बाल्मोरल कैसल स्थित ग्रीष्मकालीन आवास पर निधन हो गया था। वह 96 वर्ष की थीं।

अंतिम संस्कार संबंधी व्यवस्थाओं के प्रभारी अधिकारी एडवर्ड विलियम फिटजालान होवार्डने कहा कि आने वाले दिनों में अंतिम संस्कार और अन्य कार्यक्रमों का उद्देश्य ‘‘दुनिया भर के लोगों को एकजुट करना और सभी धर्मों के लोगों के साथ इसे प्रतिध्वनित करना है, वहीं एक असाधारण शासनकाल के लिए उचित श्रद्धांजलि की महारानी और उनके परिवार की इच्छाओं को पूरा करना है।’’

महारानी के ताबूत की यात्रा को देखने के लिए बृहस्पतिवार को हजारों लोग लंदन में टेम्स नदी के किनारे चार मील से अधिक दूरी तक कतारबद्ध खड़े थे।

अधिकारी ने कहा, ‘‘महारानी का हम सभी की जिंदगी में अद्वितीय और शाश्वत स्थान है। पिछले कुछ दिन में यह बात बहुत शिद्दत से महसूस की गयी है।’’

शुक्रवार शाम को महाराजा चार्ल्स तृतीय और उनके भाई-बहन अपनी मां के ताबूत के पास 15 मिनट तक खड़े रहेंगे जिसे संसद भवन में 900 साल पुराने वेस्टमिंस्टर हॉल में रखा गया है।

राजकीय अंतिम संस्कार के तहत महारानी को श्रद्धांजलि देने के लिए विभिन्न देशों के राष्ट्रप्रमुख और अन्य गणमान्य लोगों समेत करीब 2000 अतिथि भाग लेंगे। इसके बाद महारानी के ताबूत को घोड़ों वाली तोपगाड़ी से निकाला जाएगा और फिर राजकीय शववाहन से विंडसर तक ले जाया जाएगा। यहां पर महारानी के शव को उनके दिवंगत पति प्रिंस फिलिप की कब्र के साथ दफनाया जाएगा जिनका पिछले साल निधन हो गया था।

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