कोलकाता, दो अगस्त पश्चिम बंगाल के सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस के विरोध के बावजूद राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने बुधवार को यहां राजभवन में भ्रष्टाचार निरोधक इकाई का उद्घाटन किया। तृणमूल कांग्रेस ने इस कदम को राज्य सरकार के दायित्वों के तहत आने वाले रोजमर्रा के प्रशासन में ‘घुसपैठ’ करार दिया है।
बोस ने तृणमूल के आरोप को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह इकाई ‘दूसरे के कार्यक्षेत्र में अतिक्रमण नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल आम लोगों को सक्षम अधिकारियों के पास अपनी शिकायतें भेजने में मदद करेगी।
राज्यपाल ने कहा, ‘‘ यहां भ्रष्टाचार निरोधक इकाई में हम उन लोगों की आवाज उठाने में मदद करेंगे जो ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं। हिंसा के दौर में राजभवन ऐसे लोगों का मित्र बनने का प्रयास कर रहा है जिनके दोस्त नहीं हैं। जब ‘शांति कक्ष’ की स्थापना की गयी थी तब भी आशंकाएं थीं। ‘शांति कक्ष’ ने क्या हासिल किया? हम किसी अन्य के कार्यक्षेत्र का अतिक्रमण करने का प्रयास नहीं करेंगे। एक चीज है जिसे लक्ष्मण रेखा कहा जाता है। निश्चित ही हम खुद को लक्ष्मणरेखा के अंदर रखने का प्रयास करेंगे।’’
राज्यपाल ने हाल में पंचायत चुनाव के दौरान जिलों में लोगों की हिंसा संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए राजभवन में ‘शांतिकक्ष’ खोला था।
उन्होंने हाल में एक रैली में मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये भाषण का हवाला देते हुए कहा, ‘‘किसी को पैसा मत दीजिए। हम उसकी अनुमति नहीं देंगे। यदि कोई पैसे चाहता है तो उसका फोटो खींच लीजिए और मुझे भेजिए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं हमारी संवैधानिक सहयोगी ने कूच बिहार में यही कहा था। यही बात तो हम लागू करने का प्रयास कर रहे हैं।यह हम करने जा रहे हैं।’’
बोस ने कहा कि जिस किसी को भी भ्रष्टाचार का पता चलता है, वह भ्रष्टाचार निरोधक इकाई में उसकी जानकारी दे सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हम इसे सक्षम अधिकारियों के सामने उठायेंगे।’’
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