देश की खबरें | नेपाली संसद में नक्शे पर मतदान से पहले नरवणे ने दोनों देशों के बीच दोस्ताना संबंधों की बात कही
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत के साथ संबंधों में तनाव पैदा करने वाले नेपाल के नये नक्शे पर वहां की संसद में संभावित मतदान से पहले थल सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने शनिवार को कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध हमेशा ही मजबूत रहा है और भविष्य में भी ऐसा ही रहेगा।
देहरादून(उत्तराखंड), 13 जून भारत के साथ संबंधों में तनाव पैदा करने वाले नेपाल के नये नक्शे पर वहां की संसद में संभावित मतदान से पहले थल सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने शनिवार को कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध हमेशा ही मजबूत रहा है और भविष्य में भी ऐसा ही रहेगा।
नेपाल की संसद में नये नक्शे पर बहुत जल्द मतदान होने की संभावना है। इस नक्शे में नेपाल ने भारत से लगी अपनी सीमा के साथ नये इलाकों के रूप में लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को प्रदर्शित किया है। उसने नयी दिल्ली द्वारा सख्त विरोध जताये जाने के बावजूद यह कदम उठाया है।
वहीं, भारत यह कहता रहा है कि ये तीनों इलाके उसके हैं।
जनरल नरवणे ने कहा, ‘‘हमारा नेपाल के साथ बहुत मजबूत संबंध रहा है। हमारे भौगोलिक, सांस्कृतिक, एतिहासिक, धार्मिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर भी मजबूत संबंध रहे हैं। उनके साथ हमारा संबंध हमेशा मजबूत रहा है और भविष्य में भी ऐसा ही रहेगा।’’
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भारतीय सैन्य अकादमी के पासिंग आउट परेड से अलग संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने यह कहा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आठ मई को उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रा से धारचुला को जोड़ने वाली 80 किमी लंबी एवं रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सड़क का उदघाटन किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव आ गया।
नेपाल ने सड़क के उदघाटन के पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दावा किया था कि यह नेपाली भू-भाग से होकर गुजरती है।
इस विवाद के बीच में जनरल नरवणे ने कहा था कि यह मानने के कारण हैं कि नेपाल ने किसी और के इशारे पर सड़क का विरोध किया है, उन्होंने इस विषय में चीन की भूमिका का संभवत: जिक्र करते हुए यह कहा। इस टिप्पणी पर नेपाल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।
कुछ दिन बाद नेपाल नया नक्शा लेकर आ गया, जिसमें उसने लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को अपने भू-भाग के रूप में दिखाया है।
लिपुलेख दर्रा, कालापानी के नजदीक सुदूर पश्चिमी बिंदु (स्थान) है । कालापानी, नेपाल और भारत के बीच विवादित क्षेत्र है। दोनों देश इसे अपना-अपना अभिन्न हिस्सा बताते हैं। भारत इसे उत्तराखंड के पिथौड़ागढ़ जिले का हिस्सा बताता है, जबकि नेपाल इसके धारचुला जिले का हिस्सा होने का दावा करता है।
नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने इन तीनों इलाकों को नेपाल का हिस्सा होने का दावा किया है।
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