एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | एक साथ चुनाव संबंधी विधेयक संसद में पारित होने की संभावना नहीं: दिग्विजय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस नेता एवं राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने कहा है कि उन्हें संसद में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विधेयक पारित हो पाने को लेकर संशय है।

देश की खबरें | एक साथ चुनाव संबंधी विधेयक संसद में पारित होने की संभावना नहीं: दिग्विजय

आगर मालवा (मध्य प्रदेश), 22 दिसंबर कांग्रेस नेता एवं राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने कहा है कि उन्हें संसद में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विधेयक पारित हो पाने को लेकर संशय है।

सिंह ने संसद परिसर में बृहस्पतिवार को भाजपा सांसदों के साथ ‘‘धक्का-मुक्की’’ किए जाने के संबंध में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों को भी खारिज किया।

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ (ओएनओई) संबंधी दो विधेयक एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था प्रदान करते हैं और इन्हें मंगलवार को लोकसभा में तीखी बहस के बाद पेश किया गया। इनमें से एक विधेयक के लिए संविधान में संशोधन की आवश्यकता है।

लोकसभा ने शुक्रवार को एक साथ चुनाव संबंधी दो विधेयकों को संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) को भेज दिया।

सिंह ने यहां संवाददाताओं द्वारा ओएनओई विधेयक पर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘जेपीसी गठित की गई है और मुझे नहीं लगता कि यह पारित हो पाएगा।’’

दिल्ली पुलिस ने संसद परिसर में हुई ‘‘धक्का-मुक्की’’ के सिलसिले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायत में उन पर धक्का-मुक्की के दौरान ‘‘हमला करने और उकसाने’’ का आरोप लगाया गया है। इस ‘‘धक्का-मुक्की’’ में भाजपा के दो सांसद प्रताप चंद्र सारंगी और मुकेश राजपूत घायल हो गए थे।

कांग्रेस ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा सांसदों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को धक्का दिया और गांधी के साथ धक्का-मुक्की की।

भाजपा सांसदों के साथ धक्का-मुक्की करने को लेकर गांधी पर लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि ये आरोप पूरी तरह से झूठे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ये सरासर झूठे हैं। भाजपा नेताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एक भाजपा सांसद दूसरे पर गिर गया। दोनों घायल हो गए। जो गिरा, उसने कहा कि राहुल गांधी उसके सामने खड़े थे। अगर वह सामने खड़े थे, तो क्या वह उसे धक्का दे सकते थे?’’

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने मंदिर-मस्जिद विवादों के फिर से उठने पर चिंता व्यक्त करते हुए हाल में कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद कुछ लोगों को ऐसा लग रहा है कि वे ऐसे मुद्दों को उठाकर ‘‘हिंदुओं के नेता’’ बन सकते हैं।

सिंह ने भागवत के बयान को लेकर किए गए सवाल के जवाब में कहा, ‘‘अगर हम ऐसे लोगों की बात करते हैं जो हिंदू-मुस्लिम मुद्दों पर बात करके नेता बनना चाहते हैं तो उनके सामने सबसे बड़ा सबूत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। वह उन्हें (मोदी को) क्यों नहीं समझाते?’’

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि भागवत केवल बयान दे रहे हैं लेकिन ‘‘जब मुसलमानों के खिलाफ ज्यादतियां की जाती हैं तो वह चुप क्यों रहते हैं।’’

सिंह ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि भागवत द्वारा दिए गए ऐसे बयान सकारात्मक हैं लेकिन उन्हें संघ से जुड़े संगठनों को रोकना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल (संघ से जुड़े) उनके संगठन हैं। वह उन्हें क्यों नहीं रोकते?’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 22, 2024 01:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).