देश की खबरें | अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर बहुत सावधान रहना होगा : कांग्रेस

नयी दिल्ली, 14 जुलाई कांग्रेस ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर बातचीत के बीच एक थिंक टैंक द्वारा जताई गई चिंता के सिलसिले में सोमवार को कहा कि वाशिंगटन के साथ व्यापार समझौते के संदर्भ में बहुत सावधान रहना होगा।

आर्थिक शोध संस्थान ‘‘वैश्विक व्यापार अनुसंधान संस्थान’’ (जीटीआरआई) ने कहा है कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देते समय भारत को सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "इससे पहले कंपनियों द्वारा भारत के बाहर मसाला बॉन्ड जारी किए गए थे, लेकिन उनका मूल्य रुपये में था। अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम ने 2014 और 2015 में ऐसा किया और एचडीएफसी और एनटीपीसी ने एक साल बाद ऐसा किया।’’

उन्होंने कहा, "अब नई दिल्ली स्थित वैश्विक व्यापार अनुसंधान संस्थान (जीटीआरआई) ने भारत द्वारा अमेरिका के साथ किए जा रहे व्यापार समझौते को लेकर चेतावनी दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कामकाज के पूरी तरह से मनमाने और स्पष्ट रूप से विचित्र तरीके को देखते हुए, जीटीआरआई ने अब "मसाला सौदों" पर ध्यान आकर्षित किया है। "

उन्होंने दावा किया कि स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चीजों का आकार, संक्षिप्त नामकरण करने का तरीका खतरनाक साबित हो रहा है।

रमेश का कहना था कि जीटीआरआई की चेतावनी को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता और बहुत सावधान रहना होगा।

कांग्रेस नेता ने कटाक्ष किया, "राष्ट्रपति ट्रंप 10 मई से 21 बार बोल चुके हैं कि कैसे उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को अचानक बंद करवाने के लिए मसाले का इस्तेमाल किया।"

मसाला बॉन्ड भारतीय रुपये में मूल्यवर्गित बॉन्ड होते हैं, जो भारतीय कंपनियों द्वारा भारत के बाहर जारी किए जाते हैं। इनका उपयोग विदेशी निवेशकों से धन जुटाने के लिए किया जाता है।

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