तिरूवनंतपुरम/ पलक्कल, 10 जून सोने की तस्करी के मामले में मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश द्वारा शुक्रवार को जारी एक व्यक्ति के साथ उनकी कथित बातचीत के ऑडियो क्लिप ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्ष के प्रदर्शन में आग में घी डालने का काम किया है।
स्वप्ना ने शुक्रवार को अपने दावे को साबित करने के लिए एक व्यक्ति के साथ अपनी कथित बातचीत का ऑडियो क्लिप जारी किया। इस व्यक्ति के बारे में उनका दावा है कि सरकार में शक्तिशाली लोगों के साथ उसका संपर्क है।
उन्होंने दावा किया कि तस्करी गतिविधियों में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके परिवार के सदस्यों की कथित भूमिका पर हाल ही में एक मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए उनके बयान से उत्पन्न स्थिति पर समझौता करने के उद्देश्य से उनसे संपर्क किया था।
कथित ऑडियो क्लिप में जो व्यक्ति है वह एक पूर्व पत्रकार है। उसका नाम शाज किरन है। ऑडियो में किरन को स्वप्ना से यह कहते हुये सुना जा सकता है कि उसने अदालत के समक्ष अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत बयान क्यों दर्ज करवाया है । उसने यह भी कहा कि तस्करी के संबंध में परिवार को निशाना बनाने वाले आपके (स्वप्ना के) बयान को मुख्यमंत्री बर्दाश्त नहीं करेंगे ।
ताजा घटनाक्रम के आलोक में विपक्षी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर इस्तीफे के लिये दबाब बनाना शुरू कर दिया है । पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस मामले में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किये और मार्च निकाला। सत्तारूढ़ माकपा लगातार इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री का बचाव कर रही है ।
एक दिन पहले किरन ने दावा किया कि था कि स्वप्ना ने बुधवार को उसे अपने कार्यालय में बुलाया था, जहां उसने केवल यह पूछा था कि उसने यह (स्वप्ना से) खुलासा अभी क्यों किया है और क्या उसे इस बात की जानकारी है कि उसे इसके परिणामस्वरूप किन कठिनाईंयों का सामना करना पडेगा।
राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ अपनी निकटता प्रदर्शित करने के लिये, ऑडियो क्लिप में उसे यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि उसे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक से फोन आए हैं और उसने कहा कि वह उनकी विदेश यात्रा को रोकने वाली कानूनी बाधाओं को दूर करने में मदद कर सकता है ।
ऑडियो में उसे यह भी कहते हुये सुना जा सकता है कि केंद्रीय खुफिया ब्यूरो से एक नोटिस आया है जिसमें खुलासा किया गया है कि सत्तारूढ़ एलडीएफ के दो शक्तिशाली नेताओं का फंड केरल स्थित ओरिएंटल प्रोटेस्टेंट चर्च के माध्यम से अमेरिका जा रहा था, जिसके कारण उसका एफसीआरए रद्द कर दिया गया था।
इन आरोपों को खारिज करते हुये चर्च के प्रवक्ता ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि वह किरन को एक पत्रकार के रूप में जानते हैं और चर्च को विवाद में घसीटने के लिये तथा इसकी छवि को खराब करने के लिये उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी ।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुये किरन ने दावा किया कि स्वप्ना सुरेश ने जो ऑडियो क्लिप जारी किया है, वह संपादित है और वह शनिवार को इसका मूल वर्जन जारी करेंगे।
ऑडियो क्लिप जारी करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में स्वप्ना ने कहा , ‘‘केरल में क्या हो रहा है । मैं एक आरोपी हूं । मैं इसे मान लेती हूं । मुझे माननीय अदालत में पूरा विश्वास है और निश्चित तौर पर जांच एजेंसी में भी जो मेरे मामले को देख रहे हैं ।’’
उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव एम शिवशंकर ने अतीत में किरन का परिचय मुख्यमंत्री और वाम दल के अन्य नेताओं के बेहद करीबी व्यक्ति के रूप में किया था।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुये विपक्षी दलों के बढ़ते विरोध के बीच प्रदेश में सत्तारूढ़ माकपा ने आरोप लगाया कि पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव हारने वाले विपक्ष ने राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के लिए फिर से सोने की तस्करी का मामला उठाया है।
माकपा के प्रदेश सचिव कोडियारी बालाकृष्णन ने आरोप लगाया कि उनके निशाने पर मुख्यमंत्री और उनका परिवार है ।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह मुख्यमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ संगठित हमला है । इसमें एक साजिश है । इसके पीछे राजनीतिक मंशा है ।’
सत्तारूढ़ एलडीएफ पर हमला बोलते हुये केरल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के सुधारकरन ने कहा कि यह स्पष्ट है कि केरल में माफिया के समूह का शासन है और गृह विभाग का नियंत्रण दलालों के हाथों में है ।
सुधाकरन ने कहा कि ऑडियो क्लिप के माध्यम से ताजा खुलासे के आलोक में, अदालत के अलावा किसी अन्य एजेंसी द्वारा जांच स्वीकार्य नहीं है।
शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी रहा।
कांग्रेस एवं युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रदेश में कलेक्टरेट और जिला मुख्यालय तक मार्च निकाला । कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री और प्रदेश की एलडीएफ सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
प्रदेश की राजधानी तिरूवनंतपुरम, कोझीकोड़, मलप्पुरम, कन्नूर समेत कई जिलों में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिये लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारें कीं।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुयी झड़प के बाद प्रदेश के कोल्लम जिले में कुछ समय के लिये तनाव फैल गया ।
मामूली हाथापाई में दो पुलिसकर्मी कथित रूप से घायल हो गये जबकि लाठीचार्ज में कांग्रेस के कई कार्यकर्ता जख्मी हो गये । कोट्टायम में प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से पुलिसकर्मियों पर पथराव किया ।
केरल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के सुधाकरण ने प्रदेशव्यापी प्रदर्शन की सचिवालय के सामने शुरूआत की। प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने एर्णाकुलम में इस प्रदर्शन की अगुवाई की ।
विधायकों और पूर्व मंत्रियों समेत पार्टी के विभिन्न वरिष्ठ नेताओं ने विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया ।
इस बीच, पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को नोटिस जारी कर चेतावनी देते हुये कहा कि राजनीतिक रूप से संवेदनशील कन्नूर जिले में कोई अप्रिय घटना हुयी तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी। इसके बाद विवाद पैदा हो गया है।
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