टोंक में पुलिस दल पर हमला, तीन पुलिसकर्मी घायल, सात आरोपी गिरफ्तार
उपमुख्यमंत्री और टोंक से विधायक सचिन पायलट ने घटना की निंदा करते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। वहीं भाजपा ने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।
जयपुर, 17 अप्रैल राजस्थान के टोंक शहर में कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ अभियान में लगे एक पुलिस दल पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया इसमें तीन पुलिस वाले घायल हो गये। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उपमुख्यमंत्री और टोंक से विधायक सचिन पायलट ने घटना की निंदा करते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। वहीं भाजपा ने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।
टोंक के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विपिन शर्मा ने बताया कि कुरैशियों के मोहल्ले में पुलिस दल पर पत्थर और लाठियों से कुछ लोगों ने हमला कर दिया जिससे तीन पुलिकर्मी घायल हो गये। तीनों घायल पुलिस कर्मियों को जिले के सआदत अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में 14—15 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जबकि सात नामजद लोगों को राजकार्य में बाधा, जानलेवा हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में खलील, फराज, सानू, खालिद, शरीफुर्रहमान, आमद मियां और शहजाद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 353 (राजकार्य में बाधा), 332 (सरकारी कर्मचारी से मारपीट करने) और 307 (जानलेवा हमला) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है। मामले की जांच की जा रही और इसमें और भी लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है।
वहीं उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने टोंक में कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ अभियान में ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों पर हमले की घटना की निंदा करते हुए शुक्रवार को कहा कि इस तरह के हमलों को कतई सहन नहीं किया जाएगा।
टोंक से विधायक पायलट ने इस मामले को लेकर दो ट्वीट किए जिसमें उन्होंने लिखा है कि वह टोंक में पुलिसकर्मियों पर दुर्भाग्यपूर्ण हमले की निंदा करते हैं और घायल सिपाहियों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने लिखा है कि ‘कोरोना वारियर’ पर हमले को कतई सहन नहीं किया जाएगा।
पायलट के अनुसार इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्राथमिकी में जिन सात लोगों के नाम थे उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है। पायलट के अनुसार, “जो लोग भी हिंसा में संलिप्त होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
वहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा.सतीश पूनियाँ ने आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि टोंक के कसाई मोहल्ले में कर्फ़्यू के दौरान लोगों को घरों में रहने के लिए समझाने गए पुलिसकर्मियों पर हमले की वह कड़ी निंदा करते हैं।
पूनियाँ ने इस बारे में राज्यपाल कलराज मिश्र से हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। राज्यपाल को हालात से अवगत कराते हुए उन्होंने राज्य में स्थिति बिगड़ने का आरोप लगाया।
पृथ्वी कुंज
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 17, 2020 06:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

