देश की खबरें | बंगाल चुनाव: मोदी ने ममता को धोखेबाज बताया ; ममता बोलीं- झूठे हैं मोदी

कोलकाता, सात मार्च प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां एक रैली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राज्य के लोगों को ‘‘धोखा देने और अपमानित करने’’ का आरोप लगाया। इस पर, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने पलटवार करते हुए उन्हें ‘‘झूठा’’ करार दिया।

राज्य विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में अपनी पहली चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने ममता पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने जनता की ''दीदी'' बनने के बजाय अपने ''भतीजे'' की ''बुआ'' बनना पसंद किया।

गौरतलब है कि भाजपा ममता पर आरोप लगाती रही है कि वह डायमंड हार्बर से सांसद और अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को अगला मुख्यमंत्री बनाने के प्रयास में जुटी हैं।

वहीं, यहां से करीब 600 किमी दूर उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में ममता ने मार्च किया और एक रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी राज्य में ‘‘मतदाताओं को गुमराह करने के लिए झूठ का सहारा ले रहे हैं।’’

राज्य में 27 मार्च से 29 अप्रैल तक आठ चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

मोदी ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख पर हमला करते हुए कहा, '' आपने बंगाल के उन लोगों को धोखा दिया और अपमान किया, जिन्होंने भरोसा किया था कि वाम शासन के बाद आप परिवर्तन लाएंगी। आपने उनकी उम्मीद और सपनों को चकनाचूर कर दिया।''

उन्होंने आरोप लगाया कि बनर्जी ने उन लोगों को नजरअंदाज कर, भाई-भतीजावाद को बढ़ावा दिया, जो उन्हें प्यार से ''दीदी'' कहते हैं।

रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन मार्च के बाद सिलीगुड़ी में रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इतने वर्षों में कई ‘‘खोखले’’ वादे किए और लोगों को अब उन पर विश्वास नहीं है।

उन्होंने जानना चाहा कि ‘‘प्रधानमंत्री ने हर नागरिक के बैंक खाते में 15 लाख रुपये क्यों नहीं जमा किए, जैसा कि उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले वादा किया था।’’

ममता ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘आपने कई खोखले वादे किए हैं। लोग हमेशा आपके झूठ को स्वीकार नहीं करेंगे। हम मांग करते हैं कि आप एलपीजी सिलेंडर देश के हर नागरिक के लिए सस्ता करिए। आपने एलपीजी सिलेंडर आम आदमी की पहुंच से दूर कर दिया है।’’

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मोदी को ‘‘झूठ बोलने की अपनी आदत पर शर्मिंदा होना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह बंगला में भाषण देते हैं जबकि स्क्रिप्ट हमेशा गुजराती में लिखा होता है और उनके सामने पारदर्शी शीशे के अंदर रखा होता है। वह बहाना करते हैं कि वह अच्छी तरह बांग्ला जानते हैं।’’

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