देश की खबरें | बंबई उच्च न्यायालय ने जेएनपीए की निविदा के मामले में अडाणी की याचिका खारिज की

मुंबई, 27 जून बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (अडाणी) की एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें नवी मुंबई में एक कंटेनर टर्मिनल के उन्नयन के लिए जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (जेएनपीए) द्वारा जारी निविदा में उसकी बोली को अयोग्य करार दिये जाने को चुनौती दी गयी थी।

मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की पीठ ने अडाणी की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उसकी दलीलों में कोई दम नहीं है।

पीठ ने अडाणी को एक ऐसे मामले को अदालत में लाने के लिए 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जिसमें दम नहीं था। अडाणी ने अपनी बोली जमा करते समय इसमें से 4,24,800 रुपये जेएनपीए में पहले ही जमा कर दिये थे। अदालत ने जेएनपीए से इस राशि को रखने और अडाणी को बाकी राशि जमा करने का निर्देश दिया।

बंदरगाह प्राधिकरण की कंटेनर रखने की सुविधा का निजीकरण करने के लिए जेएनपीए ने तीन मई को एक निविदा प्रक्रिया में शामिल होने से अडाणी को अयोग्य करार दिया था।

हालांकि, अडाणी ने अपनी याचिका में दावा किया कि उसे अयोग्य करार देना अवैध है।

अदालत ने कहा कि उसने याचिका के विवरण तथा जेएनपीए की दलीलों का अध्ययन किया है। उसने कहा कि जेएनपीए ने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया।

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