नयी दिल्ली, 25 अप्रैल वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को बड़े और छोटे खुदरा कारोबारियों को सरकार प्रवर्तित डिजिटल वाणिज्य के लिये खुले नेटवर्क (ओएनडीसी) की सुविधा से जुड़ने के लिये आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह सभी के लिये एक बड़ा अवसर सृजित करने में मदद करेगा।
डिजिटल तरीके से कारोबार के लिये खुले नेटवर्क का मकसद खुदरा ई-कॉमर्स के सभी पहलुओं के लिये एक मुक्त और स्वतंत्र मंच को बढ़ावा देना है। इससे छोटे खुदरा कारोबारियों को ई-कॉमर्स के जरिये अपना कामकाज बढ़ाने में मदद मिलेगी और बड़ी कंपनियों का दबदबा कम हो सकेगा।
ओएनडीसी एक गैर-लाभकारी कंपनी है। यह विक्रेताओं या लॉजिस्टिक सेवाएं देने वालों अथवा भुगतान की सुविधा देने वाले परिचालकों के इसे स्वैच्छिक रूप से अपनाने को लेकर मानक तैयार कर रही है।
ओएनडीसी से जुड़ने के समय हर पक्ष को लिखित में देना होगा कि वे उसकी नीतियों को पालन करेंगे।
गोयल ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘...ओएनडीसी को सफल बनाने में सभी की भूमिका है। इसलिए, हम सभी को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से इससे जुड़ने को आमंत्रित करते हैं। इसमें किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। यह सभी के लिये खुला मंच है।’’
ग्राहकों की शिकायतों के समाधान के लिये उद्योग मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि यह मंच पूरी तरह से निष्पक्ष हो...यह मंच बिना किसी के हित को नुकसान पहुंचाए ई-कॉमर्स क्षेत्र के सभी पक्षों को आगे बढ़ने और तरक्की का रास्ता देगा।’’
यह छोटे खुदरा कारोबारियों को नई तकनीकों और व्यापार करने के नये तरीकों से जुड़ने की सुविधा देगा।
मंत्री ने कहा, ‘‘ओएनडीसी से किसी को कोई जोखिम नहीं है। यहां तक कि बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों को भी खतरा नहीं है। यह केवल अवसरों को खोलता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ओएनडीसी आने वाले वर्ष में न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में व्यापक स्तर पर बदलाव लाने वाला ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म होगा।’’
गोयल ने सार्वजनिक खरीद पोर्टल जीईएम के बारे में कहा कि इसने करदाताओं के 40,000 करोड़ रुपये बचाए हैं।
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