देश की खबरें | भारत बायोटेक और सिडनी आईडी ने उन्नत टीका शोध पहल के लिए सहमति पत्र की घोषणा की

नयी दिल्ली, 28 नवंबर भारत बायोटेक और 'यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी इंफेक्शियस डिजीज इंस्टीट्यूट' ने टीकों से जुड़ी शोध पहल को उन्नत बनाने, शैक्षणिक-उद्योग भागीदारी को मजबूत करने और संक्रामक रोगों से लड़ने के लिए वैश्विक प्रयासों को बढ़ाने के लिए मंगलवार को एक सहमति पत्र की घोषणा की।

भारत बायोटेक ने एक बयान में कहा कि इस समझौते का उद्देश्य भविष्य में महामारी और संक्रामक रोगों से निपटने को लेकर नई चिकित्सा पद्धतियों की रचना करने के लिए मजबूत क्षेत्रीय और अंतर-संगठनात्मक सहयोग का निर्माण करना है।

बयान के मुताबिक, इस समझौता का उद्देश्य टीके के विज्ञान और जैव चिकित्सा विज्ञान को उन्नत बनाने के लिए शिक्षा-उद्योग की ताकत का लाभ उठाना भी है।

भारत बायोटेक के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. कृष्णा एला ने कहा, ''यह समझौता सहयोगात्मक अनुसंधान को सुविधाजनक बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और टीके की विज्ञान तकनीक को आगे ले जाने के लिए हमारी प्रकृति को दर्शाता है। ''

उन्होंने कहा, ''स्वस्थ ब्रह्मांड के निर्माण और सुरक्षित टीके विकसित कर लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करने को लेकर शिक्षा और अनुसंधान क्षमताओं का लाभ उठाने के अपने साझा दृष्टिकोण को मजबूत करने के लिए हम नए अवसर पाने पर उत्साहित हैं। सबसे जरूरी चीज नवाचार के जुनून वाले युवा वैज्ञानिकों में प्रतिभा का निर्माण करना है।''

सिडनी आईडी के उपनिदेशक प्रोफेसर जेमी त्रिकास ने कहा कि दुनिया भर के अरबों लोगों की सुरक्षा के लिए टीका सबसे प्रभावी और किफायती तरीका है। उन्होंने कहा कि टीके का निर्माण संबंधी विकास संभावित रूप से लोगों को जीवन-घातक संक्रामक रोगों से बचाने और स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव लाने का एक कारण बन सकता है।

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