देश की खबरें | भाजपा ने ओडिशा के केंद्रीय वित्तपोषण में कटौती की है: कांग्रेस

नयी दिल्ली, छह मई कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर ओडिशा की जनता की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य को केंद्र से प्राप्त होने वाले धन में कटौती की है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ओडिशा में प्रधानमंत्री मोदी की रैलियों से पहले उनसे कुछ प्रश्न किए।

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ओडिशा को केंद्र से मिलने वाली ‘फंडिंग’ लगातार कम क्यों हो गई? क्या प्रधानमंत्री एससी-एसटी उप-योजना को कानूनी दर्ज़ा देने की प्रतिबद्धता जताएंगे? क्या सीतलापल्ली वैगन फैक्ट्री कभी पूरी होगी?’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने ओडिशा की घोर उपेक्षा की है। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने हाल के वर्षों में ओडिशा की केंद्र से होने वाली ‘फंडिंग’ में लगातार कमी की है। कैग रिपोर्ट के अनुसार, राजस्व प्राप्ति के प्रतिशत के रूप में केंद्रीय हस्तांतरण लगातार घटकर 2017-18 में 57 प्रतिशत से 2021-22 में 38 प्रतिशत रह गया है।’’

उन्होंने कैग का हवाला देते हुए कहा कि इसी तरह राज्य की राजस्व प्राप्तियों के प्रतिशत के रूप में केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी 2018-19 से 2021-22 तक लगातार घटती रही है।

रमेश ने कहा, ‘‘पंद्रहवें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत अनुदान में भी हाल में कमी आई है। प्रधानमंत्री के पसंदीदा नारे ‘सबका साथ-सबका विकास’ का क्या हुआ? प्रधानमंत्री ओडिशा के लोगों की उपेक्षा क्यों कर रहे हैं?’’

उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी कल्याण के मामले में भाजपा का रिकॉर्ड अविश्वसनीय रूप से खराब रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अनुसूचित जनजाति के लोगों के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि हुई है। अपराध दर 2018 में 21.6 प्रतिशत से बढ़कर 2022 में 28.6 प्रतिशत हो गई है।’’

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि केंद्रीय बजट में आदिवासियों के लिए आवंटन भी 2017 में नीति आयोग द्वारा निर्धारित 8.2 प्रतिशत के लक्ष्य से लगातार कम हुआ है।

रमेश ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री और भाजपा ने ऐसा क्यों किया?’’

उन्होंने कहा कि भारत के आदिवासी समुदायों की दुर्दशा को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने एससी-एसटी उप-योजना को कानूनी दर्जा देने की गारंटी दी है, जिससे केंद्र सरकार को इस लक्ष्य को पूरा करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘क्या प्रधानमंत्री इसके लिए प्रतिबद्धता जताएंगे?’’

रमेश ने दावा किया कि सीतलापल्ली रेल वैगन फैक्ट्री 2013 में संप्रग सरकार द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद से ठंडे बस्ते में है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘राजग सरकार ने इस परियोजना पर कोई काम नहीं किया। आखिरकार 2018 में इसे पूरी तरह से छोड़ दिया गया। जब मौजूदा रेल मंत्री, जो कि ओडिशा से ही राज्यसभा सदस्य हैं, ने अपना कार्यभार संभाला था तब उन्होंने इस परियोजना को फिर से शुरू करने का वादा किया था।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘सितंबर 2021 में ईस्ट कोस्ट रेलवे के एक अधिकारी ने कहा था कि इस परियोजना को पीपीपी मॉडल पर लागू किया जाएगा। लेकिन, आज तक इस बहुप्रतीक्षित परियोजना में कोई प्रगति नहीं हुई है। दो अन्य परियोजनाओं - गोपालपुर-रायगड़ा रेलवे लाइन और रायराखोल-गोपालपुर रेलवे लाइन - का भी यही हश्र हुआ है।’’

उन्होंने पूछा, ‘‘भाजपा ने ओडिशा में लोगों को धोखा क्यों दिया? सीतलापल्ली वैगन फैक्ट्री के लिए उन्हें और कितना इंतज़ार करना होगा?’’

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