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- आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में कौन रहा आगे
- जेफ्री एप्स्टीन के संपर्क में रहे कई नामीगिरामी लोग कौन थे
- इटली में बदला यौन हिंसा का कानून, जबरदस्ती नहीं, ‘सहमति’ होगी केंद्र में
- बीबीसी ने ट्रंप से माफी मांगी, लेकिन मुआवजा देने से किया इनकार
बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी बीजेपी
बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना अब समाप्ति की ओर है. रात साढ़े नौ बजे तक 230 सीटों के नतीजे सामने आ गए. इनमें से बीजेपी ने 87, जेडीयू ने 78, एलजेपी (रामविलास) ने 18 और एनडीए के अन्य सहयोगी दलों ने नौ सीटें जीत ली हैं. वहीं, महागठबंधन में शामिल आरजेडी ने 24, कांग्रेस ने 6 और लेफ्ट पार्टियों ने तीन सीटों पर जीत हासिल की है. यानी एनडीए ने 192 और महागठबंधन ने 33 सीटें जीत ली हैं.
अब तक की मतगणना में आरजेडी का वोट शेयर सबसे ज्यादा रहा है. आरजेडी ने सबसे अधिक 22.99 फीसदी वोट हासिल किए हैं. इसके बाद बीजेपी ने करीब 20 फीसदी और जेडीयू ने करीब 19.27 फीसदी वोट पाए हैं. कांग्रेस के हिस्से 8.72 फीसदी और भाकपा-माले के हिस्से 2.84 फीसदी वोट आए. पांच सीटें जीतने वाली एआईएमआईएम ने 1.85 फीसदी और नोटा ने 1.81 फीसदी वोट हासिल किए.
चर्चित सीटों में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तारापुर सीट से करीब 45,800 वोटों से जीत गए. दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने लखीसराय सीट से करीब 25 हजार वोटों से जीत हासिल की. लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव राघोपुर सीट से करीब 12 हजार वोटों से चुनाव जीत गए. वहीं लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव महुआ सीट से हार गए है. बीजेपी उम्मीदवार और पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी बेतिया सीट से करीब 22,300 वोटों से चुनाव जीत गई हैं.
पीएम मोदी बोले, बिहार ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत का रास्ता बनाया
बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए गठबंधन की बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा, “आज की यह जीत एक नई यात्रा की शुरुआत है. बिहार ने हम पर जो भरोसा जताया है, उसने हमारे कंधों पर जिम्मेदारी और बढ़ा दी है. मैं विश्वास दिलाता हूं कि आने वाले पांच सालों में बिहार और तेज गति से आगे बढ़ेगा.”
मोदी ने बिहार के बाद पश्चिम बंगाल में भी जीतने का भरोसा जताया. उन्होंने कहा, “गंगा जी बिहार से बहते हुए ही बंगाल तक पहुंचती हैं. बिहार ने बंगाल में बीजेपी की जीत का रास्ता भी बना दिया है. मैं बंगाल के भाईयों-बहनों को भी आश्वस्त करता हूं कि अब बीजेपी आपके साथ मिलकर पश्चिम बंगाल से भी जंगलराज को उखाड़ फेंकेगी.”
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि बिहार में एनडीए की जीत ने एक नया ‘एमवाई’ फॉर्मूला दिया है, जो महिला और युवा से मिलकर बना है. उन्होंने कहा कि आज बिहार देश के उन राज्यों में है, जहां युवाओं की सबसे ज्यादा संख्या है और इसमें हर धर्म, हर जाति के युवा हैं. उन्होंने आगे कहा कि इन युवाओं की इच्छाओं, आकांक्षाओं और सपनों ने आरजेडी के ‘एमवाई’ फॉर्मूले को ध्वस्त कर दिया.
नरेन्द्र मोदी का 'आरजेडी के एमवाई फॉर्मूले' से आशय यादव और मुस्लिम समुदाय के वोटरों से है, जिनके बारे में बीजेपी कहती है कि वे एकजुट होकर आरजेडी के पक्ष में वोट करते हैं.
अमेरिका में अप्रमाणित पेप्टाइड का बढ़ता चलन, आरएफके रैली और इन्फ्लुएंसर प्रचार से बढ़ी चिंता
अमेरिका में ऐसे पेप्टाइड इंजेक्शनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है जिन्हें ना तो मंजूरी मिली है और ना ही उनकी सुरक्षा या प्रभाव साबित हुए हैं. सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और वेलनेस प्रचारक इन्हें बॉडी बनाने और उम्र घटाने के दावों के साथ बेच रहे हैं, जबकि वैज्ञानिक कहते हैं कि अधिकतर परीक्षण सिर्फ चूहों जैसे जानवरों पर ही हुए हैं.
समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक इस ट्रेंड को बेचने में रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर की रैलियों की बड़ी भूमिका रही है. उन्होंने एफडीए द्वारा की जा रही कार्रवाई की आलोचना की है और पेप्टाइडों को वैकल्पिक इलाज के रूप में पेश किया है, जिससे पारंपरिक इलाज (मेडिकल इलाज) पर संदेह जताने वाले इनसे आकर्षित हो रहे हैं.
एफडीएवर्षों से चेतावनियां जारी कर रहा है और कई पेप्टाइड तत्वों को प्रतिबंधित सूची में डाल चुका है, लेकिन कैनेडी के कुछ करीबी इन्हीं अप्रमाणित इंजेक्शनों को ऑनलाइन भारी कीमत पर बेच रहे हैं. विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि बिना परीक्षण वाले ये केमिकल स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं.
आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में कौन रहा आगे
छह राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की कुल आठ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे लगभग स्पष्ट हो गए हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक, इनमें से दो सीटों पर कांग्रेस, एक पर बीजेपी, एक पर पीडीपी, एक पर मिजो नेशनल फ्रंट और एक पर आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की है. वहीं, बाकी दो में से एक-एक सीट पर बीजेपी और जेएमएम की जीत तय है.
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की दो सीटों पर उपचुनाव हुए थे. इनमें से बडगाम सीट पर पीडीपी उम्मीदवार आगा सैयद मुंतजिर मेहदी ने करीब 4,500 वोटों से जीत हासिल की. वहीं, नगरोटा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार देवयानी राणा ने जीत हासिल की है. वे पूर्व बीजेपी विधायक देवेंद्र सिंह राणा की बेटी हैं, जिनके निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी.
मिजोरम की दम्पा विधानसभा सीट पर मिजो नेशनल फ्रंट के डॉ आर ललथांगलियाना ने जीत हासिल की है. पंजाब की तरन तारन सीट पर आम आदमी पार्टी की हरमीत सिंह संधू ने जीत दर्ज की है. राजस्थान की अंता सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार प्रमोद जैन भाया और तेलंगाना की जुबली हिल्स सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार नवीन यादव ने जीत दर्ज की है.
झारखंड की घटशिला सीट पर सभी 20 राउंड की काउंटिंग पूरी हो चुकी है और झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन करीब 38,600 वोटों से आगे हैं. वहीं, ओडिशा की नुआपाड़ा सीट पर भी सभी 29 राउंड की काउंटिंग पूरी हो चुकी है और बीजेपी उम्मीदवार जय ढोलकिया करीब 83,700 वोटों से आगे हैं. हालांकि, चुनाव आयोग ने अभी इन उम्मीदवारों की जीत आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की है.
अब कंपनियों को डेटा लीक होने पर यूजर को देनी होगी जानकारी
भारत की केंद्र सरकार ने व्यक्तिगत डेटा संरक्षण के नियम जारी कर दिए हैं. इनके जारी होने से 2023 में पास हुआ ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट’ पूरी तरह से लागू हो पाएगा. हालांकि, कंपनियों को इन नियमों का पालन करने के लिए 18 महीने की समयसीमा दी गई है. यानी ये नियम करीब डेढ़ साल बाद पूरी तरह से लागू हो पाएंगे.
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की प्रेस रिलीज के मुताबिक, ये कानून और नियम मिलकर डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के जिम्मेदारी भरे इस्तेमाल के लिए एक सरल, नागरिक-केंद्रित और नवाचार- अनुकूल ढांचा तैयार करते हैं. सरकार के मुताबिक, यह कानून व्यक्तिगत डेटा का संरक्षण करने और डेटा संभालने वाली कंपनियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करता है.
नए नियमों के मुताबिक, डेटा संभालने वाली कंपनियों को स्पष्ट और आसान नोटिस भेजकर यूजर्स को बताना होगा कि उनका व्यक्तिगत डेटा किस उद्देश्य के लिए इकट्ठा किया जा रहा है. इस नोटिस पर यूजर्स की सहमति मिलने के बाद ही उनका डेटा इस्तेमाल किया जा सकेगा. डेटा लीक होने की स्थिति में कंपनियों को आसान भाषा में यूजर्स को इसकी जानकारी देनी होगी. यह भी बताना होगा कि इसका क्या प्रभाव पड़ सकता है और इससे निपटने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.
तेजस्वी यादव जीत की कगार पर, तेजप्रताप 48 हजार वोटों से पीछे
बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम धीरे-धीरे स्पष्ट होते जा रहे हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक, शाम छह बजे बीजेपी 90, जेडीयू 83 और एलजेपी (रामविलास) 19 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, आरजेडी 26, कांग्रेस छह और भाकपा-माले तीन सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. 70 सीटों के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं, जिनमें बीजेपी ने 34, जेडीयू ने 23, आरजेडी ने पांच, एआईएमआईएम ने चार और कांग्रेस ने एक सीट जीती है.
इस चुनाव में आरजेडी का नेतृत्व करने वाले तेजस्वी यादव जीत की कगार पर पहुंच गए हैं. राघोपुर सीट पर 31 में से 29 राउंड की काउंटिंग पूरी होने के बाद वे करीब 13,800 वोटों से आगे चल रहे हैं. वहीं, महुआ सीट से चुनाव लड़ रहे उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव 27 में से 24 राउंड की काउंटिंग पूरी होने के बाद करीब 48,800 वोटों से पिछड़ रहे हैं. अपनी नई पार्टी बनाकर चुनाव लड़ रहे तेज प्रताप तीसरे नंबर पर हैं.
बीबीसी ने ट्रंप से माफी मांगी, लेकिन 1 अरब डॉलर मुआवजा देने से किया इनकार
बीबीसी ने गुरुवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से माफी मांगी, क्योंकि उन्होंने अपनी डॉक्यूमेंट्री “पैनोरमा” में 6 जनवरी 2021 के ट्रंप के भाषण को ऐसे एडिट किया था कि कुछ दर्शकों को गलत संदेश गया. भाषण का एक हिस्सा कहीं से उठाया गया था और दूसरा हिस्सा आगे के ही भाषण में कहीं और से. इससे लोगों तक यह संदेश गया कि ट्रंप अपने समर्थकों को हिंसक होने के लिए उकसा रहे थे, जबकि असल में ऐसा नहीं था.
यह भाषण उस समय का था, जब ट्रंप के कुछ समर्थक अमेरिकी कैपिटल हिल पर धावा बोल रहे थे. बीबीसी ने स्पष्ट किया कि संपादन से यह गलत धारणा बनी कि ट्रंप ने सीधे हिंसक कार्रवाई का आह्वान किया. बीबीसी के अध्यक्ष समीर शाह ने व्हाइट हाउस को व्यक्तिगत पत्र भेजकर माफी मांगी, लेकिन उन्होंने ट्रंप के एक बिलियन डॉलर के मुआवजे की मांग को अस्वीकार किया. प्रेस रिलीज में भी स्पष्ट किया गया कि बीबीसी कोई मुआवजा नहीं देगा.
बीबीसी ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री में भाषण के अलग-अलग हिस्सों को एक साथ दिखाया गया था, जबकि उनमें करीब एक घंटे का अंतर था. इस गलती को उन्होंने स्वीकार किया, इसका कोई प्रसारण फिर से नहीं होगा. डॉक्यूमेंट्री 2024 के अमेरिकी चुनाव से कुछ ही दिन पहले प्रसारित हुई थी, जिससे विवाद और बढ़ गया.
जेफ्री एप्स्टीन के संपर्क में रहे कई नामीगिरामी लोग
2008 में नाबालिग लड़कियों से वेश्यावृत्ति कराने के आरोप में दोषी ठहराए जाने के समय तक, जेफ्री एप्स्टीन ने अमीर और प्रभावशाली लोगों का एक विशाल नेटवर्क बना लिया था. हाउस ओवरसाइट कमिटी ने बुधवार को जेफ्री एप्स्टीन से जुड़े हजारों दस्तावेज जारी किए. यह दिखाते हैं कि एप्स्टीन के संबंध उद्योगपतियों, पत्रकारों, शिक्षाविदों और राजनीतिक हस्तियों से कैसे थे.
ये ईमेल साल 2009 से 2019 के बीच के हैं, यानी एप्स्टीन के फ्लोरिडा में अपनी सजा पूरी कर लेने और फेडरल सेक्स रैकेट के आरोपों के तहत 2019 में गिरफ्तार होने के बीच के. करीब 10 सालों के इस दौर के ये ईमेल बताते हैं कि इन आरोपों के बावजूद कई नामीगिरामी लोग एप्स्टीन के इस नेटवर्क से जुड़े रहना चाहते थे.
इस दौरान एप्स्टीन का नेटवर्क दुनिया भर में फैला हुआ था और उनके नेटवर्क में कई राजनीतिक विचारधाराओं वाले लोग शामिल थे. उदाहरण के तौर पर उदार विचारक नॉम चॉम्स्की से लेकर राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के लंबे अरसे के सहयोगी स्टीव बैनन तक. कुछ लोग मुकदमों और अभियोगों के समय उनका समर्थन करते पाए गए, तो कुछ उन्हें सलाह दे रहे थे, वह भी डेटिंग से लेकर तेल की कीमतों पर. किसी ने तो इस बात पर भी सलाह ली कि यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कैसे किया जाए.
अहम खनिज और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में साझेदारी करेंगे भारत-कनाडा
भारत और कनाडा अहम खनिज और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत साझेदारी करने पर सहमत हुए हैं. दोनों देशों ने एयरोस्पेस क्षेत्र में सहयोग गहरा करने की भी बात कही है. नई दिल्ली में भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिधू की मुलाकात में दोनों देशों ने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को गहरा करने पर प्रतिबद्धता जताई.
इससे पहले गुरुवार को मनिंदर सिधू ने कहा कि कनाडा और भारत व्यापार संबंधों को फिर से बनाने और सहयोग के नए क्षेत्र तलाशने के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कनाडा “एक नई प्रक्रिया” के तहत, व्यापार समझौते के लिए बातचीत फिर से शुरू करना चाहता है. सिधू ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा, “दोनों पक्ष प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के लिए शुरुआती बातचीत कर रहे हैं.”
जेलेंस्की बोले, रूस के "भीषण "हमले में कीव में चार लोगों की जान गई
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि कीव पर रूस के “भीषण” हमले में कम से कम चार लोगों की जान गई और दर्जनों लोग घायल हुए हैं. यूक्रेन की आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, 40 से अधिक लोगों को बचाया गया और राजधानी के 10 जिलों में रिहायशी इमारतों में आग लग गई और भारी नुकसान हुआ. कीव पुलिस ने कहा कि एक बूढ़ी महिला की मौत हुई, जबकि एक 10 साल के लड़के को चोटें आई है.
जेलेंस्की ने इसे एक “विकेड अटैक” बताया और कहा कि हमले में बच्चों और एक गर्भवती महिला समेत दर्जनों लोग घायल हुए हैं. उन्होंने बताया कि हमले में लगभग 430 ड्रोन और 18 मिसाइलें इस्तेमाल की गईं, जिनमें बैलिस्टिक और एरोबैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं. उनका कहना था कि यह हमला जानबूझकर नागरिकों और बुनियादी ढांचे को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया था.
इटली में बदला यौन हिंसा का कानून, जबरदस्ती नहीं, ‘सहमति’ होगी केंद्र में
इटली के चैंबर ऑफ डेप्युटीज जस्टिस कमीशन ने यौन हिंसा विधेयक में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिसमें ‘अनिवार्य सहमति’ को शामिल किया गया है. अब किसी भी यौन संबंध के लिए स्पष्ट और स्वतंत्र सहमति अनिवार्य होगी. पहले का कानून सिर्फ जबरदस्ती, दबाव या धमकी पर ध्यान देता था. लेकिन नए नियम में मानसिक दबाव या असहाय स्थिति में ली गई सहमति भी अपराध मानी जाएगी.
यह संशोधन डेमोक्रेटिक पार्टी की मिशेला डी बियासे और ब्रदर्स ऑफ इटली की कैरोलिना वार्की ने पेश किया, जिसे पार्टी नेताओं एली श्लेन और जॉर्जिया मेलोनी का समर्थन मिला. अब बिना सहमति यौन संबंध बनाने पर 6 से 12 साल तक जेल हो सकती है. न्यूज वेबसाइट यूरो न्यूज के अनुसार डी बियासे ने कहा, “यह केवल कानून नहीं बल्कि सोच में बदलाव है. अब महिलाओं को अपने दुख को साबित करने की मजबूरी नहीं झेलनी पड़ेगी.”
नए कानून में सहमति का मतलब है “स्वतंत्र, सचेत और स्पष्ट इच्छा”, जो पूरे समय बनी रहे और जिसे किसी भी वक्त वापस लिया जा सकता है. दबाव, धमकी, धोखा, अधिकार के दुरुपयोग या किसी स्थिति का फायदा उठाकर ली गई सहमति वैध नहीं होगी. यह बदलाव इटली के सर्वोच्च न्यायालय और इस्तांबुल कन्वेंशन के मानकों के अनुरूप है. यह संशोधन अगले सोमवार सदन में पेश होगा और फिर संसद में जाएगा.
इटली से पहले इसी साल फ्रांस की सरकार ने भी बलात्कार की परिभाषा में बदलाव करते हुए सहमति आधारित बलात्कार के कानून को मंजूरी दी है.
बिहार चुनाव में आरजेडी के लालटेन की रोशनी मंद पड़ी
बिहार चुनाव के नतीजों में आरजेडी के लिए हालात चुनौतीपूर्ण नजर आ रहे हैं. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी अधिकांश सीटों पर पीछे चल रही है और सिर्फ 27 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. बीजेपी लगातार “जंगल राज” का मुद्दा उठाकर आरजेडी पर निशाना साधती रही है, जिसमें तेजस्वी के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल की कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों का हवाला दिया जाता है.
तेजस्वी इस टैग को खारिज करते हुए कहते रहे हैं कि अगर पुराना दौर “जंगल राज” था, तो मौजूदा शासन “राक्षस राज” है. उनकी चुनावी मुहिम बेरोजगारी, रिजर्वेशन और संविधान की रक्षा जैसे मुद्दों पर केंद्रित रही, लेकिन रुझानों में पार्टी की कमजोर स्थिति ने आरजेडी की चुनावी रोशनी को फीका कर दिया है.
आंध्र प्रदेश में 1,000 अरब रुपये का निवेश करेगा अदाणी समूह
भारत के अदाणी समूह ने आंध्र प्रदेश राज्य में 1,000 अरब रुपये (11.38 अरब डॉलर) का निवेश करने की घोषणा की है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अदाणी पोर्ट्स के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने एक कार्यक्रम में कहा कि ये निवेश डेटा सेंटरों की स्थापना से लेकर सीमेंट उत्पादन जैसे क्षेत्रों में होगा.
अदाणी समूह ने उत्तर-पूर्वी राज्य असम में 630 अरब रुपये का निवेश करने की बात कही है. इसमें से 480 अरब रुपये की लागत से कोयला-आधारित ऊर्जा सयंत्र लगाया जाएगा. यह ऊर्जा सयंत्र दिसंबर 2030 से चरणबद्ध तरीके से काम करना शुरू करेगा.
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक और उपभोक्ता है. भारत हर साल अपनी करीब 75 फीसदी बिजली कोयले से पैदा करता है. वहीं, चीन कोयले का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है लेकिन उसने कोयले पर से अपनी निर्भरता धीरे-धीरे घटाई है.
बिहार चुनाव के रुझानों पर क्या दावा कर रहे आरजेडी नेता
बिहार चुनाव के शुरुआती रुझानों में एनडीए को भारी बहुमत मिलता दिख रहा है. चुनाव आयोग के मुताबिक, दोपहर में करीब दो बजे बीजेपी 91, जेडीयू 78 और एलजेपी रामविलास 22 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, विपक्षी पार्टी आरजेडी 28, कांग्रेस और भाकपा-माले चार-चार सीटों पर आगे है. ओवैसी की एआईएमआईएम पार्टी पांच सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.
चुनावी रुझानों पर आरजेडी सांसद मनोज झा ने आरोप लगाया कि वोटों की गिनती बहुत धीमी गति से हो रही है. उन्होंने कहा कि एक मनोवैज्ञानिक खेल भी चल रहा है क्योंकि तकरीबन 25 राउंड की गिनती होती है लेकिन अभी औसतन पांच से सात राउंड की गिनती ही हुई है. उन्होंने कहा कि 65 से 70 ऐसी सीटें हैं, जहां तीन से पांच हजार वोटों का ही अंतर है. उन्होंने आरजेडी उम्मीदवारों से आखिरी राउंड तक डटे रहने की अपील की.
आरजेडी की राष्ट्रीय प्रवक्ता कंचना यादव ने एक्स पर लिखा, “जिन सीटों पर बीजेपी आगे है, वहां पर 14–15 राउंड की काउंटिंग हुई है. वहीं, जहां पर महागठबंधन आगे है, वहां पर 4 से 6 राउंड की ही काउंटिंग दिखाई जा रही है. दरअसल, यह खेल जानबूझकर किया जा रहा है ताकि महागठबंधन के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर जाए.”
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा कि अभी पांच में से एक करोड़ वोटों की ही गिनती हुई है लेकिन पहले ही एनडीए की जीत घोषित कर दी गई है. उन्होंने लिखा, “दरअसल, महागठबंधन के उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को काउंटिंग बूथ से भगाने का खेल चल रहा है.”
बिहार चुनाव नतीजे 2025: भोजपुरी गायकों में कौन जीता, कौन हारा?
भोजपुरी के गीत संगीत से पहचान बनाने वाले बहुत से गायक भी बिहार के चुनावी मैदान में हैं. इनमें से किसी का राग जनता को भाया है, तो कुछ को मंच से उतरना पड़ा है. लॉलीपॉप लागेलू गाना लिखने वाले भोजपुरी के गीतकार और निर्देशक विनय बिहारी बीजेपी के टिकट से पश्चिमी चंपारण की लौरिया सीट पर उम्मीदवार हैं. इस सीट पर 23 में से 11 राउंड की काउंटिंग हो चुकी है और विनय बिहारी, वीआईपी पार्टी के रन कौशल प्रताप सिंह से 17 हजार से ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं.
वहीं दरभंगा जिले की अलीनगर सीट से मैथिली और भोजपुरी की मशहूर गायिका मैथिली ठाकुर 24 में 11 राउंड की काउंटिंग के बाद साढ़े आठ हजार वोटों से आगे चल रही हैं.
वहीं राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर छपरा सीट से मैदान में उतरे भोजपुरी के एक और बड़े गायक खेसारी लाल यादव, बीजेपी की छोटी कुमारी से 2 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं. खेसारी लाल यादव का असली नाम शत्रुघ्न यादव है और उन्होंने अपने असली नाम से चुनाव लड़ा था.
वहीं यूट्यूब पर 1 बिलियन यानी 1 अरब व्यूज वाला गाना बनाने वाले भोजपुरी गायक रितेश पांडे जन सुराज पार्टी के टिकट से रोहतास जिले की करगहर सीट से चुनावी मैदान में थे. फिलहाल रितेश पांडे को मात्र साढ़े तीन हजार वोट मिले हैं और वो चौथे स्थान पर हैं. इस सीट पर जेडीयू के बशिष्ठ सिंह करीब 22 हजार वोटों के साथ सबसे आगे चल रहे हैं.













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