देश की खबरें | बैंक धोखाधड़ी मामला: अदालत ने गुजरात की दवा कंपनी के चार निदेशकों को 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी' घोषित किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने 8,100 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी मामले में गुजरात की दवा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड (एसबीएल) के चार निदेशकों को सोमवार को 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी' घोषित किया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 28 सितंबर दिल्ली की एक अदालत ने 8,100 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी मामले में गुजरात की दवा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड (एसबीएल) के चार निदेशकों को सोमवार को 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी' घोषित किया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक याचिका पर यह आदेश जारी किया।

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न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मुझे यह मानने में कोई झिझक नहीं है कि यह अदालत संतुष्ट है कि याचिकाकर्ता ने सफलतापूर्वक पैरवी की है और साबित किया है कि ये प्रतिवादी भगोड़े आर्थिक अपराधी हैं।''

उन्होंने कहा, ''यह घोषित किया जाता है कि आरोपी नितिन जयंतीलाल संदेसरा, चेतन जयंतीलाल संदेसरा, दीप्ति चेतन जयंतीलाल संदेसरा और हितेश कुमार नरेंद्र भाई पटेल भगोड़े आर्थिक अपराधी हैं।''

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ईडी के लिए पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने अदालत को बताया कि आरोपी देश से फरार हो गए हैं और आपराधिक मुकदमे का सामना करने के लिए कानूनी प्रक्रिया से बच रहे हैं।

एजेंसी का प्रतिनिधित्व विशेष अभियोजक नितेश राणा द्वारा भी किया गया। एजेंसी ने आरोपियों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए अर्जी दायर की थी।

अभियोजक ने हालांकि दलील के दौरान अदालत को बताया कि वे अपनी अर्जी केवल इतने तक सीमित रखना चाहते हैं कि आरोपियों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया जाए।

न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि ईडी जब्ती की कार्यवाही के लिए फिर से अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।

धन शोधन रोकथाम अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत दायर आरोपपत्र में कंपनी पर आंध्र बैंक के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से ऋण लेने का आरोप लगाया गया था जो गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) या खराब ऋण में तब्दील हो गया था।

ईडी के मुताबिक, आरोपियों ने अपनी प्रमुख कंपनियों की बैलेंस शीट के आंकड़ों में हेरफेर किया और बैंकों से बड़े कर्ज प्राप्त किए।

इसमें कहा गया है कि जांच में पता चला है कि स्टर्लिग बायोटेक के प्रवर्तकों द्वारा देश में 249 कंपनियां स्थापित की गई जिसमें 200 कंपनियां बेनामी पायी गईं।

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