देश की खबरें | बग्वाल त्योहार पर सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी निगरानी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. चंपावत जिले के देवीधुरा में बाराही देवी मंदिर परिसर में होने वाले बग्वाल के त्योहार के दौरान सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस अवसर पर इष्ट देवी को प्रसन्न करने के लिए आयोजन स्थल पर किसी का खून न बहे।
पिथौरागढ़, 21 अगस्त चंपावत जिले के देवीधुरा में बाराही देवी मंदिर परिसर में होने वाले बग्वाल के त्योहार के दौरान सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस अवसर पर इष्ट देवी को प्रसन्न करने के लिए आयोजन स्थल पर किसी का खून न बहे।
परंपरागत रूप से त्योहार के दौरान लोग नकली लड़ाई या खेल के रूप में एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते हैं और इष्ट देवी बाराही को प्रसन्न करने के लिए खून बहाते हैं।
कहा जाता है कि प्राचीन काल में देवी को प्रसन्न करने के लिए मंदिर में मानव बलि देने की परंपरा थी जो बाद में पत्थरों से नकली युद्ध कर खून बहाने में बदल गयी ।
हालांकि, 2013 में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने त्योहार के दौरान पत्थरों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था और उनकी जगह फूलों, फलों और सब्जियों का इस्तेमाल करने का आदेश दिया था ताकि किसी को चोट न पहुंचे। लेकिन प्रतिबंध के बावजूद कुछ लोग छिपकर मैदान में पत्थर ले जाने में सफल हो जाते हैं ।
बग्वाल के इस अनोखे खेल का हजारों लोग अपनी छतों से साक्षी बनते हैं ।
चंपावत के जिलाधिकारी नवनीत पांडे ने सोमवार को त्योहार और इस मौके पर आयोजित होने वाले मेले की तैयारियों की समीक्षा करने के बाद कहा, "अदालत के आदेश को ध्यान में रखते हुए बग्वाल की लड़ाई पत्थरों के स्थान पर फलों और सब्जियों से ही खेली जाएगी।"
उन्होंने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मेले में पानी, बिजली, परिवहन, स्वच्छता, पार्किंग और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
पांडे ने कहा, "6.5 किलोमीटर में फैले क्षेत्र को मेला क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया गया है। हम सुनिश्चित करेंगे कि अदालत के आदेशों का अनुपालन किया जाए। हालांकि, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों को भी तैयार रखा जाएगा।"
पाटी के ब्लॉक प्रमुख सुमंत ने कहा, "हालांकि अदालत के आदेश के बाद बग्वाल फलों और सब्जियों के साथ खेला जाता है लेकिन देवी बाराही की पूजा युद्ध में खून बहाने के बाद ही पूरी मानी जाती है।"
बग्वाल मेला 27 अगस्त से शुरू हो रहा है लेकिन पत्थरों की लड़ाई हर साल की तरह इस बार भी रक्षाबंधन के त्योहार यानि 31 अगस्त को होगी ।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 21, 2023 09:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

