देश की खबरें | ‘आहत मानवता’ के लिए उम्मीद की किरण हैं ‘बापू’ : उपराष्ट्रपति

नयी दिल्ली, दो अक्टूबर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को गांधी जयंती के अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया मुश्किलों के दौर से गुजर रही है तो ‘बापू’ पूरी मानवता के लिए उम्मीद की किरण बने हुए हैं।

उपराष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक ट्वीट में धनखड़ ने कहा, ‘‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी जयंती पर मैं श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। आधुनिक भारत की सर्वाधिक प्रभावशाली विभूतियों में से एक महात्मा गांधी, आज भी आहत मानवता के लिए नैतिकता का प्रामाणिक मानदंड और उम्मीद की किरण हैं।

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘‘विद्वेष से भरे आज के विश्व में गांधी जी की यह वाणी कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, मानवता का मार्गदर्शन करती है। गांधी जयंती के अवसर पर हिंसा, अतिवाद, आतंकवाद और हर प्रकार के भेदभाव से मुक्त, एक शांतिपूर्ण विश्व के लिए प्रार्थना करें।’’

मालूम हो कि कोविड-19 महामारी से अभी पूरी दुनिया उबर भी नहीं सकी थी कि अफगानिस्तान में तालिबान शासन लौट आया और इसके तुरंत बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया। दोनों देशों के बीच आज भी जहां जंग जारी है, वहीं दुनिया के कुछ अन्य देशों के बीच भी टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई है।

उपराष्ट्रपति ने बापू को श्रद्धांजलि देते हुए इन्हीं वैश्विक परिस्थितियों की ओर इशारा किया है।

धनखड़ ने राजघाट स्थित बापू की समाधि पर उन्हें श्रद्धासुमन भी अर्पित किए।

उपराष्ट्रपति ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें भी नमन किया और विजय घाट जाकर उनकी समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने कहा कि शास्त्री ऐसी दूरदृष्टि वाले नेता थे, जिन्होंने इतिहास में सबसे निर्णायक चरणों में से एक के दौरान भारत का नेतृत्व किया।

उन्होंने कहा, ‘‘जय जवान, जय किसान का उनका स्पष्ट आह्वान आज भी हर भारतीय के दिल में गूंजता रहता है। उनकी जयंती पर मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।’’

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