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देश की खबरें | प्रधानमंत्री के बंगाल दौरे से पहले टीएमसी ने मनरेगा की राशि जारी न करने पर सवाल उठाया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे से पहले शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने केंद्र द्वारा कथित तौर पर मनरेगा की राज्य की बकाया राशि जारी न किए जाने पर सवाल उठाया।

देश की खबरें | प्रधानमंत्री के बंगाल दौरे से पहले टीएमसी ने मनरेगा की राशि जारी न करने पर सवाल उठाया

कोलकाता, एक मार्च पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे से पहले शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने केंद्र द्वारा कथित तौर पर मनरेगा की राज्य की बकाया राशि जारी न किए जाने पर सवाल उठाया।

टीएमसी ने हैशटैग-‘आएहोतोबताकेजाओ’ के साथ सोशल मीडिया अभियान भी चलाया है। यह अभियान केंद्र द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत कथित तौर पर रोकी गई राशि और अन्य मुद्दों के संदर्भ में है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार से राज्य के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे और इस दौरान वह हुगली तथा नदिया जिले में दो जनसभाओं को संबोधित करेंगे एवं कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री दो जनसभाएं करेंगे, जिनमें पहली जनसभा शुक्रवार को हुगली जिले के अरामबाग में होगी और दूसरी शनिवार को नदिया के कृष्णानगर में आयोजित की जाएगी।

टीएमसी नेता शांतनु सेन ने कहा, ''लोकसभा चुनाव से पहले, प्रधानमंत्री फिर से बंगाल का दौरा शुरू कर रहे हैं। भाजपा ने 2019 में राज्य में 18 लोकसभा सीट जीती थीं, लेकिन उसके नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राज्य की राशि रोक दी जिसमें मनरेगा बकाया सहित विभिन्न योजनाएं शामिल हैं। 18 सांसदों ने केंद्र से राज्य को बकाया राशि जारी न करने का अनुरोध किया।’’

उन्होंने यह भी कहा कि अब ममता बनर्जी की सरकार श्रमिकों की बकाया राशि जारी कर रही है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को लगभग 30 लाख मनरेगा श्रमिकों को मार्च 2022 से लंबित 2,700 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान देना शुरू किया था।

टीएमसी के आरोपों के जवाब में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने सत्तारूढ़ दल पर मनरेगा राशि के संबंध में कथित तौर पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘मनरेगा की राशि इसलिए रोकी गई है क्योंकि राज्य सरकार ने मनरेगा योजना के तहत खर्च की गई राशि पर उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा नहीं किया है। यह टीएमसी सरकार का संगठित भ्रष्टाचार है। इसलिए वे आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करा पाए। पहले उन्हें पूर्व में मिली मनरेगा धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करने दें।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 01, 2024 03:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).