कोलकाता, पांच फरवरी पश्चिम बंगाल में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करते हुए उन पर बंगाल वैश्विक व्यापार शिखर सम्मेलन (बीजीबीएस) के नाम पर ‘तमाशा करने’ और राज्य की आर्थिक स्थिति के बारे में लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
दो दिवसीय बंगाल वैश्विक व्यापार शिखर सम्मेलन (बीजीबीएस) बुधवार को यहां शुरू हुआ।
भाजपा नेता और पार्टी के बंगाल सह-प्रभारी अमित मालवीय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा, ‘‘जनता को धोखा देने की अपनी परंपरा को जारी रखते हुए, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर बंगाल के लोगों को गुमराह करने के लिए एक विस्तृत स्वांग ‘बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट’ रचा है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि 2015 से हर साल आयोजित होने वाला यह शिखर सम्मेलन, 2011 से शुरू हुए उनके शासन के तहत राज्य की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को छिपाने के लिए आयोजित एक दिखावटी तमाशे से अधिक कुछ नहीं है।
मालवीय ने अपने दावों के समर्थन में कई आंकड़े पेश किए, जिनमें 2016 से 2021 के बीच 21,521 औद्योगिक इकाइयों का बंद होना भी शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘इन इकाइयों की सामूहिक बंदी के कारण लाखों श्रमिक विस्थापित हो गए हैं।’’
भाजपा नेता ने कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा दिसंबर 2024 में जारी आंकड़ों का भी हवाला दिया, जिसके मुताबिक ब्रिटानिया सहित प्रमुख निगम और विनिर्माण, वित्त और व्यापार जैसे क्षेत्रों की 2,227 अन्य पंजीकृत संस्थाएं बंगाल छोड़ चुकी हैं।
मालवीय ने राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में पश्चिम बंगाल के घटते योगदान की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा, ‘‘सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम बंगाल का 1960-61 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 10.5 प्रतिशत का योगदान था, जो भारतीय राज्यों में तीसरे स्थान पर था। हालांकि, 2023-24 तक यह हिस्सा घटकर सिर्फ 5.6 प्रतिशत रह गया है।’’
भाजपा नेता ने बंगाल के प्रति निवेशकों की रुचि में गिरावट को रेखांकित करते हुए कहा कि 1970 के दशक में, कंपनी मुख्यालय के लिए मुंबई के बाद बंगाल दूसरा सबसे पसंदीदा स्थान था। उन्होंने कहा, ‘‘2021 तक यह 8वें स्थान पर खिसक गया, जबकि मुंबई ने अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा।’’
मालवीय ने बनर्जी सरकार पर ‘‘जबरन वसूली और उत्पीड़न’’ का माहौल पैदा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे निवेशकों का विश्वास और कम हो गया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुभेंदु अधिकारी ने भी बीजीबीएस की आलोचना की, जिसके उद्घाटन सत्र में रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी, आईटीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजीव पुरी, जेएसडब्ल्यू समूह के अध्यक्ष सज्जन जिंदल और अन्य ने हिस्सा लिया।
अधिकारी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज से बीजीबीएस का आठवां संस्करण शुरू हो रहा है, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि बीजीबीएस शिखर सम्मेलन न तो व्यापार के बारे में है और न ही वैश्विक होने से बहुत करीब है। यह एक ऐसा आयोजन है, जहां पश्चिम बंगाल के लोगों को चमकदार झूठ दिखाया जाता है!’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या माननीय मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल के लोगों को यह बताने का साहस करेंगी कि बंगाली ग्रामोद्योग बोर्ड 2023 में घोषित 3.76 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश में से अब तक कितना निवेश किया गया है?’’
अधिकारी ने देवचा पचामी कोयला खदान परियोजना की स्थिति पर भी सवाल किया जिसके बारे में दावा किया गया था कि दो लाख रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने ताजपुर समुद्र बंदरगाह परियोजना को लेकर भी सवाल उठाया जिसके लिए कथित तौर पर जोर-शोर से समझौता किया गया था।
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