चंडीगढ़, 23 अक्टूबर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह ने दलितों के प्रति ''अन्याय'' के खिलाफ भाजपा की प्रस्तावित रैली पर शुक्रवार को निशाना साधते हुए उसपर जातिगत राजनीति करने का आरोप लगाया।
सिंह ने एक बयान में कहा, ''वह अपने राजनीतिक हित साधने के लिये समाज को जाति के आधार पर बांटना चाहती है।''
मुख्यमंत्री ने कहा, ''मैं किसी भी कीमत पर पंजाब के शांतिपूर्ण माहौल को खराब नहीं करने दूंगा।''
सिंह ने कहा, ''पंजाब में ये विभाजनकारी चालबाजियां सफल नहीं होंगी। यहां के लोग अपनी सामूहिक प्रगति के लिये हंसी-खुशी एक साथ रह रहे हैं।''
गौरतलब है कि बृस्पतिवार को पुलिस ने भाजपा को जालंधर से चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास तक ''दलित इंसाफ रैली'' निकालने से रोक दिया था। पुलिस ने कहा था कि आयोजकों ने इसकी अनुमति नहीं ली है। इस दौरान भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख अश्विनी शर्मा समेत पार्टी नेताओं को कुछ देर के लिये हिरासत में ले लिया गया था।
यह यात्रा अनुसूचित जाति समुदाय पर कथित अत्याचार और अनुसूचित जाति के छात्रों की मैट्रिक के बाद छात्रवृत्ति योजना में ''घोटाले'' के खिलाफ निकाली जानी थी।
भाजपा ने छात्रवृत्ति ''घोटाले'' की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उसका आरोप है कि इसमें 64 करोड़ रुपये गबन किये गए।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY