22 अप्रैल की बड़ी खबरें और अपडेट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

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पहलगाम हमले का एक साल, मृतकों को किया जा रहा याद

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने की फायरिंग, तनाव और बढ़ा

कांग्रेस ने पीएम मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया

पहलगाम हमला: यूरोपीय संघ ने भारतीय नागरिकों के साथ जताई एकजुटता

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए हमले के एक साल पूरा होने के मौके पर यूरोपीय संघ ने भारतीय नागरिकों के साथ एकजुटता जताई है. यूरोपीय संघ ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले की बरसी पर, यूरोपीय संघ और उसके 27 सदस्य देश एक वर्ष पहले मारे गए निर्दोष पीड़ितों की याद में भारत के लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं.”

यूरोपीय संघ ने आगे लिखा, “उनके परिवारों और भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर, हम उनकी यादों का सम्मान करते हैं. हम आतंकवाद के सभी रूपों की अपनी कड़ी निंदा को दोहराते हैं, इसे कभी भी उचित नहीं ठहराया जा सकता.”

ब्रिटेन ने भी पहलगाम हमले में जान गंवाने लोगों को श्रद्धांजलि दी है. भारत में ब्रिटिश उच्चायोग ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “हम पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और हमारी सहानुभूति इस घटना से प्रभावित सभी लोगों के साथ है. ब्रिटेन आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा करता है. हम शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने साझेदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”

कांग्रेस ने पीएम मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है. यह नोटिस 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ को लेकर दिया गया है. लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन विधेयक के खारिज होने के बाद पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया था और अपने संबोधन में कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों की विधेयक का समर्थन न करने के लिए आलोचना की थी.

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने पीएम मोदी के संबोधन को “अनैतिक और सत्ता का घोर दुरुपयोग” बताया है. उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजे गए नोटिस में लिखा कि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में विपक्षी पार्टियों के वोट और इरादों पर सवाल उठाए, जो विपक्षी सांसदों के विशेषाधिकार का हनन है. उन्होंने कहा कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जाना चाहिए.

कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पीएम मोदी ने अपने तथाकथित राष्ट्र के नाम संबोधन में 59 बार कांग्रेस पार्टी पर हमला किया. उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के तौर पर उनके रिकॉर्ड पर एक और स्थायी दाग बताया. जयराम रमेश ने आगे लिखा कि किसी भी मौजूदा प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन, हमेशा से ही राष्ट्रीय एकता और विश्वास निर्माण के उद्देश्य के लिए रहा है.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने की फायरिंग, तनाव और बढ़ा

ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बुधवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर गोलीबारी की, जिससे जहाज को नुकसान पहुंचा और हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए. पाकिस्तान में प्रस्तावित युद्धविराम वार्ता अभी तक शुरू ही नहीं हो सकी.

ब्रिटेन की सेना के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर के मुताबिक यह हमला सुबह करीब 7:55 बजे हुआ और इसमें एक गार्ड गनबोट ने बिना किसी चेतावनी के जहाज पर फायरिंग कर दी. हालांकि, इस हमले में किसी के घायल होने या पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है. ईरान ने इस घटना को लेकर तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.

यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब हाल ही में अमेरिका ने एक ईरानी कंटेनर जहाज को जब्त कर लिया था और उस पर फायरिंग भी की थी. इसके अलावा हिंद महासागर में ईरान के तेल कारोबार से जुड़े एक टैंकर पर भी अमेरिकी बलों ने कार्रवाई की थी. इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

ट्रंप बोले, पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान के कहने पर वे ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम को आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने बताया कि तेहरान से एक “एकजुट प्रस्ताव” आने का इंतजार किया जा रहा है, हालांकि अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखेगी. व्हाइट हाउस ने उपराष्ट्रपति जेडी वैंस की पाकिस्तान यात्रा फिलहाल टाल दी है, जहां ईरान के साथ बातचीत का दूसरा दौर होना था. ट्रंप ने साफ कहा, “मैं युद्धविराम को तब तक बढ़ाऊंगा जब तक उनका प्रस्ताव नहीं आता और बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती.”

वहीं ईरान ने अब तक यह तय नहीं किया है कि वह पाकिस्तान में होने वाली बातचीत में शामिल होगा या नहीं. उसका कहना है कि वह तभी शामिल होगा जब उसे लगेगा कि बातचीत से कोई ठोस नतीजा निकलेगा. इस बीच, जंग में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है और दोनों देशों ने चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो लड़ाई फिर शुरू हो सकती है. अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भी कहा कि ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी सीधे उसकी कमाई के मुख्य स्रोतों को निशाना बना रही है.

दूसरी तरफ हालात और भी तनावपूर्ण हो गए हैं. ईरान में रैलियां हो रही हैं, जहां सैन्य ताकत का प्रदर्शन भी देखा गया. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “अगर हम उन्हें ऐसा करने दें, तो कभी कोई समझौता नहीं हो सकता.” संयुक्त राष्ट्र ने हालांकि इस कदम को तनाव कम करने की दिशा में अहम बताया है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है. फिलहाल यह साफ नहीं है कि बातचीत दोबारा कब और कैसे शुरू होगी, लेकिन हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं.

पहलगाम हमले का एक साल, मृतकों को किया जा रहा याद

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले को आज एक साल पूरा हो चुका है. इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी और इसके बाद भारत और पाकिस्तान के संबंध बेहद खराब हो गए थे. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 22 अप्रैल को पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले लोगों को याद किया. उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "उन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा… भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा. आतंकवादियों के घिनौने मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे."

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "एक साल बीत जाने के बाद भी हम आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ एकजुट हैं…हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि ऐसा दोबारा कभी न हो." उन्होंने इसे एक कायराना हमला बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी एकजुटता जताई.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "2025 में इसी दिन पहलगाम आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले 26 नागरिकों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि. हर राष्ट्र निर्दोष नागरिकों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा और न ही क्षमा करेगा. जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं हैं."

पिछले साल हुए इस हमले के बारे में चश्मदीदों ने बताया था कि बंदूकधारियों ने पहले महिलाओं और बच्चों को अलग किया, जबकि पुरुषों को घास के मैदान में ले जाकर गोली मार दी गई. इस हमले के बाद वह इलाका पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया. भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी ढांचे पर आरोप लगाया, हालांकि इस्लामाबाद ने इस आरोप से इनकार किया.