जम्मू, 11 अगस्त जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में बृहस्पतिवार को तड़के दो आतंकवादियों ने सेना के एक शिविर पर एक आत्मघाती हमला किया जिसमें तीन जवान शहीद हो गये। चार घंटे तक चली गोलीबारी के बाद दोनों आतंकवादी मारे गये।
जम्मू में सेना के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने बताया, ‘‘बृहस्पतिवार की तड़के, राजौरी जिले के पारगल में सेना की चौकी पर तैनात सतर्क संतरियों ने संदिग्ध व्यक्तियों को खराब मौसम का फायदा उठाते हुए चौकी के पास आते देखा।’’
उन्होंने कहा कि संतरियों ने उन दो आतंकवादियों को चुनौती दी जिन्होंने चौकी के अंदर प्रवेश करने का प्रयास करते हुए ग्रेनेड फेंके। उन्होंने बताया कि हालांकि, सतर्क सैनिकों ने क्षेत्र को घेर लिया।
आनंद ने बताया कि गोलीबारी में दो आतंकवादी मारे गये और इस अभियान में भारतीय सेना के छह सैनिक घायल हो गये और उनमें से तीन जवान शहीद हो गये।
उन्होंने बताया कि शहीद हुए सेना के जवानों में सूबेदार राजेंद्र प्रसाद (राजस्थान के झुंझुनू जिले के मालिगोवेन गांव के), राइफलमैन लक्ष्मणन डी (तमिलनाडु के मदुरै जिले के टी पुडुपट्टी गांव के) और राइफलमैन मनोज कुमार (हरियाणा के फरीदाबाद के शाहजहांपुर गांव के) थे।
अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यहां से 185 किलोमीटर दूर पारगल स्थित सैन्य शिविर के बाहरी घेरे से अंदर आने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों ने देर रात लगभग दो बजे पहली बार गोलीबारी की।
स्वतंत्रता दिवस के चार दिन पहले किया गया यह हमला लगभग तीन साल के अंतराल के बाद केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में ‘फिदायीन’ (आत्मघाती हमलावरों) की वापसी का संकेत है।
आखिरी आत्मघाती हमला 14 फरवरी 2019 को दक्षिण कश्मीर में पुलवामा जिले के लेथपोरा में हुआ था जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे।
पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने ‘पीटीआई-’ को बताया कि बृहस्पतिवार को हमला करने वाले दोनों ’फिदायीन’ संभवत: आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद के थे। सिंह के अनुसार, दोनों ने शिविर में घुसने का प्रयास किया लेकिन मारे गए।
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