बेथलेहम (पश्चिमी तट), 15 जुलाई अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शुक्रवार को पश्चिमी तट के दौरे के दौरान “टू स्टेट्स फॉर टू पीपल्स” (दो लोगों के लिये दो राष्ट्र) के लिये अपने समर्थन को दोहराया लेकिन यह भी स्वीकार किया कि इजरायल और फलस्तीनियों के बीच शांति प्राप्त करने के उद्देश्य से अटकी हुई वार्ता को फिर से शुरू करने के लिये “जमीन तैयार नहीं है”।
फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ बेथलेहम में संयुक्त रूप से सामने आए बाइडन ने यह टिप्पणी की। इस दौरान उन्होंने फलस्तीनी शरणार्थियों की सहायता करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी के लिये 20.1 करोड़ डॉलर की घोषणा की।
बाइडन ने कहा, “फलस्तीनी लोग अब आहत हो रहे हैं। आप बस इसे महसूस कर सकते हैं। आपका दुख और निराशा... अमेरिका में हम इसे महसूस कर सकते हैं।”
बाइडन ने कहा, “फ़लस्तीनी लोग अपने स्वयं के राष्ट्र के हकदार हैं जो स्वतंत्र, संप्रभु, व्यवहार्य और सन्निहित हो। ‘टू स्टेट्स फॉर टू पीपल्स’(दो लोगों के लिए दो राष्ट्र), दोनों की ही इस धरती में गहरी और प्राचीन जड़ें हैं, शांति और सुरक्षा में कंधे से कंधा मिलाकर रह रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि यद्यपि ऐसा लक्ष्य ‘दूर की कौड़ी’ लग सकता है लेकिन वह शांति प्रक्रिया के लिये प्रयास नहीं छोड़ेंगे।
उन्होंने कहा, “भले ही वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए जमीन अभी तैयार नहीं हुई हो, अमेरिका और मेरा प्रशासन दोनों पक्षों, फलस्तीनियों व इजराइलियों, को करीब लाने के प्रयासों से पीछे नहीं हटेंगे।”
अपनी टिप्पणी में अब्बास ने कहा कि क्षेत्र में शांति की शुरुआत “इजराइल के हमारी जमीन से अपना कब्जा हटाने” से होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल “ऐसे राष्ट्र के तौर पर काम करना जारी नहीं रख सकता जो कानून के ऊपर हो” और कहा कि फलस्तीनी अमेरिकी पत्रकार शिरीन अबु अकलेह के हत्यारों को जवाबदेह ठहराए जाने की जरूरत है।
मई में पश्चिमी तट में एक इजरायली सैन्य छापे के दौरान अबु अकलेह को गोली मार दी गई थी, और अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वह इजरायली सैनिकों द्वारा अनजाने में मारी गयी थीं।
हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इस नतीजें पर वह कैसे पहुंचे। इसे लेकर शिरीन के परिजनों व बहुत से फलस्तीनियों में नाराजगी थी जिनका आरोप था कि अमेरिका इजराइल की जिम्मेदारी से बचने में मदद कर रहा है।
बाइडन ने कहा कि अमेरिका “उनकी मौत के पूर्ण और पारदर्शी विवरण पर जोर देना जारी रखेगा और दुनिया में हर जगह मीडिया की स्वतंत्रता के लिए खड़ा रहेगा।”
फ़िलिस्तीनी पत्रकारों ने अबु अकलेह की तस्वीर वाली काले रंग टी-शर्ट पहनी थी और उस कमरे में एक खाली कुर्सी पर उनका एक पोस्टर लगाया था जहां नेताओं ने बात की थी।
इससे पहले दिन में वह फलस्तीनियों का उपचार करने वाले पूर्वी यरुशलम अस्पताल नेटवर्क में पहुंचे, और स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य देखभाल के लिए वित्तीय सहायता पर चर्चा की। उन्होंने 10 करोड़ डॉलर का प्रस्ताव रखा है, जिसके लिए अमेरिकी संसद की मंजूरी की आवश्यकता है।
इज़राइल ने भी पश्चिमी तट और गाजा में वायरलेस नेटवर्क को उन्नत करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है, जो आर्थिक स्थितियों में सुधार के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
उन्होंने कहा, “फलस्तीनी और इजराइली स्वतंत्रता, सुरक्षा, समृद्धि और गरिमा के समान उपायों के पात्र हैं। और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच हम सभी के लिए गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए आवश्यक है।”
बाइडन ने जब अस्पताल में अपनी बात पूरी की तभी एक अन्य स्वास्थ्य देखभाल सुविधा में बच्चों की नर्स होने का दावा करने वाली एक महिला ने खड़े होकर वित्तीय सहायता के लिये उनको धन्यवाद दिया और कहा , “हमें और न्याय, और सम्मान चाहिए।”
एपी
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