नयी दिल्ली, 30 मार्च भारतीय जनता पार्टी की युवा शाखा भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने यहां विरोध-प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर लगे सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा अवरोधकों पर हमला किया और उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं, आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि यह कृत्य केजरीवाल की हत्या की साजिश थी।
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के अध्यक्ष तेजस्वी सूर्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने यहां केजरीवाल के आवास पर प्रदर्शन किया और कथित तौर पर कश्मीरी पंडितों का “मजाक उड़ाने” के लिये उनसे माफी की मांग की।
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को आरोप लगाया कि पंजाब विधानसभा चुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ‘‘हत्या’’ करना चाहती है।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कल्सी ने कहा कि आईपीसी की धारा 186 (सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा डालना), धारा 188 (लोक सेवक द्वारा जारी आदेश का उल्लंघन), धारा 353 (सरकारी कर्मचारी को हमला या आपराधिक बल के जरिए कर्तव्य निर्वहन से रोकना) और सार्वजनिक संपत्ति क्षति रोकथाम अधिनियम की धारा 3 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि जांच शुरू की गई है और गिरफ्तारी के लिए कई टीम रवाना की गई हैं।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक ट्वीट में दावा किया कि असामाजिक तत्वों ने दिल्ली में केजरीवाल के आवास पर सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा के लिये लगाए गए अवरोधकों पर हमला किया और उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने बताया कि द्वार पर लगा ‘बूम बैरियर’ भी टूट गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर आवास के प्रमुख द्वार पर पेंट भी फेंका।
सिसोदिया ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “भाजपा के गुंडों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर में तोड़फोड़ की। भाजपा की पुलिस उन्हें रोकने के बजाय घर के गेट तक ले गई।”
दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने यह भी आरोप लगाया कि “भाजपा के लोगों द्वारा हमला दिल्ली पुलिस के कर्मियों की मौजूदगी में किया गया, जिसके दौरान सीसीटीवी कैमरे और बैरियर तोड़ दिए गए।”
भाजयुमो के राष्ट्रीय सचिव तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने कहा कि संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल के घर के निकट प्रदर्शन किया, लेकिन किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं की।
बग्गा ने ‘पीटीआई-’ को बताया, “हमें पुलिस ने रोका और तेजस्वी सूर्य सहित हमारे लगभग 20-25 सदस्यों और नेताओं को हिरासत में लिया गया और एक पुलिस स्टेशन ले जाया गया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।”
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