देश की खबरें | भाजपा सरकार भारत में आर्थिक असमानता बढ़ा रही : कांग्रेस

नयी दिल्ली, 17 जनवरी कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार देश में आर्थिक असमानता को बढ़ा रही है। इसके साथ ही पार्टी ने कहा कि देश की 40 प्रतिशत से अधिक संपत्ति सबसे अमीर एक प्रतिशत लोगों के पास है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भाजपा ने अमीर और गरीब के बीच की खाई को इतना चौड़ा कर दिया है कि आम आदमी उस खाई में गिरता जा रहा है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा ने आर्थिक असमानता की खाई को इतना गहरा कर दिया है कि देश का आम इंसान उसमें धंसता जा रहा है। भारत में सबसे अमीर एक प्रतिशत लोगों के पास देश की कुल संपत्ति का 40 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सा है जबकि आधी आबादी के पास तीन प्रतिशत ही हिस्सा बचा है! भारत जोड़ो आंदोलन आर्थिक असमानता की खाई को भरने का आंदोलन है।’’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि 'भारत जोड़ो यात्रा' सरकार की उन नीतियों के खिलाफ लोगों की आवाज है जिनसे ‘‘गरीबी बढ़ी है।’’

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ 21 अरबपतियों के पास 70 करोड़ भारतीयों से ज्यादा संपत्ति है। सबसे अमीर एक प्रतिशत आबादी के पास हिंदुस्तान का 40 प्रतिशत धन है। ’’

राहुल ने कहा, ‘‘संप्रग ने 20 करोड़ से ज्यादा लोगों को गरीबी से निकाला। प्रधानमंत्री की 'गरीबी बढ़ाओ' नीतियों ने उन्हें फिर गरीबी में धकेल दिया। भारत जोड़ो यात्रा इन नीतियों के खिलाफ़ देश की हुंकार है।’’

कांग्रेस ने अधिकार समूह ऑक्सफैम की नवीनतम असमानता रिपोर्ट जारी होने के बाद सोमवार को कहा था कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार केवल ‘मुट्ठी भर लोगों’ के लिए काम कर रही है और सबसे अमीर 21 भारतीयों के पास देश के 70 करोड़ लोगों से ज्यादा संपत्ति है।

ऑक्सफैम की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सबसे अमीर एक प्रतिशत लोगों के पास अब देश की कुल संपत्ति का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है, जबकि नीचे की आधी आबादी के पास केवल तीन प्रतिशत संपत्ति है।

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के पहले दिन सोमवार को दिल्ली में अपनी वार्षिक असमानता रिपोर्ट में ऑक्सफैम इंटरनेशनल ने यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के दस सबसे धनी लोगों पर पांच प्रतिशत कर लगाने से बच्चों को स्कूल वापस लाने के लिए पूरा धन मिल सकता है।

इसमें कहा गया है, “सिर्फ एक अरबपति गौतम अडानी को 2017-2021 के बीच मिले अवास्तविक लाभ पर एकमुश्त कर लगाकर 1.79 लाख करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं, जो भारतीय प्राथमिक विद्यालयों के लिए 50 लाख से अधिक शिक्षकों को एक साल के लिए नियुक्त करने के वास्ते पर्याप्त हैं।”

'सबसे धनी की उत्तरजीविता' शीर्षक वाली रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अगर भारत के अरबपतियों की पूरी संपत्ति पर दो फीसदी की दर से एकमुश्त कर लगाया जाए, तो इससे देश में अगले तीन साल तक कुपोषित लोगों के पोषण के लिए 40,423 करोड़ रुपये की जरूरत को पूरा किया जा सकेगा।

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