देश की खबरें | वर्ष 2047 के विकसित भारत का पथप्रदर्शक बनें: जितेंद्र सिंह ने डीयू के विद्यार्थियों से कहा

नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के विद्यार्थियों से कहा कि वे 2047 के विकसित भारत का नेतृत्व करने के लिए ‘पथप्रदर्शक’ के रूप में काम करें।

उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में लाये गये सुधारों से भारतीय युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वैश्विक स्तर पर उनका सम्मान भी बढ़ा है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए मंत्री ने उन्हें ‘2047 के भारत का पथप्रदर्शक’ करार दिया और उनसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परिकल्पित ‘विकसित भारत 2047’ का नेतृत्व करने का आह्वान किया।

केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री सिंह यहां दौलत राम कॉलेज में प्रमाण पत्र वितरण और युवा प्रतिभाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पिछले 10 वर्षों में युवाओं और छात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों के बारे में जानकारी साझा की।

सिंह ने कहा, ‘‘यह एक अद्भुत यात्रा रही है क्योंकि भारत ने 2014 से पहले के ‘कमजोर पांच’ से ‘शीर्ष पांच’ में पहुंचने तक का लंबा सफर तय किया है।’’

कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि कार्यभार संभालने के 100 दिन के भीतर इस सरकार ने 15 लाख करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी और 12 औद्योगिक केंद्र विकसित करने का फैसला किया, जिसमें 40 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।

कार्यभार संभालने के कुछ महीनों बाद प्रधानमंत्री द्वारा स्व-प्रमाणन की पहल को याद करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘युवाओं को दस्तावेजों के प्रमाणीकरण के लिए अब किसी राजपत्रित अधिकारी के पास जाने की जरूरत नहीं है जो दर्शाता है कि इस सरकार ने युवाओं पर किस प्रकार का भरोसा जताया है।’’

उन्होंने कहा कि यदि भारत को 2047 तक विकसित बनना है तो उसे वैश्विक मानदंड स्थापित करने होंगे और देश ने उस दिशा में तेजी से काम करना शुरू कर दिया है।

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