देश की खबरें | भाजपा नीत हरियाणा सरकार नूंह हिंसा पर विधानसभा में चर्चा से भागी: हुड्डा

चंडीगढ़, 30 अगस्त कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बुधवार को कहा कि हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार राज्य विधानसभा में विपक्ष द्वारा उठाये गये नूंह हिंसा सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा को टालती रही है।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की जलाभिषेक यात्रा पर 31 जुलाई को पथराव किए जाने के बाद नूंह और आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक झड़पें हुई थीं। इनमें दो होमगार्ड और एक इमाम समेत छह लोगों की मौत हो गई थी।

हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद हुड्डा ने यहां पत्रकारों से कहा, “जब हमने नूंह घटना सहित कानून-व्यवस्था का मामला उठाया तो उसने (सरकार ने) चर्चा को टाल दिया। कहा गया कि मामला अदालत में विचाराधीन है।’’

विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, “हमने कहा कि हाल में नूंह में अधिकारियों द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई ही उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है।”

सांप्रदायिक हिंसा के बाद, नूंह में अवैध निर्माण को गिराने का अभियान शुरू किया गया था जिस पर सात अगस्त को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने संज्ञान लिया था। न्यायमूर्ति जी. एस. संधावालिया और न्यायमूर्ति हरप्रीत कौर जीवन ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए इस प्रक्रिया को रोक दिया था।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि सरकार उनकी पार्टी द्वारा उठाए गए कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर चर्चा से भाग गई। उन्होंने कहा, "वे सदन के अंदर चर्चा करने से भागते हैं, लेकिन विधानसभा के बाहर बयान देते हैं।"

विपक्षी दल कांग्रेस ने सोमवार को विधानसभा में नूंह हिंसा पर चर्चा और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में जांच की मांग की थी जिसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और सदन की कार्यवाही को कुछ देर के लिए स्थगित करना पड़ा था।

विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा था कि मामला अदालत में विचाराधीन है।

पिछले महीने हुई हिंसा का जिक्र करते हुए हुड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने घटना के पीछे साजिश की ओर इशारा किया था।

कांग्रेस नेता ने कहा, “उसी दिन मैंने कहा था कि यदि ऐसा है तो इसका पता कौन लगाएगा? इसलिए, हमने उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में जांच की मांग की, लेकिन सरकार सहमत नहीं हुई।”

हुड्डा ने दावा किया, ''(हिंसा से) एक सप्ताह पहले व्हाट्सएप संदेशों को प्रसारित करके दोनों पक्षों की ओर से माहौल बनाया गया था।''

उन्होंने कहा कि तब, "एक सीआईडी निरीक्षक ने एक बयान दिया था जिसके मुताबिक, गड़बड़ी की आशंका थी, लेकिन सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “अब अपनी कमियों को छुपाने के लिए दूसरों पर दोष मढ़ा जा रहा है।''

नूंह हिंसा की जांच में शामिल होने के लिए कांग्रेस विधायक मामन खान को पुलिस द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद मुख्यमंत्री खट्टर द्वारा कांग्रेस से अपनी "चुप्पी" तोड़ने को कहने पर, हुड्डा ने कहा कि सरकार अपनी विफलताओं को दूसरों पर थोपने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस नेता ने पूछा, “जब मुख्यमंत्री एक साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं, तो हम जानना चाहते हैं कि उस साजिश के पीछे कौन है? सच्चाई सामने आनी चाहिए। यह एक गंभीर मुद्दा है। वे न्यायिक जांच से क्यों भाग रहे हैं?"

एक सवाल के जवाब में, हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस खान के समर्थन में खड़ी है।

उन्होंने कहा कि नूंह हिंसा "शरारती तत्वों का कृत्य" प्रतीत होती है। उन्होंने कहा, "इससे किसी को कोई फायदा नहीं होने वाला है।”

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं का खामियाजा पूरे राज्य को भुगतना पड़ता है।

हुड्डा ने कहा कि यदि कानून व्यवस्था अच्छी नहीं है और माहौल शांतिपूर्ण नहीं है तो इसका असर राज्य में आने वाले निवेश पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि नूंह बहुराष्ट्रीय कंपनियों के केंद्र गुरुग्राम से सटा है।

कांग्रेस नेता ने रोजगार और अपराध के मुद्दों पर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा।

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