जम्मू, छह नवम्बर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शुक्रवार को भाजपा पर कश्मीरी पंडितों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि समुदाय को अब भी घाटी में अपनी वापसी और पुनर्वास की प्रतीक्षा है।
अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर में वास्तविक विकास तब होगा जब जनता की सरकार बनेगी।
अब्दुल्ला ने यहां शेर-ए-कश्मीर भवन में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘28 साल से वे कह रहे हैं कि कश्मीरी पंडितों को घाटी में उनके घरों में वापस लाया जाएगा। वे पांच साल से अधिक समय से सत्ता में हैं लेकिन वे अब भी वापसी के दिन का इंतजार कर रहे हैं।।’’
उन्होंने भाजपा पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने का आरोप लगाया और सवाल किया कि ‘‘आप उन्हें कब तक वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करेंगे।’’
पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त होने और तत्कालीन राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किये जाने के बाद पहली बार जम्मू पहुंचे अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘आपने हमेशा उनका इस्तेमाल किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब चुनाव होंगे, तो जनता उन लोगों को सामने लाएगी जो उनकी मदद कर सकते हैं और आत्म-केंद्रित नहीं हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में असली विकास तब आएगा जब जनता की सरकार होगी और लोगों के सभी अधिकार बहाल होंगे।’’
उन्होंने कहा कि नेशनल कान्फ्रेंस ‘‘राष्ट्र-विरोधी’’ नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस तरह के बेतुके आरोप लगा रहे हैं, उन्हें अपनी दृष्टि की जांच करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हम वे नहीं हैं, जिन्हें आप खरीद सकते हैं और अपने कपड़े फड़वा सकते हैं।’’ उनका इशारा भाजपा के उस नेता की ओर था जिन्होंने यह दावा करने के लिए अपनी कमीज फाड़ दी थी कि वह एक राष्ट्रवादी है।
उन्होंने कहा, ‘‘आप (जम्मू-कश्मीर में) कितने और को खरीदेंगे। मैं जानता हूं कि नेकां में भी कुछ तत्व हैं। मैंने (राजनीति में) बहुत कुछ देखा है और वह दिन दूर नहीं जब कोई दूसरा समूह आएगा और वे आपको भी खरीद लेंगे।’’
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को ऐसी साजिशों को विफल करने के लिए एकजुट रहने को कहा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें सतर्क रहना होगा क्योंकि वे हमें धर्म और क्षेत्र के आधार पर विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं... यह राष्ट्र मजबूत है क्योंकि अलग-अलग पृष्ठभूमि, क्षेत्रों, जलवायु और ओं के लोग एक हैं। एक मद्रासी, एक बंगाली, एक मराठा जो 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे के तापमान का अभ्यस्त नहीं है, शून्य से 30 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान में लद्दाख सेक्टर की रक्षा कर रहा है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY