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श्रमिकों को लेकर भाजपा सरकार का रवैया 'अमानवीय' : अखिलेश

अखिलेश ने कहा, ''कोरोना के संकट काल में बेरोजगारी के साथ असुरक्षा का दंश झेल रहे श्रमिकों के प्रति भाजपा सरकार का रवैया संवेदनशून्य और अमानवीय है। उनके साथ दूसरे दर्जे के नागरिक के रूप में व्यवहार किया जा रहा है क्योंकि वे गरीब, कमजोर और असहाय हैं। अमीरों को विदेश से वापस लाने का रिकॉर्ड बनाने की चाह रखने वाली भाजपा सरकारें अगर गरीबों को भी मुफ्त में वापस घर पहुंचाने का रिकॉर्ड बनाएं तो कितना अच्छा हो।''

श्रमिकों को लेकर भाजपा सरकार का रवैया 'अमानवीय' : अखिलेश
जमात

लखनऊ, नौ मई समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि कोरोना के संकटकाल में बेरोजगारी एवं असुरक्षा का सामना कर रहे श्रमिकों को लेकर भाजपा सरकार का रवैया 'अमानवीय' है।

अखिलेश ने कहा, ''कोरोना के संकट काल में बेरोजगारी के साथ असुरक्षा का दंश झेल रहे श्रमिकों के प्रति भाजपा सरकार का रवैया संवेदनशून्य और अमानवीय है। उनके साथ दूसरे दर्जे के नागरिक के रूप में व्यवहार किया जा रहा है क्योंकि वे गरीब, कमजोर और असहाय हैं। अमीरों को विदेश से वापस लाने का रिकॉर्ड बनाने की चाह रखने वाली भाजपा सरकारें अगर गरीबों को भी मुफ्त में वापस घर पहुंचाने का रिकॉर्ड बनाएं तो कितना अच्छा हो।''

उन्होंने कहा, ''सूरत से लौटे आजमगढ़ के श्रमिकों ने एक दर्द भरी दास्तान बताई है, जिससे जाहिर होता है कि राज्य की डबल इंजन भाजपा सरकार राहत के हवाई दावों से पेट भर रही है। सूरत से लौटे श्रमिकों के अनुसार उनसे 800 रुपये लिए गए और भोजन-पानी नहीं दिया गया। गुजरात से आ रहे उत्तर प्रदेश के श्रमिकों का भी कहना है कि उनकी लगातार लूट जारी है। यहां के श्रमिक भी मंहगा टिकट खरीदकर भूखे पेट पहुंचे।''

अखिलेश ने कहा, ''ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा सरकार ने भारतीय नागरिकता भी गरीब-अमीर में बांटकर वैसे ही लॉकडाउन में राहत देने के इंतजाम किए हैं। पहले दौर में विदेशों से मुफ्त हवाई यात्रा से लोगों को लाया गया। घर वापसी के लिए व्याकुल गरीब श्रमिकों के साथ ट्रेन और बस का किराया देने के बावजूद भी अच्छा सुलूक नहीं किया गया। कई जगह तो उन्हें पुलिस के डंडे भी खाने पड़ गए हैं।''

उन्होंने दावा किया कि अभी भी उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर हजारों की संख्या में कामगारों को प्रशासन ने रोका है जो सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर आये हैं, उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है और वे सभी दो-तीन दिन से भूखें-प्यासे हैं।

सपा मुखिया ने कहा, ‘‘ भाजपा सच्चाई का सामना करने से डरती है। सैकड़ों कोस चलकर आये लाखों की संख्या में कामगारों का भविष्य शासन की अदूरदर्शिता के कारण अंधेरे में गुम हो गया है। इस सच्चाई को स्वीकार करने में भाजपा अपनी पराजय समझती है। जनता को पराजित करना भाजपा अपनी बहादुरी समझती है। ये कैसा विरोधाभास है? एक न एक दिन भाजपा को सच्चाई का सामना तो करना ही पड़ेगा। भाजपा कब तक वास्तविकता से पलायन करती रहेगी? पीड़ित गरीबों, कामगारों-श्रमिकों की हाय भाजपा को भस्म करने की ताकत रखती है।’’

उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी की अचानक घोषणाओं की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की भी अकस्मात घोषणा कर देश में विस्थापन और पलायन की जो स्थिति पैदा कर दी है, उससे देश अव्यवस्था और असुरक्षा के चक्र में बुरी तरह फंस गया है। कितने ही श्रमिकों की जानें चली गई हैं। भूख-प्यास से दम तोड़ने की भी खबरें आ रही है। भाजपा अमीरों को राहत देने में लगी है। गरीब सड़क पर रेल पटरियों पर जान गवां रहा है। भाजपा की वोट बैंक की राजनीति का यह खेल लोकतंत्र को कलंकित करने वाला है।

अमृत

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(The above story first appeared on LatestLY on May 09, 2020 05:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).