बाइडेन ने पूछा, ‘‘ राष्ट्रपति कहां हैं? वह इस पर काम क्यों नहीं कर रहे?’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हमें हमारे स्कूलों के लिए आपात कोष की जरूरत है और हमें यह अभी चाहिए। यह राष्ट्रपति का काम है। आपको हमारे बच्चों को वापस स्कूल भेजने पर ध्यान देना चाहिए... ना कि डर और बंटवारे को और सड़कों पर हिंसा को बढ़ावा देने पर।’’
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बाइडेन का यह बयान उनके केनोशा के दौरे से एक दिन पहले आया है।
राष्ट्रपति ने भी उत्तरी कैरोलिना में अपने कार्यक्रम में इसका तुरंत जवाब दिया।
उन्होंने (केनोशा के) प्रदर्शन को एक बार फिर ‘‘स्थानीय हिंसक भीड़’’ बताया और कहा कि बल द्वारा इनका सामना किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर स्थानीय नेताओं ने संघीय बल की मदद मांगी होती तो ‘‘ हमने तुरंत ही वह मुहैया करा दिया होता’’।
इससे पहले मंगलवार को केनोशा के दौरे पर पहुंचे अमेरिका के राष्ट्रपति डोना ल्ड ट्रंप ने हिंसा को ‘‘घरेलू आतंकवाद’’ बताते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था ।
केनोशा में जैकब ब्लेक नामक अश्वेत व्यक्ति के पुलिस गोलीबारी में जख्मी होने के बाद कई शहरों में नस्लवाद से जुड़े अन्याय को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे और कई स्थानों पर तोड़फोड़, आगजनी और गोलीबारी भी हुई थी।
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