देश की खबरें | अधिवक्ता के रूप में नामांकन के दक्षिण कोरियाई नागरिक के आवेदन पर नियमानुसार कदम उठाए बीसीआई : अदालत

नयी दिल्ली, छह जून दक्षिण कोरिया के एक नागरिक के देश में वकील के तौर पर नामांकित करने के अनुरोध को भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) द्वारा खारिज किए जाने को दिल्ली उच्च न्यायालय ने अस्वीकार कर दिया है।

उच्च न्यायालय ने शीर्ष बार निकाय को निर्देश दिया है कि वह कानून के अनुसार उसके आवेदन पर कार्रवाई करे।

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने कहा कि याचिकाकर्ता, डेयुंग जंग के पास हैदराबाद में नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (एनएएलएसएआर) से कानून की डिग्री थी, जिसे एडवोकेट्स एक्ट के तहत विधिवत मान्यता दी गई थी और वह नामांकन लेने का हकदार था।

अदालत ने कहा, “बीसीआई स्पष्ट रूप से इस तथ्य को भूल गया है कि जंग एक ‘विदेशी वकील’ नहीं था जो भारत में अपनी कानूनी प्रैक्टिस स्थापित करने के अधिकार का दावा कर रहा था। इसके विपरीत, वास्तव में याचिकाकर्ता एक विदेशी नागरिक है जिसके पास कानून में डिग्री है जिसे अधिनियम के तहत विधिवत मान्यता प्राप्त है और इस प्रकार वह नामांकन लेने का हकदार है।”

अदालत ने अपने हालिया निर्देश में कहा, “मौजूता रिट याचिका स्वीकार की जाती है। दिनांक 23 जुलाई, 2020 का आक्षेपित आदेश निरस्त किया जाता है और अपास्त किया जाता है। बीसीआई को कानून के अनुसार नामांकन के लिए याचिकाकर्ता के आवेदन पर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाता है।”

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