वाशिंगटन, 13 सितंबर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से इस पद के उम्मीदवार जो बाइडेन और यूक्रेन के तत्कालीन राष्ट्रपति के बीच 2016 में फोन पर हुई बातचीत का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
इस ऑडियो रिकार्डिंग का खुलासा यूक्रेन के एक सांसद ने किया था। उसे अमेरिकी अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को एक सक्रिय रूसी एजेंट बताया, जिसने बाइडेन के बारे में ऑनलाइन दुष्प्रचार फैलाने की कोशिश की है।
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वहीं, बाइडेन के चुनाव प्रचार अभियान ने इस कॉल रिकार्डिंग को अत्यधिक संपादित बताया है।
इस रिकार्डिंग के बारे में सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को लाखों लोगों ने देखा है।
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वहीं, समाचार एजेंसी एपी के अपने विश्लेषण के मुताबिक कहा कि यहां तक कि मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भी कहा है कि वे (चुनाव में) झूठे और बेबुनियाद विमर्श पर निर्भर हैं।
इस ऑडियो के सोशल मीडिया पर फैलने से यह प्रदर्शित होता है कि किस तरह से विदेशी अभियान का लक्ष्य अमेरिकी नागरिकों तक पहुंच कर चुनाव में हस्तक्षेप करना है। हालांकि, फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर ने ऐसे हस्तक्षेप पर नकेल कसने की कोशिशें की हैं।
हालांकि, इस बारे में संकेत नहीं हैं कि काफी संपादित की गई ये रिकार्डिंग चोरी की गई थी या पूरी तरह से फर्जी हैं।
यूक्रेन के तत्कालीन राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको के साथ बाइडेन के 2016 के कॉल की रिकार्डिंग यूक्रेन के सांसद एंद्रिल देरकाच ने मई में संवाददाता सम्मेलन के दौरान जारी की थी।
नार्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी में व्याख्याता और ध्वनि विशेषज्ञ स्टीफन मूर ने इस रिकार्डिंग का गहराई से अवलोकन करने पर पाया कि इसमें छेड़छाड़ की गई है।
एपी
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