विदेश की खबरें | बाइडन ने पश्चिम एशिया के नेताओं से युद्ध के बाद द्विराष्ट्र समाधान पर गौर करने का आह्वान किया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राय में यह लड़ाई अब ‘लंबे और कठिन’ चरण में प्रवेश कर गई है।

उनकी दलील है कि यह वैसी स्थिति है, जहां इजराइल-फलस्तीन संघर्ष के द्विराष्ट्र समाधान पर सहमति प्राथमिकता होनी चाहिए।

बाइडन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यथास्थिति पर लौटने की बात नहीं है जो छह अक्टूबर को थी।’’

वह उस समय का जिक्र कर रहे थे, जिसके एक दिन बाद हमास के आतंकवादियों ने इजराइल पर हमला किया था और फिर यह युद्ध छिड़ गया था।

व्हाइट हाउस ने कहा कि बाइडन ने पिछले सप्ताह टेलीफोन पर बातचीत के दौरान नेतन्याहू से भी यही बात कही थी।

बाइडन ने कहा, ‘‘इसका मतलब यह भी है कि जब यह संकट बीत जाए तो आगे का रुख सामने हो और हमारे दृष्टिकोण में यह द्विराष्ट्र समाधान हो।’’

द्विराष्ट्र समाधान एक ऐसा समाधान है, जहां इजराइल और स्वतंत्र फलस्तीन का सह-अस्तित्व होगा।

अमेरिका की कोशिशों से हुई शांति वार्ता के 2014 में पटरी से उतर जाने पर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इजराइली बस्तियों, फलस्तीनी कैदियों की रिहाई एवं अन्य मुद्दों को लेकर यह वार्ता पटरी से उतर गयी थी।

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