कोलकाता, छह मई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि यदि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता (डीए) देने में विफल रहती है तो पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों के एक वर्ग से काम बंद कर देना एवं और असहयोग करना चाहिए।
राज्य विघानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों द्वारा केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर डीए दिए जाने की मांग पूरी तरह से 'उचित' है।
अधिकारी ने यहां महानगर के पुराने इलाके (डाउनटाउन) क्षेत्र में 'संग्रामी जुठो मंच' (संघर्ष के लिए संयुक्त मंच) द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यह अस्तित्व की लड़ाई है।
उन्होंने दावा किया कि समय आ गया है कि राज्य में आर्थिक रूप से मरणासन्न हो चुकी सरकार चलाने के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को सत्ता से उखाड़ फेंका जाए।
इस बीच, राज्य सरकार के कर्मचारियों ने अपनी मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला, जो हाजरा से शुरू हुआ और उस सड़क तक गया जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी रहते हैं।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘इस विरोध मार्च ने राज्य की मरणासन्न वित्तीय स्थिति को उजागर कर दिया है। यह सरकारी कर्मचारियों के अस्तित्व की लड़ाई है और मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि अहिंसात्मक रूप से सरकार के साथ निरंतर संघर्ष और असहयोग के लिए आगे बढ़ें। यह सरकार को उखाड़ फेंकने का समय है और हम करेंगे। मैं विपक्ष के नेता के रूप में आप सभी के साथ रहूंगा।’’
गौरतलब है कि बंगाल सरकार के कुछ कर्मचारी पिछले करीब 100 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
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