देश की खबरें | बेंगलुरु हवाईअड्डा मामला : एआईएक्स कनेक्ट ने प्रबंधक को ड्यूटी से हटाया, राज्यपाल से मांगी माफी

नयी दिल्ली, 31 जुलाई एअर इंडिया की सहयोगी कंपनी एआईएक्स कनेक्ट ने पिछले सप्ताह कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत को विमान में सवार होने की अनुमति नहीं देने की घटना के बाद बेंगलुरु हवाईअड्डे पर तैनात अपने प्रबंधक को ड्यूटी से हटा दिया है। एक सूत्र ने सोमवार को यह जानकारी दी।

सूत्र ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि विमानन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को बेंगलुरु में राज्यपाल से मुलाकात की। अधिकारियों ने राज्यपाल को स्थिति और उठाए गए कदम के बारे में अवगत कराया और घटना के लिए माफी भी मांगी।

कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत को 27 जुलाई को कथित तौर पर ‘‘देर’’ से पहुंचने की वजह से एआईएक्स कनेक्ट के विमान में सवार होने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके बाद राज्यपाल कार्यालय ने बेंगलुरु हवाईअड्डा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

एआईएक्स कनेक्ट को पूर्व में एअरएशिया इंडिया के नाम से जाना जाता था और यह एअर इंडिया समूह का हिस्सा है।

सूत्र ने सोमवार को बताया कि घटना के समय तैनात विमानन कंपनी के हवाईअड्डा प्रबंधक को तत्काल ड्यूटी से हटा दिया गया था और मामले की जांच चल रही है।

विमानन कंपनी ने 28 जुलाई को घटना पर खेद प्रकट किया था और बताया था कि मामले की जांच की जा रही है।

घटना के बाद राज्यपाल के प्रोटोकॉल अधिकारी एम. वेणुगोपाल ने 'प्रोटोकॉल के उल्लंघन' की शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के मुताबिक गहलोत को 27 जुलाई को दोपहर 2.05 बजे एआईएक्स कनेक्ट की उड़ान से हैदराबाद जाना था।

शिकायत में कहा गया, ‘‘इसी हिसाब से राज्यपाल दोपहर 1.10 बजे राज भवन से निकले और टर्मिनल-1 के वीआईपी लाउंज में दोपहर 1.35 बजे पहुंच गये। उस समय तक राज्यपाल का सामान विमान में चढ़ा दिया गया था।’’

इसमें कहा गया कि राज्यपाल विमान की सीढ़ियों तक 2.06 बजे पहुंच गये थे।

शिकायत में आरोप लगाया गया, ‘‘हालांकि एअर एशिया (एआईएक्स कनेक्ट) के कर्मचारी आरिफ ने राज्यपाल को प्रवेश देने से इनकार करते हुए कहा कि आगमन में देरी हुई। जबकि विमान का दरवाजा तब तक खुला था।’’

वेणुगोपाल ने कहा था, ‘‘इसके अलावा, राज्यपाल का सामान उतारा गया जिसमें 10 मिनट बर्बाद हो गये। राज्यपाल सीढ़ी के पास तब तक खड़े रहे और विमान का दरवाजा अब भी खुला था। इसके बावजूद राज्यपाल की अनदेखी की गयी और विमान में प्रवेश की अनुमति नहीं देकर उनका अपमान किया।’’

गहलोत वीआईपी लाउंज में लौट गए और 90 मिनट बाद उन्होंने किसी अन्य विमान में हैदराबाद की उड़ान भरी।

शिकायत के मुताबिक, ‘‘घटना से राज्यपाल बहुत आहत हुए हैं जो कर्नाटक के प्रथम नागरिक हैं। उन्हें उनके आधिकारिक कर्तव्य का निर्वहन करने से रोककर उनके प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि (एआईएक्स कनेक्ट के स्टेशन प्रबंधक) जिको सोरस, आरिफ और एअर एशिया (एआईएक्स कनेक्ट) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।’’

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