देश की खबरें | राजस्थान के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ‘जनता क्लीनिक’ से कहीं बेहतर सुविधाएं: मंत्री

जयपुर, छह मार्च राजस्थान सरकार में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में बताया कि राज्य में इस समय 357 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं, जिनका वित्तपोषण केन्द्र सरकार करती है।

सिंह, प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि इन आरोग्य मंदिरों में टीकाकरण, दवाइयां, ओपीडी, परिवार कल्याण और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

सिंह ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा दिल्ली के मोहल्ला क्लिनिक की तर्ज पर वर्ष 2019 -20 में ‘जनता क्लीनिक’ खोले गये थे, जिनकी संख्या मात्र 15 ही थी।

उन्होंने कहा कि इन्हें वर्ष 2021-22 में शहरी स्वास्थ्य कल्याण केन्द्र नाम दे दिया गया।

सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर राजस्थान में खोले गये।

मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 में 142 आरोग्य मंदिर, 2022-23 में 47, 2023-24 में 143 और 2024-25 में 180 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मंजूरी दी गयी।

उन्होंने कहा कि जनता क्लीनिक पूरी तरह से दानदाताओं तथा सीएसआर वित्तपोषण के भरोसे चल रहे थे और इनका स्थाई बुनियादी ढांचा भी नहीं था।

सिंह ने सदन में बताया कि राज्य में संचालित शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में चिकित्सक, तकनीकी स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, सफाई कर्मियों का वेतन, उपकरण, मरम्मत, मेंटेनेंस, टीकाकरण, दवाइयां, ओपीडी, परिवार कल्याण और स्वास्थ्य जांच आदि सुविधाओं के लिए केन्द्र सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 70 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है।

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