12 अगस्त की बड़ी खबरें
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फुकेत-दिल्ली उड़ान घटना: एयर इंडिया के कप्तान का मारिजुआना टेस्ट पॉजिटिव-रिपोर्ट
दिल्ली में होगी भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज
ट्रंप सरकार ने नाबालिगों के जेंडर ट्रांजिशन इलाज पर लगाई रोक
यूरोप में दिखेगा दुर्लभ पूर्ण सूर्य ग्रहण
बुधवार को यूरोप में दुर्लभ पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा. चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा. उसकी छाया रूस के सुदूर आर्कटिक इलाके से शुरू होकर ग्रीनलैंड और आइसलैंड से होते हुए आगे बढ़ेगी. स्पेन में पूर्ण सूर्य ग्रहण सबसे साफ दिखाई देगा. इसकी छाया देश के उत्तरी अटलांटिक तट से भूमध्य सागर तक तिरछे रास्ते में जाएगी. यूरोप के ज्यादातर हिस्सों के अलावा कनाडा, उत्तरी अमेरिका और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका में भी आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा. यूरोप में इससे पहले पूर्ण सूर्य ग्रहण 2006 में दिखाई दिया था.
स्पेन में पूर्ण ग्रहण दो मिनट से भी कम समय तक रहेगा और सूर्यास्त से ठीक पहले दिखाई देगा. वहीं आंशिक ग्रहण करीब एक घंटे 45 मिनट तक चल सकता है. यह घटना वैज्ञानिकों के लिए भी खास होगी. वैज्ञानिक सूर्य के बाहरी वातावरण का अध्ययन कर सौर हवाओं और सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र के बारे में नई जानकारी हासिल करने की कोशिश करेंगे. अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. बुधवार को स्पेन के ज्यादातर हिस्सों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने का अनुमान है. देश के कुछ उत्तर-पूर्वी इलाकों में तापमान 40 डिग्री से भी ज्यादा पहुंच सकता है. ऐसे में जंगल में आग लगने का खतरा बहुत ज्यादा है.
फ्रांस के न्यूक्लियर पावर प्लांट पर जेलीफिश का हमला
फ्रांस में बुधवार को परमाणु बिजली उत्पादन क्षमता में 20.4 फीसदी की रिकॉर्ड कमी दर्ज की गई. ऊर्जा कंपनी ईडीएफ से उपलब्ध आंकड़ों से इसका पता चला. सूखा, भीषण गर्मी और समुद्र में जेलीफिश के बड़े झुंड के कारण कई परमाणु रिएक्टरों को बंद करना पड़ा या उनकी उत्पादन क्षमता घटानी पड़ी. फ्रांस अपनी करीब 70 फीसदी बिजली परमाणु ऊर्जा से पैदा करता है. सुबह 9:45 से 10 बजे के बीच पर्यावरणीय कारणों से परमाणु संयंत्रों में बिजली उत्पादन बाधित होने का नया रिकॉर्ड बना.
ईडीएफ के कुल 57 रिएक्टरों में से 13 प्रभावित हुए. इनमें आठ रिएक्टर पूरी तरह बंद रहे. जबकि पांच को कम क्षमता पर चलाया गया. सबसे ज्यादा असर पश्चिमी यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्रों में शामिल ग्रावलीन पावर प्लांट पर पड़ा. यहां छह में से पांच रिएक्टर जेलीफिश के बड़े झुंड के कारण प्रभावित हुए. जेलीफिश के झुंड ने संयंत्र के रिएक्टरों को ठंडा करने के लिए इस्तेमाल होने वाले पानी के पंपों को जाम कर दिया. इसके चलते रिएक्टरों को पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद करना पड़ा.
विशेषज्ञों के मुताबिक, अत्यधिक मछली पकड़ने, प्लास्टिक प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र के बढ़ते तापमान ने जेलीफिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा की हैं. इससे उनकी संख्या और प्रजनन में बढ़ोतरी हुई है. ग्रावलीन के अलावा फ्रांस के अन्य परमाणु संयंत्रों में उत्पादन में कमी या बंदी का संबंध अत्यधिक गर्मी और सूखे से है.
कैश बरामदगी मामला: जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़ी जांच रिपोर्ट संसद में पेश
संसद द्वारा नियुक्त जांच समिति ने जस्टिस यशवंत वर्मा के आधिकारिक आवास के स्टोर रूम से नकदी मिलने के मामले में उनके खिलाफ लगाए गए सभी तीन आरोपों को साबित माना है. बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा में पेश रिपोर्ट में समिति ने कहा कि स्टोर रूम से बड़ी मात्रा में 500 रुपये के नोट बरामद हुए थे, लेकिन जस्टिस वर्मा उनकी मौजूदगी, स्रोत या मालिकाना हक के बारे में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके. समिति के अनुसार यह आचरण एक संवैधानिक अदालत के न्यायाधीश से अपेक्षित पारदर्शिता और जवाबदेही के मानकों पर खरा नहीं उतरता.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नकदी मिलने के बाद स्टोर रूम को विधिवत सील और निरीक्षण किए जाने से पहले उसकी स्थिति में बदलाव हुआ, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संरक्षण पर असर पड़ा. जांच समिति ने माना कि भौतिक साक्ष्य सुरक्षित नहीं रखे गए और बाद में नकदी का उपलब्ध न होना भी रहस्य बना रहा. हालांकि समिति ने यह नहीं कहा कि जस्टिस वर्मा ने स्वयं नकदी हटाई, लेकिन परिसर से जुड़े तंत्र के जरिए साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और उन्हें सुरक्षित न रखने की जिम्मेदारी तय की.
समिति ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि जस्टिस वर्मा ने शुरुआत में आरोपों से इनकार किया था और बाद में नकदी रखे जाने या किसी साजिश की संभावना जैसी दलीलें दीं, लेकिन इनके समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया गया. न तो इस संबंध में कोई एफआईआर दर्ज कराई गई और न ही कथित साजिश या साक्ष्य से छेड़छाड़ को लेकर औपचारिक शिकायत दी गई. इन परिस्थितियों को देखते हुए समिति ने उनके बचाव को "टालमटोल वाला और असंतोषजनक" करार देते हुए तीनों आरोपों को सिद्ध माना.
कुत्ते इंसानों के चेहरे के भाव पहचान सकते हैं, स्टडी में सामने आया
वियना यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कुत्तों के दिमाग पर किए एक अध्ययन में पाया है कि वे इंसानों के चेहरे पर दिखने वाले भावों को पहचान लेते हैं. शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह पहली बार है जब इस क्षमता के सबूत कुत्तों के मस्तिष्क की गतिविधियों के जरिए मिले हैं. अध्ययन में 12 कुत्तों के ब्रेन स्कैन किए गए. इस दौरान उन्हें अलग-अलग भावनाओं वाले इंसानी चेहरों की तस्वीरें दिखाई गईं. मशीन लर्निंग की मदद से वैज्ञानिकों ने कुत्तों के दिमाग में होने वाली गतिविधियों का विश्लेषण किया.
पूरे मस्तिष्क की गतिविधियों का विश्लेषण करने पर वैज्ञानिकों को डर, गुस्से और उदासी के बीच कई पैटर्न दिखाई दिए. शोधकर्ताओं ने पाया कि दिमाग के टेम्पोरल कॉर्टेक्स और कॉडेट न्यूक्लियस जैसे हिस्से, खास तौर पर खुश चेहरों को देखकर, सक्रिय हुए. वहीं गुस्सा, डर और उदासी वाले चेहरों को देखकर वैसी सक्रियता नहीं दिखाई दी. वरिष्ठ शोधकर्ता लॉरा कुआया कहती हैं कि कुत्ते इंसानों के साथ लंबे समय से विकसित होते आए हैं. वे हमारे भावों को समझते हैं और सहयोग करते हैं.
शोधकर्ता अब यह पता लगाने की योजना बना रहे हैं कि कुत्ते बॉडी लैंग्वेज, आवाज के उतार-चढ़ाव और गंध जैसे अन्य संकेतों से अपने आसपास मौजूद इंसानों को कैसे समझते हैं.
अफगानिस्तान में 24 लाख लड़कियां शिक्षा से वंचित, यूनेस्को ने जताई गहरी चिंता
साल 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से लड़कियों की शिक्षा पर लगे प्रतिबंध का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. यूनेस्को के अनुसार, 2021 के बाद से करीब 24 लाख लड़कियां माध्यमिक शिक्षा से वंचित हो चुकी हैं. यह संख्या पिछले साल की तुलना में लगभग दो लाख बढ़ी है और यदि प्रतिबंध जारी रहता है तो 2030 तक यह आंकड़ा 40 लाख के करीब पहुंच सकता है. यूनेस्को ने कहा कि अफगानिस्तान दुनिया का एकमात्र देश है जहां लड़कियों और महिलाओं को औपचारिक रूप से माध्यमिक और उच्च शिक्षा से रोका गया है.
तालिबान ने अगस्त 2021 में सत्ता संभालने के बाद शुरुआती दौर में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भरोसा दिलाया था कि महिलाओं की शिक्षा जारी रहेगी. हालांकि मार्च 2022 में लड़कियों के माध्यमिक विद्यालय बंद कर दिए गए और उसी साल दिसंबर में महिलाओं के विश्वविद्यालय जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया. तालिबान का कहना है कि ये फैसले इस्लामी कानून और अफगान संस्कृति की उनकी व्याख्या के अनुरूप हैं, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने महिलाओं पर लगाए गए व्यापक प्रतिबंधों को "जेंडर अपार्थाइड" करार दिया है.
यूनेस्को का कहना है कि इन प्रतिबंधों ने पिछले दो दशकों में लड़कियों की शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति को लगभग पलट दिया है. साल 2021 तक करीब 10 लाख लड़कियां माध्यमिक शिक्षा में नामांकित थीं, लेकिन अब उनकी शिक्षा का रास्ता बंद हो गया है. संगठन ने लड़कियों और महिलाओं के लिए माध्यमिक और उच्च शिक्षा को तुरंत और बिना शर्त बहाल करने की मांग की है. इसके साथ ही यूनेस्को समुदाय आधारित शिक्षा, साक्षरता और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए प्रभावित लड़कियों को सीखने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है.
मुंबई: भूस्खलन की घटना में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या छह हुई, चार घायल
मुंबई के कुर्ला (पश्चिम) के अशोक नगर में बुधवार सुबह हुए भूस्खलन में अब तक 6 लोगों की मौत की प्रशासन ने पुष्टि की है. वहीं, हादसे में घायल हुए 4 लोगों का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है.
मुंबई में लगातार हो रही बारिश के कारण बुधवार सुबह 3 से 3.45 बजे के बीच अचानक पहाड़ का एक हिस्सा चॉल के 2 से 3 घरों पर गिर गया. सूचना मिलते ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अधिकारी, कर्मचारी, दमकल विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), मुंबई पुलिस, एंबुलेंस और अन्य सभी एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.
क्या भारत में पर्यावरणीय खतरों को नजरअंदाज किया जा रहा है?
मुंबई की महापौर रितू तावडे ने एक्स पर पोस्ट में कहा, "कुर्ला वेस्ट में अशोक नगर, हिल नंबर 3 पर बुधवार सुबह हुई भूस्खलन की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जानकारी मिलने पर मैं घटनास्थल पर गई और बचाव कार्यों का निरीक्षण किया. इस दुखद घटना में मिट्टी और मलबा कुछ घरों पर गिर गया, जिससे लोगों की जान चली गई."
महापौर ने कहा, "बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी), मुंबई फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, मुंबई पुलिस और 108 एंबुलेंस सेवाओं समेत सभी संबंधित विभाग बचाव कार्य करने के लिए घटनास्थल पर युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं. हालांकि, घटनास्थल तक पहुंचने का रास्ता बहुत संकरा होने के कारण बचाव कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं, फिर भी मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जोर-शोर से कोशिशें की जा रही हैं."
एफसीआरए बिल जेपीसी को भेजने का प्रस्ताव मंजूर
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (एफसीआरए) को बुधवार को संसद में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया. लोकसभा में कार्यवाही फिर शुरू होने के बाद केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने इस संबंध में प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने स्वीकार कर लिया. प्रस्ताव के अनुसार समिति में कुल 31 सदस्य होंगे, जिनमें 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा के सदस्य शामिल होंगे.
एफसीआरए में प्रस्तावित संशोधन का विरोध क्यों?
जेपीसी को विधेयक के प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. समिति को शीतकालीन सत्र 2026 के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक अपनी रिपोर्ट संसद को सौंपनी होगी. प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि समिति की बैठकों के लिए कुल सदस्यों की एक-तिहाई संख्या को कोरम माना जाएगा. साथ ही लोकसभा ने राज्यसभा से भी इस संयुक्त समिति में अपने सदस्यों को नामित करने की सिफारिश की है.
कैसे दम तोड़ रहा है भारत का 50 साल पुराना थिंक टैंक सीपीआर
विधेयक को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया है. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने विधेयक वापस लेने की मांग की, जबकि समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने भी उनका समर्थन किया. जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार द्वारा विधेयक को जेपीसी के पास भेजे जाने का विपक्ष को स्वागत करना चाहिए और इसमें अल्पसंख्यक संस्थानों को निशाना बनाने जैसा कुछ नहीं है. विपक्ष का आरोप है कि प्रस्तावित संशोधनों का इस्तेमाल नागरिक समाज संगठनों और अल्पसंख्यक संस्थानों के खिलाफ किया जा सकता है.
जर्मनी में लड़कियों में ईटिंग डिसऑर्डर के मामले बढ़े
जर्मनी में 10 से 17 साल की लड़कियों के ईटिंग डिसऑर्डर के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने के मामले 20 साल में दोगुने से ज्यादा बढ़ गए हैं. जर्मनी के संघीय सांख्यिकी कार्यालय ने मंगलवार को बताया कि 2004 में करीब 2,800 लड़कियां अस्पताल में भर्ती हुई थीं. जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर लगभग 6,000 हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में इस उम्र की लड़कियां ईटिंग डिसऑर्डर के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कुल मरीजों में 48.1 फीसदी थीं.
जर्मनी में सभी उम्र के लोगों में ईटिंग डिसऑर्डर के इलाज के मामले भी बढ़े हैं. साल 2023 की तुलना में 2024 में ऐसे मरीजों की संख्या 2.2 फीसदी बढ़कर 12,400 हो गई. इनमें सबसे ज्यादा करीब 9,000 मामले एनोरेक्सिया के थे. करीब 1,300 मरीजों का इलाज बुलिमिया के लिए किया गया. सांख्यिकी कार्यालय ने कहा कि सभी उम्र के लोगों में लड़कियों को लड़कों की तुलना में ईटिंग डिसऑर्डर के कारण ज्यादा बार अस्पताल में भर्ती कराया जाता है. साल 2024 में अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों में 92.9 फीसदी महिलाएं और लड़कियां थीं. साल 2004 में यह आंकड़ा 88.5 फीसदी था.
भारत: युवा लड़कों में क्यों बढ़ रही है लड़कियों जैसे स्तन की समस्या?
फुकेत-दिल्ली उड़ान घटना: एयर इंडिया के कप्तान का गांजा टेस्ट पॉजिटिव-रिपोर्ट
एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान के कप्तान का कन्फर्मेटरी ड्रग टेस्ट मारिजुआना (गांजा) के लिए पॉजिटिव आया है. यह जानकारी समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र के हवाले से दी. यह वही उड़ान है, जिसने पिछले सप्ताह अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई खो दी थी. घटना के बाद भारतीय अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है.
घटना के मद्देनजर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन को तलब किया. सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने एयरलाइन से जांच की प्रगति और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी मांगी है. हालांकि, एयर इंडिया और मंत्रालय की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है.
फुकेत से दिल्ली आ रही एयरबस ए320 निओ उड़ान ओडिशा के ऊपर से गुजर रही थी, जब उसमें "ऊंचाई परिवर्तन" हुआ. इस घटना में 13 यात्री और चार क्रू सदस्य घायल हुए थे. विमान में 137 यात्री और आठ चालक दल के सदस्य सवार थे तथा यह सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतर गया. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पहले कहा था कि कप्तान की प्रारंभिक जांच में साइकोएक्टिव पदार्थों की मौजूदगी के संकेत मिले थे, जिसके बाद कन्फर्मेटरी लैब टेस्ट कराया गया.
दिल्ली में होगी भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज
अफगानिस्तान और भारत के बीच सितंबर में तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेली जाएगी, जिसमें अफगानिस्तान आधिकारिक तौर पर मेजबान होगा, हालांकि सभी मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे. 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद सुरक्षा कारणों से अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बहाल नहीं हो सका है, जिसके चलते अफगान टीम अपने घरेलू मैच भारत और संयुक्त अरब अमीरात में खेलती रही है. अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) के अध्यक्ष मिरवाइस अशरफ ने कहा कि इस महत्वपूर्ण सीरीज के लिए भारत सबसे उपयुक्त मेजबान स्थल है.
भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा कि भारत अफगानिस्तान में क्रिकेट के विकास के लिए सहयोग जारी रखेगा और दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों को और मजबूत करेगा. दोनों टीमों की पिछली भिड़ंत जून में हुई थी, जिसमें भारत ने एकमात्र टेस्ट मैच पारी और 300 रन से जीता था. इसके बाद भारतीय टीम ने वनडे सीरीज में भी अफगानिस्तान का 3-0 से सफाया किया था. अब सितंबर की टी20 सीरीज में अफगानिस्तान बेहतर प्रदर्शन कर पिछली हार का बदला लेने की कोशिश करेगा.
हिटलर की चांसलरी के नीचे बने बंकर पर बनेंगे घर
जर्मनी की राजधानी बर्लिन में एडोल्फ हिटलर की पूर्व चांसलरी की जगह के नीचे मौजूद एक ऐतिहासिक बंकर को नए आवासीय प्रोजेक्ट के चलते नष्ट किया जा सकता है. शहर के भूमिगत ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित करने वाले बर्लिनर उन्टरवेल्टेन संगठन के मुताबिक, ब्रांडेनबर्ग गेट के आसपास नाजी दौर में बनाए गए कई बंकरों में से अब केवल चार बचे हैं. इनमें से एक यह बंकर है, जिसका क्षेत्रफल करीब 1,250 वर्ग मीटर है. संगठन के अध्यक्ष डाइटमार अर्नोल्ड ने कहा कि यह महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है और इसे नष्ट नहीं किया जाना चाहिए. बंकर के बचे हुए हिस्से के ऊपर आसानी से नया निर्माण किया जा सकता है.
जहां जन्मा था हिटलर, वहां बना पुलिस स्टेशन
वहीं, बर्लिन प्रशासन का कहना है कि शहर में नए घर बनाना जरूरी है. बढ़ते किराए और घर मिलने में परेशानी के कारण आवास अहम मुद्दा बन गया है. प्रस्तावित परियोजना के तहत 66 नए अपार्टमेंट बनाए जाने हैं, जिसके लिए मौजूदा बंकर के अवशेषों को हटाना पड़ सकता है. वहीं बर्लिन के उप निर्माण मंत्री क्रिश्चियन गैबलर ने कहा कि सरकार ऐसे बंकर को बचाने के लिए नए घरों के निर्माण का विरोध नहीं करेगी क्योंकि इससे हिटलर के समर्थकों के लिए यह जगह आकर्षण का केंद्र बन सकती है.
पूर्वज नाजी थे ये पता चलने पर जर्मनी में कैसा लगता है
झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई निंदनीय, ऐसी क्रूरता नहीं होनी चाहिए: अभिजीत दीपके
झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने झारखंड सरकार पर जुबानी हमला किया. उन्होंने छात्रों पर कथित तौर पर आंसू गैस और लाठीचार्ज किए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. वहीं, आंदोलन के नेता देवेंद्र नाथ महतो के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि उनकी टीम लगातार आंदोलनकारियों के संपर्क में है और उन्हें हरसंभव मदद दी जा रही है.
अभिजीत दीपके ने झारखंड में हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां का घटनाक्रम बेहद खराब था. जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन से इसकी तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठियां बरसाई गईं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब राजनीतिक दल प्रदर्शन करते हैं तो उनके खिलाफ उसी तरह लाठीचार्ज या आंसू गैस का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता. लेकिन, छात्रों के आंदोलनों के दौरान ही ऐसी कार्रवाई देखने को मिलती है.
झारखंड में क्यों नहीं शांत हो रहा छात्रों का गुस्सा
दीपके ने कहा कि छात्रों का आंदोलन किसी वोट बैंक के लिए नहीं है. वे अपने अधिकारों और अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं. ऐसे में उनके खिलाफ कथित तौर पर बल प्रयोग को उचित नहीं ठहराया जा सकता.
अभिजीत दीपके ने बताया कि उनकी देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत हुई है. महतो कई दिनों से अनशन पर थे और इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई में उनके घायल होने की बात सामने आई है. महतो की तबीयत को लेकर उनकी टीम लगातार जानकारी ले रही है और अस्पताल में भी टीम के लोग मौजूद रहे.
ट्रंप सरकार ने नाबालिगों के जेंडर ट्रांजिशन इलाज पर लगाई रोक
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने घोषणा कर बताया कि नाबालिगों की जेंडर ट्रांजिशन सर्जरी और हार्मोन इलाज के लिए दो बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं मेडिकऐड और चिल्ड्रन हेल्थ इंश्योरेंस प्रोग्राम (सीएचआईपी) अब पैसे नहीं देगी. उनकी सरकार बच्चों को बचाने के लिए कदम उठा रही है. इसमें नाबालिगों में जेंडर डिस्फोरिया के इलाज के लिए प्यूबर्टी ब्लॉकर्स, क्रॉस-सेक्स हार्मोन और जेंडर ट्रांजिशन सर्जरी शामिल हैं. यह नियम अक्टूबर से लागू होगा. इसके बाद कम आय वाले परिवारों के बच्चों के लिए इन इलाजों की सरकारी मदद बंद हो जाएगी. ये दोनों मिलकर अमेरिका में करीब 3.55 करोड़ बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाएं उब्लब्ध कराती हैं.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि उनके निर्देश पर सेंटर फॉर मेडिकेयर एंड मेडिकएड सर्विस (सीएमएस) के प्रशासक डॉ. मेहमत ओज ने यह फैसला लिया है. उन्होंने दावा किया कि इन प्रक्रियाओं से बच्चों को गंभीर और स्थायी नुकसान हो सकता है. साथ ही इस फैसले का उद्देश्य ऐसी प्रक्रियाओं पर करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल रोकना है. डॉ. मेहमत ओज ने ऐसी प्रक्रियाओं को 'प्रयोगात्मक' बताते हुए कहा कि बच्चों को सुरक्षित रखना जरूरी है और उन्हें ऐसी प्रक्रियाओं से बचाया जाना चाहिए.
वहीं मेडिकल संगठनों और एलजीबीटीक्यू+ अधिकार समूहों का कहना है कि ऐसे फैसले मरीज, माता-पिता और डॉक्टर के बीच होने चाहिए, न कि सरकार द्वारा तय किए जाने चाहिए.
दुनिया में 6.7 करोड़ युवा बेरोजगार, एआई से दबाव बढ़ने की चेतावनी
वैश्विक स्तर पर युवा बेरोजगारी 2025 में बढ़कर 12.4 फीसदी हो गई है. कमजोर आर्थिक वृद्धि, भू-राजनीतिक तनाव और रोजगार सृजन की धीमी रफ्तार के कारण 15 से 24 वर्ष की उम्र के युवाओं के लिए नौकरी पाना मुश्किल हो गया है. यह दर साल 2023 में 12.3 फीसदी थी. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने अपनी नई रिपोर्ट में यह जानकारी देते हुए चेतावनी दी है कि एआई आने वाले समय में श्रम बाजार पर दबाव और बढ़ा सकता है. संगठन का अनुमान है कि 15 से 24 वर्ष की उम्र के युवाओं द्वारा की जा रही 6.1 फीसदी नौकरियां एआई से होने वाले बदलावों के लिहाज से सबसे अधिक प्रभावित होने वाली श्रेणी में हैं.
युवाओं के लिए उपलब्ध नौकरियों की संख्या के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता में भी गिरावट आई है. करीब 20 फीसदी युवा ऐसे हैं जो न नौकरी कर रहे हैं, न पढ़ाई और न ही कोई ट्रेनिंग ले रहे हैं. कम और निम्न-मध्यम आय वाले देशों में करीब 10 में से 9 युवा कामगार अनौपचारिक रोजगार में है. अरब देशों में युवा बेरोजगारी दर सबसे अधिक 26.2 फीसदी रही. उत्तरी अफ्रीका में यह दर 22.6 फीसदी रही. विकसित अर्थव्यवस्थाओं में भी स्थिति खराब हुई है. उत्तरी अमेरिका में युवा बेरोजगारी 2023 के 8.3 फीसदी से बढ़कर 2025 में 9.8 फीसदी हो गई. वहीं उत्तरी, दक्षिणी और पश्चिमी यूरोप में यह दर 15 फीसदी रही. भारत में यह दर 16.02 फीसदी है.
लेबनान ने खत्म की मृत्युदंड की सजा, ऐसा करने वाला मध्य पूर्व का पहला देश बना
लेबनान की संसद ने मृत्युदंड को समाप्त करने के लिए ऐतिहासिक कानून पारित कर दिया है. इसके साथ ही लेबनान मध्य पूर्व का पहला देश बन गया है जिसने औपचारिक रूप से मौत की सजा को खत्म कर दिया है. नए कानून के तहत हत्या, आतंकवाद और जासूसी जैसे अपराधों के लिए अब मृत्युदंड की जगह कठोर श्रम सहित आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी.
अमेरिका में पहली बार नाइट्रोजन गैस से दिया जाएगा मृत्युदंड, संयुक्त राष्ट्र चिंतित
लेबनान ने जनवरी 2004 के बाद से किसी भी कैदी को फांसी नहीं दी थी, हालांकि अदालतें मृत्युदंड सुनाती रही थीं. न्याय मंत्रालय के अनुसार, 2026 की शुरुआत तक 85 लोग फांसी की सजा के अमल के इंतजार में थे. न्याय मंत्री आदेल नास्सार ने संसद के इस फैसले को "ऐतिहासिक कदम" बताया, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने इसे न्याय और मानवाधिकारों की दिशा में बड़ी उपलब्धि करार दिया.
एक मशहूर डांसर जिसे जासूसी के आरोप में मिली मौत की सजा
संयुक्त राष्ट्र के लेबनान के लिए विशेष समन्वयक जीन अर्नो ने कहा कि यह फैसला देश को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के और करीब ले जाता है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टुर्क ने भी इस कदम की सराहना करते हुए क्षेत्र के अन्य देशों से इसका अनुसरण करने की अपील की. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व के कई देशों में मृत्युदंड अब भी व्यापक रूप से लागू है, जिनमें ईरान और सऊदी अरब प्रमुख हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 12, 2026 08:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

