विदेश की खबरें | संरा की प्रतिबंध व्यवस्था के तहत आतंकवादियों को सूचीबद्ध करने के लिए काम कर सकता है ब्रिक्स: डोभाल
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

जोहानिसबर्ग, 26 जुलाई राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने चीन पर परोक्ष हमला करते हुए कहा है कि ब्रिक्स संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद विरोधी प्रतिबंध व्यवस्था के तहत आतंकवादियों और उनके लिए छद्म रूप से काम करने वालों को सूचीबद्ध करने के लिए मिलकर काम कर सकता है, लेकिन यह प्रक्रिया ‘‘राजनीति एवं दोहरे मापदंडों’’ से मुक्त होनी चाहिए।

डोभाल ने यहां मंगलवार को ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान ये टिप्पणियां की। इस बैठक में चीन का प्रतिनिधित्व वांग यी ने कहा। वांग यी को उनके पूर्ववर्ती क्विन गांग को बर्खास्त किए जाने के बाद फिर से देश का विदेश मंत्री नियुक्त किया गया है।

पाकिस्तान के मित्र देश चीन ने लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान से काम कर रहे अन्य आतंवादियों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के कदमों को बार-बार अवरुद्ध किया है।

डोभाल ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों पर प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था के तहत आतंकवादियों और उनके लिए छद्म रूप से काम करने वाले वालों को सूचीबद्ध करना ऐसा क्षेत्र है, जिसमें ब्रिक्स देश मिलकर काम कर सकते हैं।

उन्होंने किसी देश का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि यूएनएससी प्रतिबंध समिति की निर्णय लेने की प्रक्रिया राजनीति एवं दोहरे मानकों से मुक्त हो।’’’

ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स के सदस्य हैं।

डोभाल ने ब्रिक्स देशों के एनएसए की 13वीं बैठक में कहा कि आतंकवाद राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘अफ-पाक (अफगानिस्तान-पाकिस्तान) क्षेत्र में आतंकवादी संगठन किसी कार्रवाई के डर के बिना काम कर रहे हैं।’’

डोभाल ने कहा कि ब्रिक्स एनएसए की बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब वैश्विक सुरक्षा की स्थिति अनिश्चित है, तनाव बढ़ रहा है और दुनिया की अर्थव्यवस्था वैश्विक महामारी के बाद के प्रभाव से अब भी उबर रही है। उन्होंने कहा कि साइबर, समुद्री और अंतरिक्ष संबंधी वैश्विक साझा मामलों पर विवाद है।

डोभाल ने कहा कि खाद्य, पानी और ऊर्जा सुरक्षा की गैर-परंपरागत चुनौतियां बढ़ गई हैं और दक्षिण अफ्रीका द्वारा इन मामलों को ब्रिक्स एनएसए की बैठक में शामिल करना सुरक्षा के व्यापक आयाम की स्पष्ट समझ को दर्शाता है।

उन्होंने जी20 की भारत की मौजूदा अध्यक्षता के लिए सहयोग देने पर दक्षिण अफ्रीका की सराहना की और अगले साल दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता के दौरान भारत के सहयोग का आश्वासन दिया।

डोभाल ने साझा लक्ष्यों को पूरा करने और उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए क्षेत्रीय तंत्र के उपयोग पर जोर दिया।

डोभाल ने जल का हथियार की तरह इस्तेमाल किए जाने के उदाहरणों का उल्लेख किया और सीमा पर साझा जल संसाधनों के संबंध में पूर्ण पारदर्शिता बरतने एवं निर्बाध तरीके से जानकारी साझा करने की व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि पानी के राजनीतिकरण का विरोध करने की जरूरत है।

सिंधु नदी के जल के बंटवारे को लेकर भारत का पाकिस्तान के साथ विवाद है। भारत ने तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन की बांध निर्माण गतिविधियों पर भी चिंता व्यक्त की है।

डोभाल ने उल्लेख किया कि संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को अंतरराष्ट्रीय श्रीअन्न दिवस घोषित किया है।

उन्होंने कहा कि भारत ने वैश्विक महामारी के दौरान दुनिया की खाद्य आपूर्ति प्रणाली में मुख्य भूमिका निभाई और कई देशों की मदद की। उन्होंने कहा कि खाद्य आपूर्ति के साथ उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है और आज उर्वरकों की कमी कल का खाद्य संकट बन सकती है।

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