नयी दिल्ली, एक अक्टूबर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए विशेष रूप से निर्मित बी777 विमान बृहस्पतिवार को अमेरिका से भारत पहुंच गया। सरकारी अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि विमान को जुलाई में ही विमान निर्माता कंपनी बोइंग द्वारा एअर इंडिया को सौंपा जाना था, लेकिन दो बार इसमें देरी हुई। पहली बार कोविड-19 महामारी के कारण देरी हुई, फिर तकनीकी कारणों से इसमें कुछ हफ्तों की देरी हुई।
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एअर इंडिया वन लिखा विमान बृहस्पतिवार को अपराह्न लगभग तीन बजे टेक्सास से दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरा।
अधिकारियों ने बताया कि बोइंग से विमान प्राप्त करने के लिए एअर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी अगस्त में ही अमेरिका पहुंच गए थे।
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उन्होंने कहा कि वीवीआईपी की यात्रा के लिए एक और विशेष रूप से निर्मित बी777 विमान बाद में बोइंग से प्राप्त होने की संभावना है।
ये दोनों विमान 2018 में कुछ महीनों के लिए एअर इंडिया के वाणिज्यिक बेड़े का हिस्सा थे, जिन्हें फिर वीवीआईपी यात्रा के लिए इसे विशेष रूप से पुनर्निमित करने के लिए बोइंग भेज दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों विमानों की खरीद और इनके पुनर्निर्माण की कुल लागत लगभग 8,400 करोड़ रुपये आंकी गई है।
बी777 विमानों में अत्याधुनिक मिसाइल रोधी प्रणाली होगी, जिसे लार्ज एयरक्राफ्ट इन्फ्रारेड काउंटरमेजर्स और सेल्फ-प्रोटेक्शन सूट्स (एसपीएस) कहा जाता है।
एक अधिकारी ने बताया कि वीवीआईपी की यात्रा के दौरान, दोनों बी777 विमानों को एअर इंडिया के पायलट नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के पायलट उड़ाएंगे।
वर्तमान में, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री एअर इंडिया के बी747 विमानों से यात्रा करते हैं।
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