नयी दिल्ली, सात जुलाई लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगोलिया को उसके सांसदों एवं अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के साथ-साथ उत्तर-मध्य एशियाई क्षेत्र में संबंधित संस्थानों को विकसित करने के लिए हर संभव सहयोग की शुक्रवार को पेशकश की।
बिरला मंगोलिया की यात्रा पर हैं। उन्होंने मंगोलिया के राष्ट्रपति उखनागिन खुरेलसुख, प्रधानमंत्री ओयुन-एर्डेन लवसन्नामसराय और 'ग्रेट खुराल' के अध्यक्ष गोम्बोजाविन ज़ंदनशतार से मुलाकात की।
मंगोलियाई प्रधानमंत्री और अध्यक्ष जंदनशतार के साथ अपनी बैठकों के दौरान, बिरला ने सुझाव दिया कि लोकतंत्र के लिए संसदीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) मंगोलियाई सांसदों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित कर सकता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संसद मंगोलिया के संसदीय संस्थानों को विकसित करने और अनुसंधान एवं पुस्तकालय सुविधाओं को उन्नत करने के क्षेत्र में सहयोग करने के लिए तैयार है।
लोकसभा अध्यक्ष ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि बौद्ध धर्म की साझा गौरवशाली विरासत भारत और मंगोलिया के बीच संबंधों को रेखांकित करती है।
उन्होंने कहा कि भारत मंगोलिया के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने और व्यापक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि मंगोलिया के आर्थिक विकास में भारत एक भरोसेमंद भागीदार की भूमिका निभा रहा है।
बिरला ने मंगोलिया में तेल रिफाइनरी परियोजना का भी दौरा किया, जो विदेश में भारत द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी परियोजना है। उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के बीच घनिष्ठ साझेदारी का प्रमाण है।
भारत की सहायता से बनाई जा रही रिफाइनरी मंगोलिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
बिरला ने यह भी विश्वास जताया कि मंगोलिया 2028-29 अवधि के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के गैर-स्थायी सदस्य के रूप में भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करेगा।
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