विदेश की खबरें | आस्ट्रेलियाई खुफिया एजेंसी प्रमुख ने अप्रत्याशित जासूसी खतरे को लेकर आगाह किया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

आस्ट्रेलियन सेक्युरिटी इंटेलीजेंस ऑर्गेनाइजेशन (एएसआईओ) के सुरक्षा महासचिव माईक बुर्गेस ने 21 पन्नों के अपने आकलन भाषण में कहा है कि कई देश अपने हितों को आगे बढ़ाने और आस्ट्रेलिया के हितों को कमजोर करने के लिए जासूसी एवं विदेशी हस्तक्षेप कर रहे हैं।

बुर्गेस ने कहा, ‘‘ वे चोरी-छिपे आस्ट्रेलिया की राजनीति, निर्णय लेने की प्रक्रिया, हमारे गठबंधनों, साझेदारी एवं हमारी आर्थिक एवं नीतिगत प्राथमिकताओं को समझने के लिए जासूसी का सहारा ले रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ एएसआईओ के आकलन के अनुसार आस्ट्रेलिया के इतिहास में किसी भी समय के मुकाबले जासूसी एवं विदेशी दस्तावेज के लिए आस्ट्रेलियाई लोगों को सबसे अधिक निशाना बनाया जा रहा है, विदेशी खुफिया सेवाएं की उग्रताएं बढ़ रही हैं, जासूसी बढ़ रही है, अधिक लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, अधिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है, एएसआईओ को अधिक जांच करनी पड़ रही है, एएसआईओ को अधिक बाधाएं पहुंचायी जा रही है। ’’

उन्होंने कहा कि वह जिस पद पर बैठे हैं वहां से यह महसूस कर सकते हैं कि लड़ाई बहुत निकट से लड़ी जा रही है।

आस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में एएसआईओ मुख्यालय में भाषण होने से पहले उनके वक्तव्य को मीडिया को जारी किया गया है।

उन्होंने कहा कि सितंबर, 2021 में आस्ट्रेलिया को अमेरिकी परमाणु प्रौद्योगिकी आधारित पनडुब्बियों का बेड़े देने के मकसद से जब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन , तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और तत्कालीन आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने त्रिपक्षीय समझौते की घोषणा की थी तब से उनकी एजेंसी ने महसूस किया कि आस्ट्रेलिया के रक्षा उद्योगों में कार्यरत लोगों को आनलाइन तरीके से निशाना बनाने के चलन में तेजी आयी है।

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