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-ग्रीनपीस ने कहा, रूस को यूरेनियम भेज रहा है फ्रांस
- शेख हसीना "मानवता के खिलाफ अपराधों" में दोषी करार
-यूरोपीय संसद में प्रेग्नेंट महिलाओं को मिला प्रॉक्सी वोटिंग का अधिकार
-ट्रंप ने किया एपस्टीन फाइल्स जारी करने का समर्थन
ग्रीनपीस ने कहा, रूस को यूरेनियम भेज रहा है फ्रांस
पर्यावरण संगठन ग्रीनपीस ने रविवार, 16 नवंबर को आरोप लगाया कि फ्रांस रूस को रिप्रोसेस्ड यूरेनियम भेज रहा है ताकि उसे दोबारा इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा सके, जबकि रूस यूक्रेन पर युद्ध जारी रखे हुए है. संगठन ने इस व्यापार को "कानूनी लेकिन अनैतिक" करार दिया है, क्योंकि कई देश मॉस्को पर प्रतिबंधों को कड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं.
ग्रीनपीस के मुताबिक, शनिवार को डनकर्क बंदरगाह पर लगभग 10 रेडियोधर्मी लेबल वाले कंटेनरों को मिखाइल डुडिन नामक जहाज पर लादा गया. यह जहाज नियमित रूप से फ्रांस से सेंट पीटर्सबर्ग तक यूरेनियम ले जाता है. संगठन का कहना है कि यह पहली बार है जब तीन साल बाद रिप्रोसेस्ड यूरेनियम का शिपमेंट देखा गया है.
फ्रांसीसी ऊर्जा कंपनी ईडीएफ ने 2018 में सरकारी रूसी कंपनी रोस्तोम की सहायक कंपनी टेनेक्स के साथ 600 मिलियन यूरो का समझौता किया था. रूस के साइबेरिया में स्थित सेवेर्स्क प्लांट ही दुनिया में एकमात्र सुविधा है जो इस तरह के यूरेनियम को दोबारा संवर्धित कर सकती है. ग्रीनपीस का दावा है कि फ्रांस के केवल एक परमाणु संयंत्र, क्रुआस, में इस दोबारा संवर्धित यूरेनियम का इस्तेमाल होता है. फ्रांसीसी ऊर्जा मंत्रालय और ईडीएफ ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
शेख हसीना "मानवता के खिलाफ अपराधों" में दोषी करार
ढाका की एक विशेष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया है. यह फैसला पिछले साल छात्र-नेतृत्व वाले प्रदर्शन पर हुए हिंसक दमन के मामले में आया है.
78 वर्षीय हसीना और दो अन्य अधिकारियों पर गैरहाजिरी में मुकदमा चला. अदालत ने उन्हें सरकारी नौकरियों में विवादित कोटा व्यवस्था के खिलाफ हुए देशव्यापी प्रदर्शनों को दबाने की "मुख्य साजिशकर्ता और प्रमुख जिम्मेदार" माना. इन प्रदर्शनों में करीब 1,400 लोगों की मौत हुई थी.
शेख हसीना को अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से बेदखल कर दिया गया था. उन पर पांच गंभीर आरोप थे, जिनमें प्रदर्शनकारियों की हत्या और यातना शामिल हैं. अभियोजन पक्ष ने उनके लिए मौत की सजा मांग की है. अंतरिम सरकार ने फरवरी 2026 में आम चुनाव और जनमत संग्रह कराने की घोषणा की है.
हसीना इस वक्त भारत में रह रही हैं. बांग्लादेश सरकार भारत से लगातार मांग कर रही है कि उन्हें बांग्लादेश को सौंपा जाए.
मध्य प्रदेश के मंत्री राजा राम मोहन राय पर बयान पर माफी मांगी
मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सोमवार को समाज सुधारक राजा राम मोहन राय पर दिए गए अपने बयान पर खेद जताते हुए माफी मांगी. यह बयान उन्होंने 15 नवंबर को आगर मालवा जिले में बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में दिया था.
परमार ने अपने ‘एक्स’ खाते पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, “प्रसिद्ध समाज सुधारक राजा राम मोहन राय ने अपने समय में समाज सुधार के लिए महत्वपूर्ण काम किया. उनके संदर्भ में मेरे मुंह से गलत शब्द निकल गये, जिससे मैं दुखी हूं. मैं क्षमा मांगता हूं.”
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा के जीवन पर बोलते समय वे ब्रिटिश काल की साजिशों का जिक्र कर रहे थे और भाषण के प्रवाह में अनजाने में गलत संदर्भ चला गया. “मैंने हमेशा राजा राम मोहन राय का सम्मान किया है. मेरा बयान अनजाने में आया. मैं खेद व्यक्त करता हूं और माफी मांगता हूं.”
विवाद तब शुरू हुआ जब परमार ने 15 नवंबर के “जनजातीय गौरव दिवस” कार्यक्रम में कहा कि अंग्रेजी शिक्षा के जरिए देश में धर्म परिवर्तन का एक “दुष्चक्र” चल रहा था और ब्रिटिशों ने “कई फर्जी समाज सुधारक” तैयार किए थे, जिनमें राजा राम मोहन राय भी एक थे. उन्होंने कहा था कि बिरसा मुंडा ने ब्रिटिशों की इस साजिश को रोका और समाज तथा जनजातीय समुदाय की रक्षा की.
यूरोपीय संसद में प्रेग्नेंट महिलाओं को मिला प्रॉक्सी वोटिंग का अधिकार
यूरोपीय संसद ने गर्भवती सांसदों के लिए प्रॉक्सी वोटिंग की अनुमति दे दी है. यह यूरोपीय राजनीति में महिलाओं के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है. अब गर्भवती सांसद अपनी डिलिवरी से तीन महीने पहले और बच्चे के जन्म के छह महीने बाद तक अपना वोट किसी दूसरे सांसद को सौंप सकेंगी.
अब तक यूरोपीय संसद में न तो ऑनलाइन वोटिंग की अनुमति थी और न ही प्रॉक्सी वोटिंग की. प्रस्ताव 640 में से 605 मतों के साथ पास हुआ. जल्द मां बनने जा रहीं स्पेन की सोशलिस्ट सांसद लॉरा बायारिन ने कहा कि यह बदलाव उन्हें अपने मतदाताओं का प्रतिनिधित्व जारी रखने में मदद करेगा. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि किसी महिला को बच्चे के जन्म और अपने मतदान अधिकार के बीच चुनाव करना पड़े.
हालांकि संसद ने नियमों को मंजूरी दे दी है, लेकिन इन्हें लागू होने से पहले यूरोपीय काउंसिल में सर्वसम्मति से मंजूरी और सभी सदस्य देशों की संसदों से पुष्टि की जरूरत होगी. यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्ता मेतसोला ने कहा कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है. जून 2024 के चुनावों के बाद संसद में महिलाओं की हिस्सेदारी घटकर 38.5 प्रतिशत रह गई है.
नए नियम सिर्फ महिलाओं पर लागू होंगे. वाम और प्रगतिशील दल पिता को भी शामिल करना चाहते थे, लेकिन समझौते के लिए प्रस्ताव कमजोर करना पड़ा. जर्मन ग्रीन सांसद डेनियल फ्रॉयंड ने कहा कि एक बार उन्हें जलवायु कानून पर वोटिंग और अपने बच्चे के जन्म के बीच चुनना पड़ा. उन्होंने कहा कि संसद ने पूरे यूरोप के लिए मातृत्व और पितृत्व अवकाश के नियम बनाए हैं, इसलिए उसे खुद भी उदाहरण पेश करना चाहिए.
संसद में वोट डालने के लिए ब्रसेल्स या स्ट्रासबुर्ग आना अनिवार्य है. अध्यक्ष मेतसोला ने कहा कि जो सांसद शारीरिक रूप से यात्रा करने में असमर्थ हों, उनके अधिकार सुरक्षित रहने चाहिए. फिलहाल यह सुधार सिर्फ गर्भावस्था और जन्म से जुड़ी स्थितियों पर लागू होगा. कोरोना काल में ऑनलाइन वोटिंग सफल रही थी, लेकिन इसे आगे जारी नहीं रखा गया.
मक्का से मदीना जा रही बस टैंकर से टकराई, कई भारतीयों की मौत की आशंका
सऊदी अरब के मदीना के पास सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में कई तीर्थयात्रियों की मौत हो गई है. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बस उमरा तीर्थयात्रियों को लेकर मक्का से मदीना जा रही थी, जब उसकी टक्कर एक डीजल टैंकर से हो गई. हादसा मदीना से लगभग 25 किलोमीटर दूर मुफ्रिहात इलाके में भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे हुआ.
खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बस में सवार अधिकांश यात्री तेलंगाना के हैदराबाद से थे. समूह उमरा की रस्में पूरी करने के बाद मदीना जा रहा था. एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बताया कि बस में 43 लोग सवार थे और शुरुआती जानकारी के अनुसार केवल एक व्यक्ति जीवित बचा है.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने हादसे पर गहरा दुख जताया और मुख्य सचिव व डीजीपी को निर्देश दिए कि वे विदेश मंत्रालय और सऊदी अधिकारियों से संपर्क कर सभी जानकारी जुटाएं. राज्य सचिवालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां परिजनों को जानकारी और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं- +91 79979 59754 और +91 99129 19545.
भारतीय दूतावास ने जेद्दाह में 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है और सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 8002440003 जारी किया है.
भारत ने पहली बार अमेरिका से एलपीजी आयात का समझौता किया
भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को घोषणा की कि भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने पहली बार अमेरिका से तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) आयात करने के लिए एक साल का समझौता किया है. पुरी ने इसे देश के एलपीजी बाजार के लिए "ऐतिहासिक पहल" करार दिया.
पुरी ने बताया कि भारत की सरकारी कंपनियों ने 2026 के अनुबंध वर्ष के लिए लगभग 2.2 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) एलपीजी आयात का करार किया है. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते एलपीजी बाजारों में से एक है और यह समझौता एलपीजी स्रोतों में विविधता लाने के प्रयासों में मील का एक महत्वपूर्ण पत्थर है.
चीन पहुंचे जर्मनी के वित्त मंत्री
जर्मनी के वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबाइल सोमवार, 17 नवंबर को चीन पहुंचे. नई गठबंधन सरकार की तरफ से यह चीन की पहली आधिकारिक यात्रा है. जर्मनी पर दबाव है कि वह चीन के साथ अपनी नीति को लेकर साफ रुख दिखाए, क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है और सप्लाई चेन भी डगमगा रही है.
यह दौरा उस समय हो रहा है जब पिछले महीने जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल की चीन यात्रा रद्द हो गई थी. तब बीजिंग ने उनकी ज्यादातर मीटिंग्स को मना कर दिया था. जर्मन अधिकारियों ने कहा है कि क्लिंगबाइल यहां बड़े व्यापार मुद्दों पर बात करेंगे. इनमें चीन की रेयर अर्थ धातुओं पर लगाई गई पाबंदियां भी शामिल हैं. मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, इन मुद्दों पर पहले से ईयू के संबंधित अधिकारियों से तालमेल कर लिया गया है.
क्लिंगबाइल ने बीजिंग रवाना होने से पहले कहा कि अहम कच्चे माल तक पहुंच और स्टील तथा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे सेक्टरों में चीन की ओवरकैपेसिटी कम करना जर्मनी की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए बेहद जरूरी है.
ट्रंप ने किया एपस्टीन फाइल्स जारी करने का समर्थन
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पर जेफ्री एपस्टीन मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड जारी करने का दबाव बढ़ रहा है. इसी बीच, रविवार को उन्होंने कहा कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के रिपब्लिकन सांसदों को "एपस्टीन फाइल्स जारी करने के लिए वोट करना चाहिए".
ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “जैसा मैंने शुक्रवार रात एयर फोर्स वन पर फेक न्यूज मीडिया से कहा था, रिपब्लिकन सांसदों को एपस्टीन फाइल्स जारी करने के लिए वोट करना चाहिए. हमारे पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है. अब समय है कि इस डेमोक्रेट झूठ से आगे बढ़ा जाए, जिसे रेडिकल लेफ्ट वालों ने इसलिए फैलाया है ताकि रिपब्लिकन पार्टी की कामयाबी से ध्यान हटाया जा सके. इसमें हमारी हाल की जीत भी शामिल है, यानी डेमोक्रेट शटडाउन का अंत.”
जेफ्री एपस्टीन सालों तक नाबालिग लड़कियों के शोषण में शामिल रहा. 2019 में 66 साल की उम्र में उसकी मौत न्यूयॉर्क की एक जेल में हुई थी. अधिकारियों ने इसे आत्महत्या माना था. ट्रंप पर दबाव इसलिए भी बढ़ रहा है क्योंकि उन्होंने चुनाव अभियान में वादा किया था कि सारे रिकॉर्ड सार्वजनिक करेंगे. अब उनके अपने समर्थकों में भी पूरी पारदर्शिता की मांग उठ रही है.
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में इन रिकॉर्ड्स पर वोट अगले हफ्ते होने की संभावना है, लेकिन तारीख तय नहीं है. अगर निचला सदन रिकॉर्ड जारी करने के पक्ष में वोट देता है, तो इसके लिए पहले सीनेट और फिर ट्रंप की मंजूरी जरूरी होगी. ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी-दोनों के सांसद इस वोट की मांग कर रहे हैं.
दिल्ली में प्रदूषण का कहर जारी, हवा आज भी "गंभीर" श्रेणी में
दिल्ली सोमवार सुबह भी घने स्मॉग की चादर में लिपटी रही, जिससे इमारतें और मुख्य सड़कें मुश्किल से दिखाई दे रही थीं. एयर क्वॉलिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (ईडब्ल्यूएस) ने शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 361 दर्ज किया, जबकि निजी मॉनिटर एक्यूआई.इन ने इसे 422 बताया, दोनों ही आंकड़े "गंभीर" श्रेणी में आते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माने जाते हैं.
दिल्ली में प्रदूषण स्तर लगातार ऊंचा रहने के कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का तीसरा चरण जारी रखा है. इस चरण में निर्माण कार्य, ईंट भट्टों, स्टोन क्रशर और अन्य उच्च उत्सर्जन गतिविधियों पर रोक लगाई गई है. GRAP के तहत आपातकालीन कदम तब उठाए जाते हैं जब एक्यूआईएक निश्चित सीमा पार कर जाता है. "गंभीर" श्रेणी (401-450) में पहुंचने पर तीसरा चरण लागू होता है.
ढाका में सुरक्षा कड़ी, हसीना के खिलाफ ऐतिहासिक फैसला आज
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में होने वाले फैसले से पहले राजधानी ढाका और अन्य हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी कर दी है. अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने पुलिस, सीमा सुरक्षा बल और रैपिड एक्शन बटालियन को तैनात करने के साथ-साथ कई इलाकों में सेना की गश्त के भी आदेश दिए हैं.
हसीना की पार्टी अवामी लीग फिलहाल प्रतिबंधित है. उसने फैसले के विरोध में सोमवार को देशव्यापी बंद का एलान किया है. हसीना ने निर्वासन से जारी एक ऑडियो संदेश में समर्थकों से “कंगारू कोर्ट के खिलाफ डटे रहने” की अपील की है.
शेख हसीना को अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से बेदखल कर दिया गया था. उन पर पांच गंभीर आरोप हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों की हत्या और यातना शामिल हैं. अभियोजन पक्ष ने उनके लिए मौत की सजा मांग की है. अंतरिम सरकार ने फरवरी 2026 में आम चुनाव और जनमत संग्रह कराने की घोषणा की है.













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