देश की खबरें | बिहार विधानसभा ने लोकायुक्त विधेयक सहित पांच विधेयकों को मंजूरी दी

पटना, 18 मार्च बिहार विधानसभा ने बिहार लोकायुक्त(संशोधन) विधेयक- 2021 जिसमें लोकायुक्त की संस्था के दुरुपयोग और समय की बर्बादी को रोकने के लिए लोकायुक्त के समक्ष झूठे मामले दर्ज करने वालों को दंडित करने का प्रस्ताव है, सहित पांच विधेयकों को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी।

बिहार विधानसभा द्वारा पारित अन्य चार विधेयकों में बिहार नगर पालिका (संशोधन) विधेयक-2021, बिहार कराधान विवाद समाधान विधेयक 2021, बिहार दीवानी अदालत विधेयक 2021 और बिहार विनियोग अधिकाई व्यय (1984-85) विधेयक 2021 शामिल हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बिहार लोकायुक्त (संशोधन) विधेयक 2021 को सदन में पेश करते हुए कहा कि प्रस्तावित कानून झूठे मामलों को लेकर लोकायुक्त संस्था के दुरुपयोग को ध्यान में रखते हुए लाया गया है।

उन्होंने कहा कि लोकायुक्त संस्था में सभी संवर्ग के लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित आरोपों की जांच और मुकदमा चलाया जाता है।

यादव ने कहा कि लोकायुक्त द्वारा स्वयं प्रस्तावित किया गया था कि उनके समक्ष झूठे मुकदमे दर्ज करने वाले लोगों को दंडित करने का प्रावधान होना चाहिए।

मंत्री ने कहा कि अन्य राज्यों के लोकायुक्त अधिनियम में ऐसे गलत व्यक्तियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का प्रावधान है। झूठा मुकदमा दायर करने वाले व्यक्ति के खिलाफ जिला अदालत में मामला दायर किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति झूठा मामला दर्ज करने का दोषी पाया जाता है या गलत गवाही देता है या गलत हलफनामा दायर करता है तो उसे जुर्माने के प्रावधान के अलावा तीन साल तक की सजा दी जाएगी।

मंत्री ने कहा कि यह पता चला है कि लोकायुक्त के समक्ष झूठे मामले दायर किए जा रहे हैं, इसीलिए संस्थान के दुरुपयोग को रोकने के लिए कानून लाया गया है।

हालांकि, अख्तरुल इमान, समीर कुमार महासेठ, अजय कुमार सिंह, अजीत शर्मा और ललित कुमार यादव जैसे सदस्य जिन्होंने प्रस्तावित विधेयक में कुछ संशोधन किए थे, उनका मानना था कि यह वैसे लोगों को जो भ्रष्टाचार को उजागर करते हैं,लोकायुक्त के पास जाने से रोक देगा।

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