देश की खबरें | भाजपा ने दिल्ली सरकार पर गरीबों के बीच एफएसए राशन नहीं बांटने का आरोप लगाया, आप का खंडन

नयी दिल्ली, नौ अप्रैल दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने शनिवार को आरोप लगाया कि यहां लोगों को मार्च में खाद्य सुरक्षा कानून (एफएसए) के तहत उनका राशन नहीं मिला जबकि केंद्र शहर के 72 लाख से अधिक लोगों के लिए यह उपलब्ध कराता है।

एक बयान में भाजपा नेता ने कहा कि इस राशन को लोगों के बीच बांटने की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की है।

आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने इस आरोप का खंडन किया है।

बिधूड़ी ने कहा कि केंद्र सरकार खाद्य सुरक्षा कानून के तहत महज 11 रूपये में 72.77 लाख राशनकार्ड धारकों को चार किलोग्राम गेहूं और एक किलोग्राम चावल देती है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद से प्रधानमंत्री करीब कल्याण योजना के तहत केंद्र सरकार चार किलोग्राम गेहूं, एक किलो चावल मुफ्त दे रही है।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘ दिल्ली सरकार यह अनाज उठाने में अक्षम है। आश्चर्य की बात है कि केंद्र सरकार इस राशन को गरीबों तक पहुंचाने का खर्च उठाती है और राशन दुकानदारों को कमीशन देती है। उसके बाद भी दिल्ली सरकार अपनी छो सीटी जिम्मेदारी उठाने में विफल है।’’

वहीं, आप सरकार ने कहा कि भाजपा नेता बेबुनियाद अफवाह फैला रहे हैं।

दिल्ली के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन ने कहा , ‘‘केजरीवाल सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मार्च के लिए उचित दर की दुकान से शत प्रतिशत विशेषीकृत खाद्यान्न आपूर्ति कर चुकी है। दिल्ली में किसी भी लाभार्थी को मुफ्त राशन से वंचित नहीं रखा जाएगा।’’

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