गृह मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि अभी किसी संगठन ने तत्काल हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है और तालिबान ने हमले में भूमिका से इनकार किया है। देश के पहले उप राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह इस बम हमले में मामूली रूप से झुलस गए हैं। बम ठेले में सड़क के किनारे छुपाकर रखा गया था और काफिले के गुजरने के दौरान इसमें विस्फोट किया गया।
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सालेह अफगानिस्तान के खुफिया प्रमुख रह चुके हैं । उन्होंने हमले के शीघ्र बाद टेलीविजन पर बताया कि वह सुरक्षित हैं और वह मामूली रूप से झुलसे हैं। टीवी फुटेज में उनके एक हाथ में बैंडेज लगा दिखा है।
सालेह फुटेज में यह कहते हुए नजर आए कि वह और उनका छोटा बेटा सुरक्षित हैं। हमले के समय उनका छोटा बेटा उनके साथ था।
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उन्होंने कहा, '' मेरा चेहरा और हाथ मामूली रूप से आग की लपटों से जला है। मेरे पास अभी सटीक जानकारियां नहीं हैं लेकिन मैं उन लोगों के लिए बेहद दुखी हूं जिनकी मृत्यु हुई और जिन्हें इस हमले में संपत्ति का नुकसान हुआ।''
उनके प्रवक्ता रजवान मुराद ने इस हमले को सालेह की जिंदगी खत्म करने की कोशिश का 'खतरनाक प्रयास बताया' है। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्र की सड़कें बंद कर दी गई हैं।
गृह मंत्रालय ने बताया कि सालेह का काफिला काबुल के उस हिस्से से गुजर रहा था जहां खाना बनाने और घरों को गर्म रखने वाले गैस सिलेंडर की बिक्री होती है। इस विस्फोट की वजह से कई दुकानों में आग लग गई।
विस्फोट के बाद घटनास्थल पर विध्वंस के निशान थे। विस्फोट के बाद कम से कम 10 दुकानों में से आग की लपटें उठ रही थीं और निकट के दर्जनों घरों के शीशे टूट गए थे। कारें क्षतिग्रस्त हो गई थीं और मलबा बिखरा पड़ा था।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक अरियन ने एसोसिएटेड प्रेस से पुष्टि की है कि इस बम हमले में सालेह के काफिले को निशाना बनाया गया। अफगानिस्तान लोक स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अकमल समसोर ने बताया कि घायल 31 लोगों को इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में ले जाया गया है।
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने हमले के तुरंत बाद इसमें संगठन की भूमिका से इनकार कियाा
तालिबान और इस्लामिक स्टेट काबुल में सक्रिय हैं और अफगानिस्तान के एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल और तालिबान के बीच संभावित वार्ता से पहले तनाव का माहौल बना हुआ है।
तालिबान के साथ वार्ता करने वाले, अफगानिस्तान के वार्ताकार टीम के प्रमुख मोहम्मद मासूम स्तानकजई ने एक ट्वीट में इस हमले की निंदा की और हिंसा के दौर को खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा, '' हमारे लोग बेसब्री से शांति की प्रतीक्षा कर रहे हैं और हिंसा को तत्काल खत्म करना बेहद जरूरी है। बहानेबाजी का समय खत्म हो चुका है। हत्याओं का दौर खत्म होना चाहिए।''
अफगानिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख की विशेष प्रतिनिधि डेबोरा ल्योनिस ने कहा कि उन्हें यह सुनकर राहत हुई कि सालेह सही सलामत हैं। उन्होंने कहा कि वह इतनी ज्यादा संख्या में नागरिकों के मरने की खबर से स्तब्ध हैं।
डेबोरा ने कहा कि षड्यंत्रकर्ताओं को न्याय के कठघरे में खड़ा करना चाहिए।
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