18 नवंबर की बड़ी खबरें और अपडेट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत और दुनिया की सारी बड़ी खबरें एक साथ, एक जगह पढ़ने के लिए आप सही जगह पर हैं. इस पेज को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा अपडेट लाइव आप तक ला सकें.-इस्तांबुल के होटल में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से जर्मन परिवार की मौत, कई गिरफ्तार

-शीर्ष नक्सली कमांडर माडवी हिडमा की पुलिस एनकाउंटर में मौत

- संयुक्त राष्ट्र में गाजा पर अमेरिका के प्रस्ताव को मंजूरी लेकिन हमास इससे नाखुश

-कैदी को यह खाना नहीं मिला तो ठोका ‘सांस्कृतिक अधिकार का उल्लंघन’ का मुकदमा

खशोगी की हत्या के बाद पहले अमेरिकी दौरे पर सऊदी क्राउन प्रिंस, फाइटर जेट, एआई सौदों पर बातचीत

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का व्हाइट हाउस में स्वागत करेंगे. यह दौरा 2018 में पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के बाद युवराज का पहला दौरा है. इस विवाद के बाद अमेरिका और सऊदी के रिश्तों में खटास आई थी. लेकिन फिलहाल ट्रंप क्राउन प्रिंस को मध्य पूर्व में एक अनिवार्य सहयोगी मानते हुए समर्थन दे रहे हैं.

इस मुलाकात में दोनों नेता अरबों रुपयों के रक्षा और आर्थिक समझौतों की घोषणा करेंगे, जिनमें एफ-35 लड़ाकू विमानों की बिक्री और अमेरिकी एआई संरचना में सऊदी निवेश शामिल है. मोहम्मद बिन सलमान अपनी अर्थव्यवस्था की तेल पर निर्भरता कम करना चाहते हैं. इसलिए खनन, प्रौद्योगिकी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी निवेश पर नजर गड़ाए हुए हैं. समाचार एजेंसी एपी के अनुसार औपचारिक घोषणा से पहले एक उच्च प्रशासनिक अधिकारी का कहना है की सऊदी अरब अमेरिकी एआई संरचना में बहु-अरब डॉलर के निवेश की घोषणा भी कर सकता है.

आर्थिक सहयोग के साथ-साथ, दोनों देश असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में नए सहयोग पर भी चर्चा करेंगे. बुधवार को होने वाले एक निवेश शिखर सम्मेलन में अमेरिका की बड़ी कंपनियों के प्रमुख हिस्सा लेंगे, जहां सऊदी अरब के साथ और अधिक समझौते हो सकते हैं.

ताइवान पर चीन और जापान के बीच तनाव बढ़ा, यात्रियों को चेतावनी

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची द्वारा ताइवान को लेकर दिए गए बयान से चीन और जापान के बीच गंभीर टकराव शुरू हो गया है. ताकाइची ने कहा था कि यदि ताइवान पर चीन का हमला जापान के अस्तित्व को खतरे में डालता है तो वे सैन्य प्रतिक्रिया दे सकती हैं. चीन ने टिप्पणी वापस लेने की मांग की है, लेकिन जापान सरकार ने अपना रुख बदलने से इनकार कर दिया है. दोनों देशों के अधिकारियों की बैठकें भी अब तक बेनतीजा रही हैं.

इस बढ़ते तनाव के चलते, जापान ने चीन में मौजूद अपने नागरिकों को भीड़-भाड़ से बचने और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने की चेतावनी दी है. चीन के सरकारी मीडिया ने ताकाइची पर तीखे हमले किए हैं और एक चीनी राजनयिक की धमकी भरी टिप्पणी पर जापान ने कड़ा विरोध जताया. पलटवार में, बीजिंग ने अपने नागरिकों से जापान की यात्रा ना करने की अपील की है, जिससे जापानी पर्यटन उद्योग और वहां की विमानन कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है.

विवाद के कारण, चीन में जापानी फिल्मों की रिलीज भी रोक दी गई है. जापान ने स्वीकार किया है कि खनिजों और अन्य चीजों के लिए चीन पर अत्यधिक आर्थिक निर्भरता खतरनाक है, खासकर जब चीन असहमति पर आर्थिक दबाव का इस्तेमाल करता है. दोनों देश अब दो राहे खड़े हैं, जहां तनाव कम करने के कई प्रयासों के बावजूद सफलता नजर नहीं आ रही है.

उमर अब्दुल्ला: "हर कश्मीरी मुसलमान को संदेह से न देखा जाए"

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को दिल्ली धमाके और कथित "व्हाइट कॉलर" आतंकी मॉड्यूल में शामिल लोगों को कड़ी सजा देने की मांग की. उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन निर्दोष नागरिकों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.

अब्दुल्ला ने बताया कि उन्होंने यह मुद्दा सोमवार, 17 नवंबर को उत्तर जोन मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में भी उठाया था, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री, गृह सचिव, उत्तर जोन के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और उपराज्यपाल मौजूद थे. उन्होंने अपील की कि जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक, खासकर हर कश्मीरी मुसलमान को शक की नजर से न देखा जाए.

श्रीनगर के नौगाम पुलिस थाने में ब्लास्ट, नौ लोगों की मौत

मुख्यमंत्री ने पिछले सप्ताह भी कहा था कि दिल्ली धमाके के दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, लेकिन पूरे जम्मू-कश्मीर की आबादी को आतंकवाद के समर्थक के रूप में पेश करना गलत है. उन्होंने यह बयान श्रीनगर के एक अस्पताल में घायल लोगों से मिलने के बाद दिया, जो 14 नवंबर को नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए आकस्मिक विस्फोट में जख्मी हुए थे.

संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: 2026 में भुखमरी बढ़ेगी

विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने अपनी 2026 ग्लोबल आउटलुक रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि अगले साल 31.8 करोड़ लोग गंभीर भूख या उससे भी बदतर स्थिति का सामना करेंगे. यह संख्या 2019 की तुलना में दोगुनी है. एजेंसी ने कहा कि संसाधनों की भारी कमी के कारण वह केवल 11 करोड़ सबसे कमजोर लोगों को सहायता दे पाएगी, जबकि इसके लिए 13 अरब डॉलर की जरूरत है. मौजूदा अनुमान बताते हैं कि डब्ल्यूएफपी को इसका आधा ही फंड मिल पाएगा.

डब्ल्यूएफपी को सबसे बड़ा फंड देने वाले अमेरिका ने राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के नेतृत्व में विदेशी सहायता में कटौती की है. अन्य प्रमुख देशों ने भी मदद घटाई है. एजेंसी ने बताया कि 2025 में उसे पिछले साल की तुलना में 40 फीसदी कम फंड मिला, जिससे बजट 10 अरब डॉलर से घटकर 6.4 अरब डॉलर रह गया.

डब्ल्यूएफपी ने कहा कि वह आपातकालीन खाद्य और पोषण सहायता देने के साथ-साथ समुदायों को झटकों से उबरने की क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा. एजेंसी तकनीक का उपयोग कर दक्षता बढ़ाने और राष्ट्रीय प्रणालियों को मजबूत करने पर काम कर रही है. यूएन खाद्य कार्यक्रम की कार्यकारी निदेशक सिंडी मैक्केन ने कहा, "दुनिया एक साथ गाजा और सूडान के कुछ हिस्सों में अकाल से जूझ रही है. 21वीं सदी में यह पूरी तरह अस्वीकार्य है." उन्होंने आगे कहा, "भूख और गहरी जड़ें जमा रही है. हमें पता है कि शुरुआती और प्रभावी समाधान जीवन बचाते हैं, लेकिन बेहद जरूरी है कि हमें अधिक समर्थन मिले."

यूएन: वैश्विक मीथेन कटौती प्रयासों में धीमी प्रगति, उम्मीद बरकरार

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मीथेन उत्सर्जन को कम करने के वैश्विक प्रयास उतने ही कमजोर हैं जितने कार्बन डाइऑक्साइड के मामले में. मीथेन, जो जीवाश्म ईंधन से निकलता है, कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में लगभग 30 गुना अधिक गर्मी रोकता है, लेकिन इसकी उम्र वायुमंडल में केवल 12 साल होती है. विशेषज्ञों का कहना है कि मीथेन उत्सर्जन में तेजी से कटौती और जलवायु परिवर्तन को धीमा करने के लिए "हैंड ब्रेक" का काम कर सकती है.

2021 में शुरू हुई संयुक्त राष्ट्र की ग्लोबल मीथेन प्रतिज्ञा के तहत 2030 तक उत्सर्जन में 30 फीसदी कटौती का लक्ष्य है. लेकिन मौजूदा योजनाओं के आधार पर 2030 तक केवल 8 फीसदी कमी की उम्मीद है, जबकि बिना किसी प्रयास के यह 13 प्रतिशत बढ़ सकता है. स्वतंत्र विश्लेषणों के अनुसार, उत्सर्जन अगले पांच वर्षों में लगभग स्थिर रह सकता है. पिछले छह वर्षों में मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों में लगभग 4 फीसदी की वृद्धि हुई है.

विशेषज्ञों का कहना है कि जीवाश्म ईंधन से निकलने वाली मीथेन गैस को पकड़ना कंपनियों के लिए लाभकारी हो सकता है, क्योंकि यह गैस अक्सर बिना उपयोग के जलाई जाती है. हालांकि, बुनियादी ढांचे की कमी और निवेश पर कम रिटर्न के कारण कंपनियां नई खोज को प्राथमिकता देती हैं. संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों ने कहा कि "हमने गति पकड़ी है, लेकिन लक्ष्य हासिल करने के लिए अतिरिक्त प्रयास जरूरी हैं."

अमेरिका दे रहा चीन से लोन ना लेने की चेतावनी, खुद लेता है उससे सबसे ज्यादा उधार

वॉशिंगटन सालों से दुनिया को चेतावनी देता रहा कि चीन के सरकारी बैंकों से कर्ज लेना खतरनाक है. लेकिन समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक एक नई रिपोर्ट में सामने आया है कि अमेरिका खुद चीन के कर्ज का सबसे बड़ा लाभार्थी रहा है. एडडेटा नामक शोध संस्था के अनुसार, पिछले 25 सालों में चीन ने अमेरिकी कंपनियों में 200 अरब डॉलर का निवेश किया, जिनमें से कई कर्ज शेल कंपनियों के जरिए कैमन आइलैंड्स, बरमूडा और डेलावेयर से होकर गुजरे ताकि असली स्रोत छुपा रहे.

रिपोर्ट में बताया गया कि यह पैसा चीनी कंपनियों को अमेरिकी तकनीक और सुरक्षा से जुड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने में मदद के लिए इस्तेमाल हुआ. इन कंपनियों में रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और बायोटेक जैसी रणनीतिक कंपनियां शामिल हैं. इससे यह पता चलता है कि अमेरिकी चेतावनी के बावजूद चीन का वित्तीय प्रभाव अमेरिका में गहरा और जटिल है.

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क केवल विकासशील देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका के सहयोगी देश जैसे ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड्स तक फैला हुआ है. इससे अमेरिका की नीति और सुरक्षा पर नए सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि खुद अमेरिका जिस खतरे को लेकर दूसरों को चेताता रहा, वही उसे दरकिनार कर चीन से ऋण ले रहा है.

कैदी को यह खाना नहीं मिला तो ठोका ‘सांस्कृतिक अधिकार का उल्लंघन’ का मुकदमा

मेलबर्न में उम्रकैद की सजा काट रहे 54 वर्षीय आंद्रे मिकेक्नी ने अदालत में याचिका दायर कर कहा है कि जेलों में वेजेमाइट पर प्रतिबंध उसके बतौर ऑस्ट्रेलियाई अपनी संस्कृति का आनंद लेने के अधिकार का हनन है. ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया की सभी 12 जेलों में यह लोकप्रिय नमकीन मक्खन जैसा लेप 2006 से प्रतिबंधित है, क्योंकि कैदी इसे नशे को छिपाने और यीस्ट के जरिए शराब बनाने में इस्तेमाल करते रहे हैं.

मिकेक्नी सुधार विभाग और जेल प्रशासन पर आरोप लगा रहा है कि वेजेमाइट ना देकर उन्होंने सुधार कानून और मानवाधिकार कानून, दोनों का उल्लंघन किया है. वह चाहता है कि प्रतिबंध के फैसले की दोबारा समीक्षा हो. मामले की सुनवाई अगले साल तय है. कई लोगों की तरह वह भी वेजेमाइट को अपनी रोजमर्रा की संस्कृति का हिस्सा बताता है. हालांकि जेल में इसे सख्ती से प्रतिबंधित रखा गया है.

उधर अपराध पीड़ितों के प्रतिनिधियों ने इस मुकदमे को “फिजूल और अपमानजनक” बताया है. मिकेक्नी 1994 में एक कारोबारी की हत्या में दोषी ठहराया गया था और अब एक उच्च-सुरक्षा जेल में बंद है. वेजेमाइट पर पाबंदी ऑस्ट्रेलिया के कुछ राज्यों में लागू है, जबकि अन्य राज्यों में इसकी अनुमति अब भी बरकरार है.

पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई में 15 चरमपंथी मारे गए

पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर देश के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में अफगान सीमा के पास दो ठिकानों पर छापेमारी कर 15 चरमपंथियों को मार गिराया. सेना ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि पहली कार्रवाई खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान जिले में हुई, जहां 10 पाकिस्तानी तालिबान मारे गए.

दूसरी कार्रवाई उत्तरी वजीरिस्तान जिले में की गई, जिसमें पांच और चरमपंथी ढेर हुए. सेना ने मारे गए आतंकियों को "खवारिज" बताया, यह शब्द उन चरमपंथियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जिन्हें पाकिस्तान- अफगानिस्तान और भारत से समर्थन प्राप्त होने का आरोप लगाता है. इनमें प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े लोग भी शामिल बताए गए हैं, हालांकि काबुल और नई दिल्ली इन आरोपों को खारिज करते हैं.

आसिम मुनीर कैसे बने पाकिस्तान में सबसे ताकतवर

पाकिस्तानी तालिबान अफगान तालिबान से अलग संगठन है, लेकिन दोनों के बीच गठजोड़ है. अफगान तालिबान के 2021 में सत्ता में आने के बाद टीटीपी के हौसले बुलंद हुए हैं. माना जाता है कि टीटीपी के कई नेता और लड़ाके अफगानिस्तान की सीमा पर सुरक्षित ठिकानों से काम कर रहे हैं.

जर्मनी से अब फिर से इस्राएल को हथियार भेजे जाएंगे

जर्मन सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि गाजा में इस्तेमाल होने वाले हथियारों पर लगी आंशिक रोक अब हटाई जा रही है. सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि 10 अक्टूबर को लागू हुआ युद्धविराम हाल के हफ्तों में थोड़ा स्थिर हुआ है, इसलिए सरकार अब हर हथियार आपूर्ति को अलग-अलग देखकर मंजूरी देगी और हालात के मुताबिक प्रतिक्रिया देगी.

जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने अगस्त में हथियारों पर यह रोक इसलिए लगाई थी क्योंकि इस्राएली हमलों में बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे जा रहे थे. हालांकि बाद में युद्धविराम भी बार-बार टूटा है और 10 अक्टूबर के बाद भी सैकड़ों फलीस्तीनी इस्राएली हमलों में मारे गए हैं.

हथियारों पर लगी यह आंशिक रोक 24 नवंबर से पूरी तरह हटा दी जाएगी.

शीर्ष नक्सली कमांडर माडवी हिडमा की पुलिस एनकाउंटर में मौत

देश के सबसे वॉन्टेड माओवादी नेताओं में से एक माडवी हिडमा मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू जिले के मारेदेमुल्ली जंगल में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया. रिपोर्टों के मुताबिक हिडमा के साथ उसकी पत्नी और चार अन्य माओवादी भी मारे गए. यह कार्रवाई ग्रेहाउंड कमांडो और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से की.

इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि, पिछले कुछ हफ्तों से आंध्र प्रदेश स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच को आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर माओवादियों की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी. इसी आधार पर सोमवार देर रात सुरक्षा बलों ने कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया. सुबह छह से सात बजे के बीच माओवादियों के साथ मुठभेड़ हुई, जिसमें हिडमा और उसके साथियों को मार गिराया गया. मौके से कई हथियार बरामद हुए हैं.

नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में कैसे बाजी मार रहे सुरक्षाबल

51 साल का हिडमा सीपीआई (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सदस्य और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का प्रमुख था. हिडमा पर 2010 के दंतेवाड़ा हमले, 2013 झीरम घाटी नरसंहार और 2021 सुकमा-बीजापुर हमले जैसे कई बड़े हमलों का आरोप था. हिडमा की मौत के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से बात की है.

इस्तांबुल के होटल में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से जर्मन परिवार की मौत, कई गिरफ्तार

इस्तांबुल के एक होटल को खाली कराना पड़ा क्योंकि जर्मन-तुर्की मूल की एक मां और उसके दो छोटे बच्चों की संदिग्ध जहरीले भोजन से मौत हो गई. इसी होटल में ठहरे दो अन्य पर्यटकों को भी उल्टी और जी मिचलाने की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया. परिवार में पिता भी गंभीर हालत में कई दिनों से अस्पताल में थे, सोमवार को वे भी चल बसे. यह परिवार जर्मनी के हैम्बर्ग से छुट्टियां मनाने आया था.

जांच में शुरुआती शक खाने से हुई पॉइजनिंग पर था, लेकिन अधिकारियों ने पाया कि होटल के बेसमेंट के एक कमरे में हाल ही में रसायन, संभवतः कीटनाशक, छिड़के गए थे. पुलिस ने होटल के एक कर्मचारी और दो कीट-नियंत्रण कर्मियों को हिरासत में लिया है. इसके अलावा होटल के पास की एक बेकरी में काम करने वाले को भी पकड़ा गया है, जिससे कुल आठ लोग अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं. होटल मालिकों ने खाद्य विषाक्तता की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि होटल में कोई रसोई नहीं है और मेहमानों को केवल पानी दिया जाता है. इसी कारण फॉरेंसिक टीम ने पानी के नमूने भी लिए हैं.

स्थानीय खबरों के अनुसार परिवार ने सड़क किनारे बिकने वाले भरवां सीप, एक दुकान से सूप और “कोकोरेक” नाम का व्यंजन खाया था, साथ ही तुर्की मिठाई, पानी और चिकन भी खरीदा था. बच्चों को पहले अस्पताल में उल्टी-मिचली का इलाज कर छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन रात में हालत बिगड़ने पर पूरे परिवार को दोबारा भर्ती किया गया. दोनों बच्चों की जल्द ही मौत हो गई, उसके बाद मां की भी मौत हो गई. तीनों को शनिवार को अपने पैतृक कस्बे में दफनाया गया. सड़क पर खाना बेचने वाले चार लोग भी गिरफ्तार किए गए हैं, और पूरा मामला अब एक गंभीर आपराधिक जांच में बदल गया है.

पुतिन के भारत दौरे की तैयारी तेज, मॉस्को में रूसी विदेश मंत्री लावरोव के साथ जयशंकर ने की बैठक

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अगले महीने भारत दौरे पर आने वाले हैं. यह यात्रा दिसंबर के पहले सप्ताह में होगी, जब पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 23वें वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों और परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया जा सकता है.

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार, 17 नवंबर को मॉस्को में अपने रूसी समकक्ष सेर्गेई लावरोव से मुलाकात की. यह बैठक शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की परिषद के प्रमुखों की बैठक के इतर हुई. जयशंकर ने कहा कि यह बातचीत इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों पक्ष पुतिन की भारत यात्रा की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि कई क्षेत्रों में समझौते और पहल पर काम चल रहा है, जो द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेंगे.

आगामी शिखर सम्मेलन में ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में नए समझौते होने की उम्मीद है.

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका भारत पर रूस से ऊर्जा और रक्षा खरीद कम करने का दबाव बना रहा है. अमेरिका की यह कोशिश यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों का हिस्सा है. भारत ने हाल के हफ्तों में रूसी कच्चे तेल की खरीद में कमी की है और सोमवार को घोषणा की कि सरकारी कंपनियों ने अमेरिका से 2.2 एमटीपीए एलपीजी आयात के लिए एक साल का करार किया है.

अमेरिका और दक्षिण कोरिया के परमाणु पनडुब्बी सौदे पर उत्तर कोरिया की कड़ी चेतावनी

उत्तर कोरिया ने मंगलवार को कहा कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका का परमाणु-संचालित पनडुब्बियों वाला समझौता पूरे क्षेत्र में “परमाणु असलेह की होड़” शुरू कर सकता है. असल में सियोल ने अमेरिका के साथ एक नया सुरक्षा समझौता किया है जिसमें उसने अपने परमाणु कार्यक्रम के अधिकार बढ़ाने की घोषणा भी की है.

प्योंगयांग ने इसे “टकराव की खतरनाक कोशिश” बताया और कहा कि यह कदम एशिया-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता को बिगाड़ देगा. साथ ही दुनिया भर में परमाणु नियंत्रण को मुश्किल बना देगा. उत्तर कोरिया का कहना है कि यह स्थिति उसे “और भी वास्तविक जवाबी कदम” उठाने के लिए मजबूर करेगी.

उत्तर कोरिया की इस चेतावनी से एक दिन पहले ही दक्षिण कोरिया ने उन्हें मेज पर आ कर बात करने की पेशकश की थी. ऐसा सात साल बाद पहली बार हो रहा था कि दक्षिण कोरिया ने सीमा पर तनाव कम करने के लिए उत्तर कोरिया को बात करने के लिए आमने सामने बुलाया हो. नए राष्ट्रपति ली जे म्युंग पहले ही बिना शर्त व्यापक वार्ता की पेशकश कर चुके हैं, जो उनके सख्त रुख वाले पूर्ववर्ती यून सुक योल से बिल्कुल अलग है.

संयुक्त राष्ट्र में गाजा पर अमेरिका के प्रस्ताव को मंजूरी लेकिन हमास इससे नाखुश

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सोमवार को अमेरिका द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. प्रस्ताव का समर्थन खुद राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने किया गया है. इस योजना में अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बल भेजने, एक अंतरिम प्राधिकरण बनाने और आगे चलकर फलीस्तीन के लिए स्वतंत्र राज्य की राह खोलने जैसी बातें कही गई हैं. 15 में से 13 देशों ने इसे समर्थन दिया, जबकि रूस और चीन ने मतदान से दूरी बनाई.

योजना के अनुसार “शांति समिति” नाम का एक अंतरिम निकाय बनाया जाएगा, जिसकी निगरानी खुद ट्रंप करेंगे. समिति के सदस्य आने वाले हफ्तों में घोषित किए जाएंगे. प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बल गाजा में जाकर सीमाओं की देखरेख करेगा, सुरक्षा संभालेगा और इलाके में हथियार नहीं घुसने देगा. समिति और बल दोनों की अनुमति वर्ष 2027 के अंत तक ही मान्य रहेगी.

इस फैसले पर ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसे ऐतिहासिक बताते हुए खुशी जताई. वहीं हमास ने इस प्रस्ताव का विरोध किया और कहा कि यह फलीस्तीनियों की राजनीतिक और मानवीय जरूरतों को पूरा नहीं करता. उनका कहना है कि गाजा में बाहरी बल को इतने बड़े अधिकार देना उसे निष्पक्ष नहीं रहने देगा और वहां फिर संघर्ष बढ़ेगा. दूसरी ओर अमेरिका के प्रतिनिधि ने सुरक्षा परिषद में इस प्रस्ताव को “ऐतिहासिक और रचनात्मक” करार दिया.

ईरान ने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा फ्री एंट्री क्यों निलंबित की

ईरान ने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा फ्री एंट्री की सुविधा 22 नवंबर से निलंबित करने का फैसला लिया है. यह कदम हाल ही में सामने आए मामलों के बाद उठाया गया है, जिनमें भारतीयों को फर्जी नौकरी के ऑफर देकर ईरान बुलाया गया और फिर उन्हें अपहरण कर फिरौती के लिए बंधक बनाया गया. अब भारतीय यात्रियों को ईरान में प्रवेश या ट्रांजिट के लिए वीजा लेना अनिवार्य होगा.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने सोमवार शाम जारी एडवाइजरी में कहा कि संगठित आपराधिक गिरोह वीजा छूट का गलत इस्तेमाल कर रहे थे. कई भारतीयों को उच्च वेतन वाली नौकरियों और खाड़ी या यूरोपीय देशों तक आसान ट्रांजिट का झांसा देकर ईरान भेजा गया. वहां पहुंचने पर उन्हें अगवा कर लिया गया और उनके परिवारों से फिरौती मांगी गई. मंत्रालय ने नागरिकों को ऐसे धोखाधड़ी वाले ऑफरों से बचने की सलाह दी है.

ईरान ने फरवरी 2024 से भारतीयों को वीजा फ्री एंट्री की अनुमति दी थी, जिसका उद्देश्य पर्यटन और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देना था. यह सुविधा केवल पर्यटन के लिए थी.