देश की खबरें | ‘मराठी डांडिया’ से मराठी लोगों की एकजुटता तोड़ना, भाजपा का भ्रम: ठाकरे नीत शिवसेना

मुंबई, 28 सितंबर मुंबई में महाराष्ट्रीयन बहुल इलाकों में ‘मराठी डांडिया’ का आयोजन करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आड़े हाथों लेते हुए उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना ने बुधवार को कहा कि भाजपा इस भ्रम में है कि वह इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए मराठी लोगों की एकजुटता तोड़ी जा सकती है।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली सरकार में साझेदार भाजपा ने ऐलान किया है कि उसकी योजना नवरात्र उत्सव के दौरान मराठी भाषी बहुल इलाकों में ‘मराठी डांडिया’ का आयोजन करने की है।

ऐसे नृत्य कार्यक्रमों में (हिंदी या गुजराती के बजाय) अधिकतर मराठी गाने बजाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों को मुंबई नगर निकाय चुनाव से पहले मराठी मतदाताओं को रिझाने की भाजपा की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। माना जाता है कि मराठी मतदाता आम तौर पर शिवसेना का साथ देते हैं।

अपने मुखपत्र ‘सामना’ में ठाकरे नीत शिवसेना ने कहा कि ‘मराठी डांडिया’ जैसे कार्यक्रम का मकसद महानगर में पार्टी के प्रभाव वाले इलाकों में उसका मुकाबला करना है।

संपादकीय में कहा गया है, “ लालबाग, परेल, शिवड़ी इन शत-प्रतिशत भगवा प्रदेश में ‘कमलाबाई’ (शिवसेना की ओर से भाजपा के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला नाम) ने विशेष मराठी डांडिया का आयोजन करके मराठी मतदाताओं को अपना बनाने का प्रयास शुरू किया है। गणेशोत्सव के बाद नवरात्रि उत्सव में भाजपा अपना राजनीतिक डांडिया इस तरह से घुमा रही है। ”

लेख में कहा गया है, “ ऐसे ‘डांडिया’ घुमाकर मराठी लोगों की एकजुटता तोड़ी जा सकती है, यह उनका भ्रम है।”

उसमें कहा गया है कि ऐसे कार्यक्रम मराठी मानुष (मराठी भाषी) लोगों में शिवसेना के समर्थन को कमज़ोर नहीं करेंगे।

लेख के अनुसार, “ यह कुछ नहीं बल्कि ‘दिल्लीश्वरों’ (दिल्ली के लिए शिवसेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाला शब्द) की भगवा झंडा हटाने की कोशिश है।”

भाजपा बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले मराठी मतदाताओं के लुभाने के लिए गणेशोत्सव और ‘मराठी कट्टा’ (एक ऐसा स्थान जहां विचारों का आदान प्रदान होता है) जैसे कार्यक्रमों का इस्तेमाल कर रही है।

साल 2017 में हुए बीएमसी चुनाव में शिवसेना ने अपने दम पर 84 सीटें जीती थीं। मगर यह 227 सदस्यीय सदन में दो दशक में उसका सबसे खराब प्रदर्शन था जबकि भाजपा ने अपने 82 सीटों पर फतह हासिल की थी।

भाजपा की मुंबई ईकाई के प्रमुख आशीष शेलार ने पलटवार करते हुए कहा कि शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार की ओर से उत्सवों पर लगाई गई पाबंदियों को हटाने और लोगों को पूरे उत्साह के साथ उत्सव मनाने की इजाजत देने से ठाकरे नीत शिवसेना को जलन हो रही है।

शेलार ने कहा कि शिवसेना जब सत्ता में थी तो उसने (कोरोना वायरस के दौरान) ढाई साल तक मंदिरों को बंद रखा और गणेश, नवरात्री तथा दही हांडी उत्सवों पर रोक लगाई।

ठाकरे शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस के गठबंधन वाली महा विकास आघाड़ी सरकार में मुख्यमंत्री थे।

शिवसेना का समर्थन करते हुए राकांपा के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने कहा कि एक और भाजपा ‘मराठी डांडिया’ का आयोजन कर रही है जबकि दूसरी ओर सत्तारूढ़ पार्टी मांस और मांसाहारी उत्पादों के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापन पर रोक लगाने की (जैन समुदाय की) मांग पर चुप है।

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