देश की खबरें | बिशप फ्रैंको मुलाक्कल को निचली अदालत से जमानत मिली

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल में एक नन का बलात्कार करने के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलाक्कल को यहां एक निचली अदालत ने शुक्रवार को कड़ी शर्तों के साथ जमानत दे दी और उन्हें मुकदमे की सुनवाई की तारीखों पर पेश होने का निर्देश दिया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोट्टायम, सात अगस्त केरल में एक नन का बलात्कार करने के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलाक्कल को यहां एक निचली अदालत ने शुक्रवार को कड़ी शर्तों के साथ जमानत दे दी और उन्हें मुकदमे की सुनवाई की तारीखों पर पेश होने का निर्देश दिया।

अतिरिक्त सत्र अदालत ने मुकदमे के लिए पेश न होने पर 13 जुलाई को बिशप को दी जमानत रद्द कर दी थी और उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।

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शुक्रवार को मामले पर सुनवाई के दौरान मुलाक्कल अदालत में मौजूद रहे।

अदालत ने मुलाक्कल को जमानत देते हुए तब तक राज्य न छोड़ने का निर्देश दिया जब तक 13 अगस्त को उन्हें आरोपपत्र पढ़कर न सुना दिया जाए और साथ ही मामले की सुनवाई की तारीखों पर अदालत में मौजूद रहने का निर्देश दिया।

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मुलाक्कल के वकील ने 13 जुलाई को अदालत को सूचित किया था कि उनका मुवक्किल अदालत में पेश नहीं हो सका क्योंकि वह कोरोना वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद पृथक-वास में हैं।

अगले दिन जालंधर के पूर्व बिशप कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे।

अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मुलाक्कल ने कोविड-19 से संक्रमित न पाए जाने का प्रमाणपत्र पेश नहीं किया जिस पर अदालत ने कहा कि राज्य स्वास्थ्य विभाग इस मुद्दे पर आवश्यक कार्रवाई कर सकता है।

उच्चतम न्यायालय ने मुलाक्कल की आरोप मुक्त करने की याचिका बुधवार को खारिज करते हुये इस मुकदमे का सामना करने का निर्देश दिया था।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने बिशप के वकील से कहा था कि न्यायालय इस मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहा है लेकिन आरोप मुक्त करने के मुद्दे पर याचिका खारिज की जा रही है।

मुलाक्कल ने इस याचिका में केरल उच्च न्यायालय के सात जुलाई के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें बलात्कार के इस मामले में आरोप मुक्त करने की उनकी याचिका खारिज कर दी गयी थी।

उच्च न्यायालय ने जालंधर डायोसिस के अपदस्थ बिशप को बलात्कार के मामले में मुकदमे का सामना करने के लिये कहा था। बिशप के खिलाफ केरल में डायोसिस की नन ने जून, 2018 में शिकायत की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि बिशप ने 2014 से 2016 के दौरान उसका यौन शोषण किया। नन की इसी शिकायत के आधार पर बिशप के खिलाफ कोट्टायम जिले में बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था।

इस मामले की जांच करने वाले विशेष जांच दल ने बिशप को गिरफ्तार भी किया था। बिशप पर बलपूर्वक नन को रोकने, बलात्कार करने, अप्राकृतिक यौनाचार करने और धमकाने के आरोप लगाये गये थे।

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