पटना, 21 अक्टूबर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्र और बिहार की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बुधवार को कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि राज्य की जनता विकास के प्रतीक राजग को ही फिर से चुनेगी।
पटना में बुधवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि आजादी के सात दशकों के बाद देश को नरेंद्र मोदी के रुप में एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जिन्होंने न केवल पूर्वी भारत के विकास की कल्पना की बल्कि उसे पूरा करके दिखाया।
उन्होंने कहा कि चाहे वह कृषि का क्षेत्र हो या फिर शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग तथा गरीबों को पक्का मकान देना हो, प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से पूर्वी भारत के लोगों खासकर बिहार की जनता को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है।
प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के विकास के लिए जो भी योजनाएं बनाई, पूर्वी भारत उनकी प्राथमिकता में रहा चाहे वो निवेश हो या फिर नई नीतियों का निर्माण।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2022 तक देश के सभी गरीबों को घर देने का वादा किया है और उन्हें पूरा विश्वास है कि बिहार के लोगों को इससे सबसे ज्यादा फायदा होगा।
प्रधान ने कहा कि स्वच्छ भारत योजना के तहत देश में सबसे ज्यादा शौचालय बिहार में बने, उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन पूर्वी भारत में सबसे ज्यादा दिए गए। उन्होंने कहा कि सिर्फ बिहार में 85 लाख लोगों को एलपीजी कनेक्शन दिए गए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मानना है कि जब तक पूर्वी भारत का विकास नहीं होता देश के विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि केंद्र की योजनाएं चाहे वह सडक, रेल, औद्योगिक निवेश या फिर हवाई अड्डों का निर्माण हो सभी में बिहार को प्राथमिकता दी गयी है। बरौनी का खाद कारखाना जो बंद पड़ा था उसे प्रधानमंत्री मोदी ने फिर से चालू कराया। बरौनी रिफ़ाइनरी की क्षमता बढ़ाई गई।
कांग्रेस पर निशान साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं इसलिए वह समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब आजादी के समय की कांग्रेस पार्टी नहीं है लेकिन उनको कांग्रेस नाम की मर्यादा तो रखनी चाहिए।
प्रधान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता चीन और पाकिस्तान की बोलते हैं, वे पूछते हैं कि चीन के सैनिक कब हटेंगे, ऐसा करके वे भारत की सेना का मनोबल कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
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