लंदन, 30 अगस्त ब्रिटेन सरकार ने विदेश और दूरे देशों को सहायता देने का काम देखने वाले मंत्रालयों का आपस में विलय कर नये मंत्रालय का सृजन किया है। इस नये मंत्रालय के तहत ब्रिटेन की सरकार ने अन्य देशों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता की समीक्षा शुरू की है।
नये मंत्रालय को विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय नाम दिया गया है। इसे बुधवार को शुरू किया गया।
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने जनवरी में वृहद मंत्रालय (सुपर डिपार्टमेंट) बनाने की घोषणा की थी। उनकी इसी घोषणा के तहत विदेश एवं राष्ट्रमंडल कार्यालय और अंतरराष्ट्रीय मामलों के मंत्रालय को मिलाकर नये मंत्रालय का गठन किया गया है।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डॉमिनिक राब ने सप्ताहांत पर जारी एक बयान में कहा, ‘‘हम अपनी विदेश नीति के प्रभाव को बढ़ाने के लिये नये मंत्रालय के तहत अपने सहायता बजट को कूटनीतिक उद्देश्यों के साथ जोड़ रहे हैं।’’
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ब्रिटेन ने भारत के लिए अनुदान के अपने परंपरागत कार्यक्रम को 2015 में सम्पन्न किया जो परियोजना आधारित होने के बजाय पारस्परिक संबंधों की मजबूती पर केंद्रित था।
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