हिरोशिमा, 20 मई अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1945 में अमेरिकी परमाणु बम से हुई तबाही से जुड़े एक संग्रहालय का दौरा किया और परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया बनाने के प्रयास का संकल्प किया।
दुनिया के पहले परमाणु हमले का दंश झेल चुके हिरोशिमा की यात्रा करने वाले बराक ओबामा के बाद बाइडन दूसरे अमेरिकी राष्ट्रपति हैं।
जापान की ‘क्योदो’ समाचार एजेंसी ने शनिवार को जानकारी दी की, बाइडन और अन्य जी-7 नेताओं ने हिरोशिमा ‘पीस मेमोरियल म्यूजियम’ का दौरा किया।
बाइडन के साथ ब्रिटेन, फ्रांस सहित जी7 के अन्य सदस्य देशों के नेता भी वहां पहुंचे।
बाइडन ने संग्रहालय की अतिथि पुस्तिका में लिखा, ‘‘इस संग्रहालय की कहानियां हमें शांतिपूर्ण भविष्य के निर्माण के हमारे सभी दायित्वों की याद दिलाती रहें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एक साथ हम उस दिन की ओर बढ़ें जब हम अंततः और हमेशा के लिए दुनिया को परमाणु हथियारों से मुक्त बना देंगे। विश्वास रखें ऐसा होगा।’’
संग्रहालय में पीड़ितों के सामान, तस्वीरों और अन्य सामग्रियों को प्रदर्शित किया गया है, जो छह अगस्त 1945 को हिरोशिमा पर अमेरिकी परमाणु बम गिराए जाने की भयावहता को दर्शाते हैं। इस हमले में 1945 के अंत तक 1,40,000 लोगों के मारे जाने का अनुमान है।
वहीं नौ अगस्त को दक्षिण-पश्चिमी जापान के नागासाकी पर दूसरा परमाणु बम गिराया गया था और छह दिन बाद जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया था, जिससे द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हुआ।
संग्रहालय से निकलने के बाद बाइडन ने उद्यान (पार्क में) में कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने अन्य जी-7 नेताओं के साथ उद्यान में परमाणु बम पीड़ितों के स्मारक पर माल्यार्पण समारोह में हिस्सा लिया।
इस बीच प्रथम महिला जिल बाइडन ने संग्रहालय की अतिथि पुस्तक में लिखा, ‘‘जी-7 के अवसर पर जैसा कि हम शांतिपूर्ण तथा स्वतंत्र दुनिया का निर्माण करना जारी रखने के लिए एकत्रित हुए हैं...यह संग्रहालय हमें हमारे उद्देश्य की याद दिलाता है। गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद।’’
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबाम 2016 में जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर ही हिरोशिमा के इस संग्रहालय में आए थे।
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